आर.सी.एम श्योर सुगर



दोस्तों नमस्ते आज हम आपको इस लेख में  आर.सी.एम श्योर सुगर  के बारे में बताएँगे की गन्ने के फसल के लिए बहुत ही उपयोगी है।

rcm sure sugar


गन्ना एक ऐसी फसल है जो किसान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसका आर्थिक प्रतिफल भी अच्छा लिया जा सकता है। गन्ने की फसल ज्यादा खुराक लेती है और इसको तैयार होने में ज्यादा समय लगता है इसलिए इसके हिसाब से मात्रा बढ़ाई गई है और चार चरण की बजाय पांच चरण में यह उपचार किया जाता है। 

आर.सी.एम श्योर सुगर पैकेट जानकारी   

इसका  पैकेट भी एक एकड़ भूमि के लिए बनाया गया है। इसका कुल नेट वजन 1400 ग्राम है प्रथम खुराक 250 ग्राम, द्वितीय 200 ग्राम, तृतीय 300 ग्राम, चतुर्थ 250 ग्राम, और पाँचवी खुराक 400 ग्राम मात्रा है। प्रथम और चतुर्थ उपचार भूमि के लिए है और द्वितीय, तृतीय और पांचवा उपचार पौधो के लिए है। देने की विधि आर सी एम हरित संजीवनी की तरह है।

गन्ने के पत्तो पर पानी ठहरता नहीं है इसलिए इसके साथ एक विशेष प्रकार के एडज्यूएट की बोतल साथ में दी जाती है। द्वितीय,तृतीय और पाँचवे उपचार में यह एडज्यूएट पानी में मिलाना है बाकि तरीका समान है 

यह विशेष उपचार गन्ने की फसल के किये बहुत लाभदायक है। 

प्रक्रिया 1 : जड़ों की वृद्धि और भूमि की उपजन क्षमता की उपचार प्रक्रिया ( 250 )      

यह उपचार गन्ना लगाते समय या लगाने के 25 दिन बाद तक दिया जाना चाहिये 


इस्तेमाल की विधि 
  • यूरिया या पाउडर रूप वाली अन्य कोई खाद में मिलाए और समान अनुपात में पूरी जगह पर फैला दे 
  • या 30 - 40 किलो सुखी मिट्टी में मिला दे और पूरी जगह पर फैला दें। 
  • या ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से उपचार देने के लिए मुख्य टैंक में मिला दे और अच्छी तरह हिलाये। 

प्रक्रिया 2 : ज्यादा और मजबूत अंकुरों के लिए उपचार प्रक्रिया (200) 

जड़ें विकसित होने के बाद गन्ने पर छोटी छोटी अंकुरों की पैदावार होती है। इसमें मौजूत विशिष्ट घटक गन्नों के अंकुरों की पैदावार बढ़ाते है। जितने ज्यादा तथा सक्षम अंकुर उतना ज्यादा उत्पाद। इसलिए इस तकनीक की सहायता से :- 


  • अंकुर की संख्या बढ़ती है। 
  • अंकुरों की पैदावार मजबूत होती है। 
  • अंकुरों की वृद्धि जोरों से होती है 
इस्तेमाल की विधि 

यह उपचार गन्ना लगाने के 35 से 45 दिनों तक देना। 2 ग्राम प्रति 1 लीटर पानी के अनुपात में उपयोग करनी चाहिए। 
  • आवश्यकता नुसार पानी लेकर बताये गए अनुपात में पाउडर मिला दे। शुरुवात में यह पानी पर तैरेगा। एक समान मिश्रण पाने के लिए अच्छी तरह हिलाएँ  इस मिश्रण में 60 ml एडज्यूएंट मिलाए। 
  • इस मिश्रण को पम्प में डाले और अच्छी तरह जिलाए। पूरे पौधो पर छिड़काव करे। 
ध्यान देने योग्य बातें 
  • बेहतरीन परिणामो के लिए सुबह 11 बजे से पहले या श्याम 4 बजे छिड़काव करे। 
  • छिड़काव के 4 घंटे के भीतर बारिश नहीं होनी चाहिए। 

प्रक्रिया 3 : लम्बे और मजबूत जोड़ों के लिए उपचार प्रक्रिया ( 300 ग्राम )

