एयरलाइंस में करियर | Career in Airlines


हमारा देश वर्ल्ड एविएशन मार्केट में वर्ष २०२० तक विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश तथा वर्ष २०५० तक विश्व का सबसे बड़ा देश बनने की संभावनाए रखता है। इस प्रकार की चमकीली संभावनाओं को देखते हुए हमारे देश में कम लागत में हवाई यात्रा करने वाली एयरलाइंस की संख्या बहुत बढ़ गई है।

Carrier in the Airlines


एयरलाइंस इंडस्ट्री बहुत विशाल है तथा इसे अपने विभिन्न विभागों में विविध प्रकार की कुशलता रखने वाले व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। इसलिए इस क्षेत्र में अनेक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध है। पायलट प्रशिक्षण तथा केबिन क्रू प्रशिक्षण एरलाइन्स इंडस्ट्री के प्रशिद्ध पाठ्यक्रम है।

पायलट   

एक वाणिज्यिक (कमर्शियल ) पायलट बनकर आप रोमांचक तथा आकर्षक जीवन बिताने के अपने सपने को साकार कर सकते है तथा एक बहुत बढ़ा वेतन पैकेज प्राप्त कर सकते है। पायलट का शारीरिक तथा मानसिक रूपसे पूर्णतः स्वस्थ होना जरुरी होता है। साथ ही उसकी नेत्र दृष्टी तथा रंग दॄष्टि भी अच्छी होनी चाहिए। कोई भी ऐसा उमीदवार जिसकी आयु १८ वर्ष से अधिक हो,भौतिक एंव गणित अनिवार्य विषयों के रूप में लेकर विज्ञानं विषय समूह से १२ वि या जिसने किसी भी इंजीनियरिंग विधा में डिप्लोमा प्राप्त किया है। वह भारत में वाणिज्यिक पायलट बनने के लिए लाइसेन्स प्राप्त कर सकता है। कमर्शियल पायलट बनने में १५ से २० लाख रूपये खर्च होते है।


स्टुटेंट पायलट लाइसेंस 

कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में पहला कदम एस पी एल  ( स्टूडेंट पायलट लाइसेंस ) प्राप्त करना होता है। इसके लिए आवेदन करने हेतु कम से कम १६ वर्ष की आयु का होने के साथ सामान्यतः १२वी  ( भौतिक, रसायन एंव गणित विषय समूह )  न्यूनतम ५० अंको के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। एसपीएल की आवेदन प्रक्रिया हवाई विनिमयों,नेविगेशन,मौसम विज्ञान आदि की सैद्धांतिक तथा मौखिक परीक्षाओं से शुरू होती है।  उसके बाद आपको नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा अनुमोदित स्वास्थ्य उपयुक्त प्रमाणपत्र, सिक्युरिटी क्लियरेंस तथा १०००० रूपये की एक बैंक गारंटी देनी होती है। इस परीक्षा को जब आप सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लेते है तब आप एक स्टूडेंट पायलट लाइसेंस प्रमाणपत्र के साथ वाणिज्यिक पायलट बनाने की दिशा में अपनी पहली सीढ़ी पार कर लेते है। इस लायसेंस के आधार पर आप फ्लाइंग क्लब में प्रवेश लेकर छोटे एक -दो सीटर विमान उड़ाने का प्रशिक्षण प्राप्त करते है




प्राइवेट पायलट लाइसेंस ( पीपीएल )

मनोरंजन के लिए अथवा प्राइवेट स्पोर्ट रूप में उड़ान भरने के लिए पीपीएल एक आवशयक लाइसेंस होता है। पीपीएल अपने लायसेंसधारियों को ऐसे विमानों के पायलट अथवा को-पायलट  उड़ान भरने का अवसर प्रदान करता है जो विमान सार्वजानिक परिवहन अथवा हवाई कार्य के उद्देश्य से नहीं उड़ाए जाते है। पीपीएल प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार के पास कुल ६० घंटे के उड़ान का अभ्यास होना चाहिए। ६० घंटो के उड़ान का अनुभव होने के उपरांत आप प्राइवेट पायलट लाइसेंस परीक्षा में बैठ सकते है। इसके अलावा पीपीएल के लिए पात्र बनने हेतु प्रत्याशित पायलट को विमानन बारे में उड़ान विद्यालय केंद्र तथा डीजीसीए सैद्धांतिक परीक्षा में उपस्थित होना होता है और एएफसीएमई ( वायुसेना केंद्रीय चिकित्सा संस्थान ) से एक चकित्सा स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है।


