फैशन डिझाइनिंग में करिअर


आर्थिक उदारीकरण के बाद देश में फैशन उद्योग बहुत तेजी से विकाश कर रहा है। बहुराष्ट्रीय फैशन कंपनियों आने के बाद फैशन बिजनेश के कारोबार में गुणात्मक वृद्धि हुई है। इन दिनों फैशन ऐसे विशाल उद्योग में तब्दील हो चुका है,जिसमे रचनात्मक सोच वाले प्रशिक्षुओं को तुरंत रोजगार मिल जाता है। वस्त्रनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी और पिछले कुछ वर्षो में फैशनेबल  वस्त्रों, परिधानों के आपूर्तिकर्ता के रूप में दुनियाभर में भारत की साख बहुत बढ़ी है, भारत से होने वाले कुल निर्यात का तकरीबन एक तिहाई भाग वस्त्र उद्योग द्वार पूरा किया जाता है।


फैशन डिझाइनिंग क्या हैं ?

फैशन का प्रचार आज के युग में बहुत ही लोकप्रिय रहा है लेकिन आज के उपभोक्तावादी दौर में इस क्षेत्र ने अपने हाथ-पैर बहुत लंबे-पसार लिए है। आज देश में फैशन इंडस्ट्री शीर्ष उद्योगों की श्रेणी में गिनी जा रही है। जब फैशन उद्योग इतनी बुलंदी पर है तो उसमें रोजगार के मौके भी उतनी ही तेजी से पैदा होंगे और योग्य प्रोफेशनल्स की मांग जोरों पर होगी। 

प्रशिक्षित फैसन डिजाइनों का कार्यक्षेत्र है वस्त्र और परिधानों के कलात्मक और आकर्षक डिजाइन निर्मित करना और मार्केट मांग  अनुसार एम्ब्रायडरी, बिड्स और ब्रोस आदि बनाना। फैशन डिजाइनिंग का यह कार्यक्षेत्र बहुत चुनौतीभरा है क्योंकि कोई भी फैशन बहुत दिनों तक नहीं चलता है। बदलते परिवेश में नित नए डिझाइन पेश करना इनका दायित्व होता है। फैसन डिझाइनिंग के जॉब ओरिएंडेट पाठ्यक्रमों  अंतर्गत स्केचिंग, लायनिंग, फैशन डिझाइन आइडिया, पैटर्न मेकिंग, टेलरिंग आदि की विशेष ट्रेनिंग  जाती है। फैशन की रंग -बिरंगी दुनिया में भविष्य सवारने के लिए कई नए जॉब ओरिएंटेड कोर्स अस्तित्व में आ चुके है।


फैशन डिझाइनिंग कोर्स की जानकारी 

१ ) अपेरल डिझाइनिंग - अपेरल डिझाइनिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश  लिए किसी भी विषय में १२ वीं की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को तीन माह की इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के लिए कपड़ा मीलों,फैशन कंपनियों तथा टेक्सटाइल मिलों आदि में भेजा जाता है।  इस कोर्स को पूरा पढ़ने के बाद राष्ट्रीय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों में फैशन डिझायनर,फैशन को-ऑर्डिनेटर की जगह रहने पर उने लिया जाता है। 

२ ) कम्प्यूटरएडेड  फैशन डिजाइन- फैशन इंडस्ट्री में आज के युग में कम्प्यूटर एडेड फैशन डिजाइन की बहुत मांग है। इस कोर्स के अंतर्गत कम्प्यूटर पर डिजाइनिंग वर्क सिखाया जाता है, साथ ही कम्प्यूटर के माध्यम से फैशन के क्षेत्र में विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। दरअसल अब लगभग हर एक्सपोर्ट, हर प्रोडक्ट डेवलपमेंट कम्पनियो में कम्प्यूटर आधारित डिजाइनिंग वर्क हो रहा है इसलिय इस तरह के प्रशिक्षण के बाद किसी भी फैसन उत्पाद इकाई में काम मिल जाता है। 

फैशन मैनेजमेंट - नेशननल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्रोलॉजी (निफ्ट )नई दिल्ली, जो भारत सरकार के कपडा मंत्रलय द्वार चालू है। के अंतर्गत भी फैशन आधारित रोजगार पर कई पाठ्यक्रम संचालित है। यहा के फैशन मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक उत्तीर्ण  होना आवश्यक है।  

