अनाथ बच्चों से मुलाखत

                                                     

' नही नाथ ऐसा वो अनाथ !'



आज भी अनाथ इस शब्द को बोलते हुए लोग भी हिचकिचाते है। समाज में कुछ लोग ऐसे भी है जो अनाथ को कलंक समझते है। समाज के बड़ेबड़े पुढारी अनाथों पर बड़ीबड़ी speech देते है। पर ऐसे समाज के एखाद पुढारी को अनाथों का भार उठाने के लिए बोलो तो अपने हात खड़े कर देते है। कुछ पुढारी भी है जो जैसा बोलते है, वैसा ही करते है।

मेरे मन में भी एक दिन इच्छा जागृत हुई की ,एक बार तो भी अनाथ बच्चों से मिलु और उन्हें समजू या जीवनधारा को पास से देखू। अनजाने में ही एक दिन अनाथ आश्रम तुमसर मोहाडी ( भंडारा जिल्हा- महाराष्ट्र ) में है। जिसे चलानेवाले भैय्या का नाम है राजन भैय्या है। लेकिन वहाँ के सारे बच्चे उन्हें ''दया भाऊ ''करके ही पुकारते हैं। नाम के जैसे ही ''भैय्या'' हैं।
इस आश्रम में छोटी-छोटी कलिया थी -जिन्हें होश भी नही था। शायद कोई बालवाड़ी या 1st std . में होगी। और उनसे बड़ी भी लडकिया वहाँ पे थी। उनसे बात करने के लिए permission ली और उनके पास गया । उनके room में entry करते ही सारी लड़कियां आश्चर्य से देखने लगी। उनमें एक लड़की पढ़ाई कर रही थी। उसे 10th Std. में ४२% थे। 12th में उसे percent बढ़ाने थे। percent कैसे बढ़ाये जाते है। इस बारे में मुझे पूछने लगी थी । वह पूछते ही मैंने उसे जानकारी दी। इतने में ही लड़की उठी और मेरी ओर देखकर बोली-आप सरिता के भाई हो क्या? मैंने 'हाँ ' कहा। परंतु उनमे से किसी को भी सच नही लगा। क्यू की अनाथ को कोई भाई-बहन, माँ-बाप नही होते, यह उन्हें पता है। जो लडकिया अनाथालय में थी। उनमे से किसी के आँखो मे डर ,तो किसी के प्रति''आग''दिखाई दी। तो किसी की आँखों में आगे बढ़ने की जिद दिखी। शायद इसी का नाम ही संघर्ष है।

अनाथालय में रहनेवाले बच्चे अपना खुद का काम खुद करते है। क्यू कि हमारे आपके जैसे उन्हें '' लाड़प्यार '' करने वाला अपना कोई नही होता। अनाथ बच्चों को देखकर ऐसा लगा है की ---


कदम कदम पे है उन्हें चलना 

हर वक्त है उन्हें आगे बढ़ना 

दुनिया में अब इन्हें 

एक नई पहचान बनाना 

इस जीवन का नाम है ,संघर्ष 

दूसरों को बनाना तू हर्ष 

किसी पर तू कर न यकीन 

खुदपर तू कर भरोसा 

कोई किसका होता न यहाँ 

याद रखना तू यह हमेशा 

होसलों को कर बुलंद 

हर वक्त बढ़ तु आगे 

जिंदगी के हर डगर पर 

तू कभी पीछे न भाग। 

हर वक्त अपना बना ले 

तु वक्त का गुलाम न बन 

है मुझे कुछ साबित करना 

यह सोचके लेना तू दम। 

जिसका नही कोई साथी 

उसका होता है रब 

आँसुओं से तू कमजोर 

देखना, ठीक हो जायेगा सब। 

है, तुझे दुनियाँ से लढना 

हर जख्म को भी है तुझको भरना 

भूल तू जाएगी वरना 

लेकिन, ऐ दोस्त 

हरकदम है तुझको बढ़ना 

आगे ही आगे बढ़ना 

सिर्फ आगे ही आगे बढ़ना। 

Best Luck my deer Friends 

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