  
कमर्शियल पायलट लायसेंस ( सीपीएल ) 

एक कमर्शियल पायलट बनने की दिशा में अंतिम कदम कम से कम २५० घंटो की उड़ान भरने के बाद वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस प्रदान किया जाता है। सीपीएल  बाद इंस्टूमेंटिग एंव टाइप रेंटिग प्रमाणन भी आवश्यक होता है। रेडियो टेलीफोनी की परीक्षा भी इसके साथ उत्तीर्ण करनी होती है। कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त  बाद आप सार्वजनिक परिवहन के विमानों उडा सकते है। कमर्शियल पायलय लाइसेंस प्राप्त करने के उपरांत डिफेंस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स भी ज्वाइन की जा सकती है।



केबिन क्रू 

किसी विमान पर तैनात स्टॉफ को समान्यतः दो वर्गों में विभाजित किया जाता है। एक उड़ान कर्मी (फ्लाइट क्रू ) तथा दूसरा कैबिन कर्मी (कैबिन क्रू )पहले वर्ग में वे कर्मी होते है जो विमान को उड़ाते है। तथा दूसरे वर्ग (कैबिन क्रू ) के कर्मी  यात्री क्षेत्र  कार्य करते है। कैबिन क्रू में सहायक स्टीवर्ड्स तथा एयर होस्ट्स शामिल होती है। कई एयरलाइंस दके केबिन क्रू को किसी विशेष हवाई अड्डों के आसपास रहने की आवश्यकता होती है,क्योंकि इन केबिन क्रू को अल्प सुचना पर सेवा हेतु बुलाया जा सकता है। केबिन क्रू बनने के लिए किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री अथवा १२ वि परीक्षा के साथ होटल प्रबंधन में तीन वर्षीय डिफ्पलोमा तथा सामान्यतः राष्ट्रीय भाषा और अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक होता है। उम्मीदवार शाररिक रूप से स्वस्थ तथा आकर्षक व्यक्ति तथा अच्छे रूप रंग वाला होना चाहिए। आयु सिमा २५ वर्ष से कम होनी  चाहिए उम्मीदवार की न्यूनतम दूर दॄष्टि प्रत्येक आँख में ६/२४ होनी चाहिए। उम्मीदवार अविवाहित होना चाहिए। 

शासकीय तथा सरकारी क्षेत्रों की एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया में केबिन क्रू के रूप में रोजगार के उजले अवसर उपलब्ध है। अधिकतर कैबिन क्रू घरेलू एंव आंतरराष्ट्रीय मार्गों  चलने वाली प्राइवेट एयरलाइन्स में करियर बनाना पसंद करते है। अनुभव प्राप्त करने के बाद कैबिन क्रू पर्यवेक्षक बन सकते है तथा उन्हें अपने से कैबिन क्रू के कार्यों की निगरानी करने का दायित्व सैपा जाता है। अधकांश एयरलाइन्स अपने कैबिन क्रू को उन्ही उपयुक्तता  आधार पर एयरलाइन्स में अन्य कामों का विकल्प भी प्रदान करती है। कुछ एयरलाइन्स वरिष्ठ कैबिन क्रू सदस्यों को प्रशासनिक एवं अन्य कार्य भी सैपती है।



कॉलेज के नाम         

➢ भारतीय विमानन अकादमी, मुंबई 

➡ राजकीय विमानन वैमानिकी संस्थान, भुवनेश्वर 

➡ अखिल भारतीय वैमानिकी संस्थान, देहरादून 

➡ राजीव गाँधी विमानन अकादमी, सिकंदराबाद 

➡ विमानन एंव वैमानिकी संस्थान, अहमदाबाद

➡ राजकीय उड़ान प्रशिक्षण विद्यालय, बैंगलुरु 

➡ इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, बरेली 

➡ इंडियन एयरलाइन्स लिमिटेड केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, हैदराबाद 

➡ मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब, इंदौर 

    दोस्तों इन कॉलेज में पढ़ाई कर सकते हो।  

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