हम होंगे कामयाब एक दिन | We will be successful one day


आधुनिक हौशले बुलंद होते है , मंजिल उन्ही को मिलती है, जिनके हौशले में जान होती है  मंजिल एक दिन महीना या एक साल में नहीं मिलती इसके लिए भी कहि सालो तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती है जो इंसान आजतक कामयाब हुए है उनके पास समय नहीं है क्यू की वे समय खर्च नहीं करते बल्कि समय का सदुपयोग करते है समय का सदुपयोग जिसने किया उसे धन प्राप्ति से भी बढ़कर कामयाबी मिली है  कुछ लोग समय को पहचान नहीं शकते और अपना समय बेकार काम में लगाकर अपने समय का दुरूपयोग करते है दोस्तों अच्छे काम में खर्च किया गया समय भले ही आपको फल ना दे लेकिन आपको आगे बढ़ने में जरूर मदद करता है।

कामयाबी की परिभाषा

एक नजर प्यार से उठाकर तो देखो

नफरतों को दिल से मिटाकर तो देखो

कौन कहता है इंसानियत जुड़ा हो गई है

शरीफों शराफत बेवफा हो गई है

पहले खुद को परको फिर बाहर देखो

एक नजर प्यार से उठाकर तो देखो।
लक्ष्य बनाना है तो अमीरी का मत बनाओ

खुद से पहले दुसरो के ख्वाबों को सजाओ

हर इन्सान खुशहाल हो उन नजरों से देखो

एक नजर प्यार से उठाकर तो देखो।

दौलत से सुख की कोई पहचान नहीं है

प्रेम से ज्यादा कोई मूल्यवान नहीं है

यकीन नहीं आता तो उन दौलतमंदों को देखो

एक नजर प्यार से उठाकर तो देखो।

बदलना ही है तो आज ही बदल लो

कल कभी आता नहीं यह अच्छी तरह समझ लो

जिन्होंने कल पे छोड़ा उनकी हालत देखो

एक नजर प्यार से उठाकर तो देखो।

समय किसी के लिए रुकता नहीं मन में जिद्द और लगन से काम करने से कामयाबी जरूर मिलती है।




महात्मा फुले 

अपने आखरी दिनों मे पैरालिसिस से परेशान थे पैरालिसिस से उनका दाहिना हात काम नहीं करता था फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी अपना अधुरा काम उन्होंने बाहे हात से पूरा किया।



मेरी कॉम
यह स्लम एरिया की लड़की थी जहा सिर्फ गंदगी,कुसंस्कार ,शिक्षा का अभाव आदि दिखाई देता है मेरि कॉम में बॉक्सिंग करने की योग्यता है ऐसा उसे भी नहीं पता था लेकिन वैसा गाइडेन्स मिलने पर उसने अपनी योग्यता को डेव्हलप किया और आज वह सारे विश्व में बॉक्सिंग चैम्पियन के नाम से पहचानी जाती है।



वूल्मा रूडाल्फ

अमेरिका के है बचपन से बीमार रहती थी उसके ममी-पापा और रिलेटिव सभी का प्यार-दुलार मिलता था लेकिन वह इस से खुश नहीं थी उसे खेल में बहुत लगाव था उसने अपना समय व्यर्थ नहीं जाने दिया धीरे-धीरे चलने की कोशिस की और एक दिन लगन और योग्यता से वह अथलिटिक्स में ३ सोने के मेडल मिले।

महिलाएं कहते है की शादी के बाद हम बहुत बिझी होते है हम पढ़ नहीं सकते या आगे बढ़ भी नहीं शकते ऐसे महिलाओं के लिए भी दुनिया में बहुत उदाहरण है।

एक मैडम है उन्हें दो जुड़वाँ बेटिया हुई थी बच्चियाँ नन्ही कलियाँ ही थी वैसे हालत में ही उन्हों ने एम.पी.एस.सी की परीक्षा में २००७ में १४ वे नंबर पर थे।

हम क्या करना चाहते है ? हमारी मंजिल क्या है ? पहले उसे तय कर लीजिए एक बार मंजिल को मन में ठान ली तो फिर आपको कोई रोख नहीं सकता।

कामयाबी के बारे में हम सोचेंगे तो कामयाबी मिलेगी बस फर्क सिर्फ इतना है की हमे सयम,धीरज आदि से काम करना पड़ता है और हमें अपने बारे में अच्छा सोचना चाहिए क्यों की हमारी सोच ही हमे आगे बढ़ाती है कामयाबी की और ले जाती है अपने कार्य, काम को ईमानदारी से करो

इसीलिए एक्सपीरियंस होल्डर्स ने कहा है की आप हर समय पॉजिटिव सोचिए क्यों की हर किसी में कुछ न कुछ योग्यता होती है खुदसे प्यार करनेवाले खुद को एक दिन मंजिल तक ले जाते ही है।

'' So, Think positive, you will get success ''
                               
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