दो वर्षीय इस पाठ्यक्रम को पूरा करने वाले युवा फैसन उद्योग में प्रबंधकीय,प्रशासनिक पदों पर बहुत अच्छे वेतनमान पर नियुक्त हो  सकते है। फैशन कारोबार के क्षेत्र में ब्रांड मैनेजर,प्रोडक्शन मैनेजर,प्रोडक्ट डेवलपमेंट,रिटेल मैनजमेंट,विजुअल मर्चेंडाइजिंग आदि क्षेत्रों में नियुक्ति हो सकती है। 

४ ) फैशन एंड अपेरल मर्चेंडाइजिंग - फैशन एंड अपेरल मर्चेडाइजिंग पाठ्यक्रम में नाम दाखिल करने के लिए बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में छात्रों को तीन माह की ट्रेनिंग के लिए विभिन्न टेक्सटाइल कंफनियो में भेजा जाता है। 

५ ) टेक्सटाइल डिजाइनिंग - टेक्सटाइल डिजाइनिंग के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय में बारवी उत्तीर्ण होना आवश्यक है।  इस कोर्स की अवधी १ वर्ष है, इस कोर्स के अंतर्गत क्षेत्रों को वस्त्र प्रौद्योगिकी तथा डेक्स्टाइल डिजाइनिंग के नवीनतम पैटर्न से अवगत कराया जाता है। प्रशिक्षण के लिए टेक्सटाइल मीलों, कपड़ा मीलों में विजुअल मैनेजर, पैकेजिंग मैनेजर,डेक्स्टाइल एडवरटाइजर आदि के रूप में नियुक्ति के अवसर है।  

६ ) फैशन कम्युनिकेशन - ओरिएंटेड कोर्स को करने के लिए न्यूनतम शैक्षणि योग्यता बारहवीं परीक्षा किसी भी विषय में उत्तीर्ण होना आवश्यक है इस पाठ्यक्रम को एक तरह से फैशन पत्रकारिता कोर्स भी कहा जा सकता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद फैशन उद्योग में रचनात्मक,सृजनात्मक भूमिका अदा की जा सकती है। मसलन विजुअल मर्केंडाइजिंग मैनेजर,पैकेजिंग मैनेजर,एक्जीबिशन मैनेजर,फैशन एडवरटाइजिंग,पब्लिसिटी मैनेजर फैशन जर्नलिस्ट आदि के रूप में करियर बनाया जा सकता है।




फैशन डिजाइनिंग कोर्स करने के फायदे 

फैशन डिजाइनिंग कोर्स करने के बाद राष्ट्रीय तथा बहुराष्ट्रीय फैशन कंपनियों में नौकरी मिल जाती है। मसलन, ब्लैक बेरोज, ग्लोब्स, पेंटालून,प्रोलाइन, मदुरा गारमेंट,गैप, ली एंड फंग,टॉमी मिल फॉयर, ट्राइवर्ग और कोल्बी आदि कंपनियों में आकर्षक वेतनमान पर नियुक्ति के अवसर है। इसके अलावा नाईक, सी.एंड ए.,जेसी पेन्नी, जॉकी,लेविस, स्ट्रास जैसी अंतरराष्ट्रीय फैशन कंपनियों में भी रोजगार की संभावनाएं है। आप चाहे तो स्वतंत्र रूप से भी इस क्षेत्र में उजला करियर है। 

फैशन मार्केट में प्रशिक्षुओं की डिमांड बढ़ाने के कारन सरकारी तथा निजी क्षेत्र में बहुत से स्तरीय फैशन संस्थान अस्तित्व में आ चुके है। जहा फैशन उद्योग की जरूरतों के मद्देनजर प्रोफेशनल्स तैयार किए जा रहे है। जिस तरह के प्रोफेशनल्स की बाजार में मांग है। आज अधिकतर संस्थानों द्वारा उसी तरह के फैशन डिजाइनिंग कोर्स संचालित किए जा रहे है। इसलिय कोर्स पूर्ण होते ही तुरंत रोजगार मिल जाता है।



फैशन डिजाइनिंग कोर्स के कॉलेज

➛ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्रोलॉजी (निफ्ट ) मुंबई /नई दिल्ली /कोलकाता /बेंगलूर /हैदराबाद /चेन्नई। गाँधी नगर

➛ यशवंत राव चव्हाण, महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी, नासिक ( महाराष्ट्र )

➛ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिजाइन, पालड़ी अहमदाबाद

➛ राजश्री टनटन ओपन यूनिवर्सिटी नई दिल्ली

➛ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन डिजाइन, नई दिल्ली 

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