शब्द - WORD




''शब्द'' है एक तलवार
''शब्द'' से ही बढ़ता है प्यार 
'' शब्द '' कहलाये म्यान का तीर 
''शब्द '' से बनती भावनाओँ की खीर 
''शब्द '' से ही होती है हार





शब्द से ही होती है जित शब्द की परिभाषा

जुबा से बहार निकला हुआ ''शब्द'' कभी पीछे नही ले सकते। कभी-कबार इंसान के मुख से बाहर निकला हुआ अच्छा या गलत''शब्द'' इंसान को जिंदगी भर याद रहता है। इसीलिए इस  ''शब्द ''  को निकालते समय सोच-समज के बोलिये। मन के हर द्वार खोलने वाले भी ''शब्द'' ही  होते है। संत तुकाराम महाराज ने शब्दों को "शस्त्र '' की उपाधि दी है। ''शब्द'' शस्त्र की तरह होते है, एक पल में किसी को किसी से जोड़ते है, तो एक पल में ही किसी के दिल पर गहरा जखम भी करते है।  इसीलिए मानव के मन का बंद दरवाजा खोलने की चाबी '' शब्द '' ही है।

''शब्द '' ही देते दिल पर जखम 
''शब्द '' ही लगाते है उनपर  मरहम 
'' शब्द '' ही शक्ति है। 
''शब्दों''  में ही ईश्वर भक्ति है 
 ''शब्द '' में है वह ताकद 
जो बढ़ाती है हिमत 
''शब्द '' ही इंसान का धन 
''शब्द '' से ही मिलते है मन  
''शब्द '' शब्दों में वह शक्ति है 
जिससे खिले बाग -उपवन। 

मधुर ''शब्द '' मानवी मन में विश्वास के बीज बोते है। डर को भी दूर भागते है। इसके उलट कड़वा बोलनेवालेसे लोग हमेशा दूर ही भगाते है। इसलिए पवित्र शब्दों से दुनिया जितते आती है। simple है , काम होने पर किसी को smily face के साथ Thank you भी अगर बोले तो भी उसे अपने प्रति अच्छा Feel होता है।

 


मानोहि महंता धनम
कहते है की , मान - सन्मान संभालना भी हमारे ही हात में है।  इसलिए ''शब्द '' सोच समझकर बोलना चाहिए।  क्यों की इंसान जिंदगी में सबकुछ भुल सकता है , लेकिन याद में रहते है सिर्फ '' शब्द ''  '' शब्द '' ही जिंदगी की कसोटी होती है।  हर इंसान को जीवन के इस कसोटी पर उतरना ही होता है।  तभी इंसान का जीवन सफल और पूर्ण होता है। इसीलिए तो कहा गया है की।

'' शब्द '' में ही जान है ,
'' शब्द '' में ही है मरना,
'' शब्द '' का कुछ भरोसा नही, 
जिंदगी में कब सिखादे डरना।




प्रेरणा स्त्रोत

शब्दों में इतनी शक्ति है की ,यह जैसे सुख में साथ देते है , वैसे ही दर्द में भी मरहम बनकर साथ देते है। परंतु ''शब्दों'' को भी Limit होती है। जैसे की -कोई दुःख में हो तो उसके पीठ पर प्यार से रखा हुआ हात अगणित शब्दो के काम करता है।  ऐसे समय '' शब्द '' की जरूरत नही होती। इसलिए तो शब्दो को Feeling share करने वाला Medium कहा जाता है। परंतु ,मुख से निकला हुआ एक -एक Word भी संभालकर बोलना पड़ता है। क्यों की ''शब्द'' म्यान से छुटा हुआ तीर समजा जाता है। जिस तरह म्यान से निकला हुआ तीर वापस नही लिया जाता। उसी तरह मुख से निकला हुआ '' शब्द '' भी वापस नही होता , यह बात हम सभी जानते है। '' शब्द '' के आधार से प्यार की Feeling भी बया की जाती है। उसी प्रकार घुस्से के मारे मुखसे निकले हुए Words मन को दुखी कर देते है। 


माँ की गोदमें जो सुकून मिलता है , वही सुकून प्यार भरे शब्दों से मिलता  है। जीवन के कठिन समय में ''शब्द'' ही हमारे साथी और यात्री बनते है। ''जीवन'' का दर्द मिटानेकी शक्ति भी शब्दों में ही है।  अगर हमारी Insult हुई तो हम कमजोर बन जाते है। ऐसे समय Powerful Word ही हमारी सहायता करते है।



संतो के विचार
संत तुलसीदासजी महाराज कहते है , 
'' कोयल काको देत है ,  
कागा कसो लेत है 
तुलसी मीठे वचन से 
जग अपनों करि लेत  


इसका अर्थ यह है की, प्यार से विश्व को जित सकते है। इस से ही शब्दों की शक्ति समज में आती है। सभी को शब्द की शक्ति मालूम ही है। इसीलिए , सावधान ! ''शब्द'' जरा संभलकर use कीजिये।

So , ''Speak carefully and save your relation ''  ''Best Luck ''

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