 अंकुरों की पैदावार बढ़ाने के बाद अगला उद्देश्य पत्तों का तथा जोड़ों का संतुलित विकास करना है। यह उपचर भी छिड़काव के माध्यम से दिया जाने के कारन पत्तों के जरिये सोखता है। 
  • पत्तों का आकार बढ़कर पत्ते हरे भरे होते है। 
  • प्रकाश संश्लेषण क्रिया अच्छी होती है 
  • पेड़ की वृद्धि तंदुरुस्त और तेजी से होती है 
  • जोड़ों की लम्बाई बढ़ती है 
  • जोड़ों का आकार पढ़ता है 
  • जोड़ों के संतुलित विकास से पुरे गन्ने में जीवन स्तर का आवागमन बढ़ता है इससे गन्ने का वजन तथा प्रतिफल बढ़ाने में मदद होती है। 
इस्तेमाल की विधि 
प्रक्रिया 2 के समान है इसकी मात्रा 300 ग्राम होने से एक खुराक के लिए 150 लीटर पानी लगेगा यह उपचार गन्ना लगाने के 55 से 65 दिनों तक देना है। मिश्रण में में 80 ml एडज्यूएंट मिलाकर छिड़काव करे।  

प्रक्रिया 4 : जड़ों की वृद्धि और भूमि की उपचार प्रक्रिया ( 250 )

गन्ने की फसल की आवश्यकता को मद्देनजर रखते हुए भूमि का उपचार इस प्रक्रिया के अंतर्गत एक बार प्रथम प्रक्रिया के समान और करना है, क्योंकी गन्ने की फसल को ज्यादा खुराक की आवश्यकता होती है इसिलिय भूमि की उपजन क्षमता को बनाये रखना जरूरी है। 

इस्तेमाल की विधि 

यह उपचार प्रथम प्रक्रिया के समान है भूमि में खाद या सुखी मिट्टी में मिलाकर देना है। यह उपचार गन्ना लगाने के 90 से 100 दिनों तक करना है। 

प्रक्रिया 5 : जोड़ों की ज्यादा पैदावार के लिए उपचार प्रक्रिया (400 )

इस प्रक्रिया की उपचार से गन्ने में जोड़ों की संख्या बढ़ती जाती है। ऐसी समय ज्यादा बढ़ने वाला गन्ना सम्पूर्ण सक्षम हो सके तथा अपना जीवन काल पूरा कर सके इसलिय आवश्यक विविध घटको का समावेश प्रक्रिया 5 में किया गया है। इस प्रक्रिया के उपचार से गन्ने के अंकुरों की पैदावार, जड़ों और गाठों की वृद्धि तथा गन्ने की लम्बाई में होने वाली वृद्धि से गन्ने का उत्पादन 40 से 50 प्रतिशत बढ़ सकता है, वो भी जमीन की उपजत क्षमता बरकरार रखते हुए। 

इस्तेमाल की विधि 

प्रक्रिया 3 के समान है इसकी मात्रा 400 ग्राम होने से खुराक के लिए 200 लीटर पानी लगेगा। यह उपचार  गन्ना लगाने के 100 से 120 दिनों तक देना है। मिश्रण में 110 ml एडज्यूएंट मिलकर छिड़काव करे। 

इस सेंद्रिय उपचार की वजह से भूमि या फसल पर कोई दुष्परिणाम नहीं होता है। बल्कि भूमि की बढाती हुई उपजत क्षमता की वजह से गन्ने की फसल वैकल्पिक पौधों के बिना लगातार कई सालों साल उगाई जा सकती है। इस क्रन्तिकारी आर.सी.एम श्योर सुगर उपचार प्रक्रिया से किसानों के जीवन में आर्थिक आजादी का नया सवेरा आयेगा इसमें कोई शक नहीं।

Read about - हरित संजीवनी
Read about - एनर्जी करें कंट्रोल


Share on Google Plus

About Blog Admin

He is CEO and Faunder of www.pravingyan.com He writes on this blog about Tech, Poems, Love story, General knowledge, Earn money, Helth tips, Great lord and motivational stories. He do share on this blog regularly.