NUTRICHARGE DHA - न्यूट्रीचार्ज डीएचए



दोस्तों नमस्ते

DHA

भारत में पहली बार अत्याधुनिक मशीनों और नवीनतम पेटेंटेड टेक्नोलॉजी द्वारा अमेरिका की एफएमसी कॉर्पोरेशन के तकनिकी सहयोग से स्थापित न्यूट्रीचार्ज के विश्वस्तरीय नए प्लांट में शाकाहारी डीएचए का शाकाहारी वेज सॉफ्ट केप्सूल बनाना संभव हो गया है


गर्भवती और दूध पिलाने वाली माँ द्वारा डीएचए का सेवन बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण में सहायक है। 

मान्यता है की फिश या फिश ऑइल का सेवन मस्तिष्क के निर्माण में सहायक है 
fish oil

फिश के सेवन से मस्तिष्क निर्माण में सहायक ओमेगा तत्व मिलते है। लोगों की सुविधा के  लिए वैज्ञानिकों ने फिश से फिश ऑइल प्राप्त किया और सिद्ध किया की उसमे भी मस्तिष्क निर्माण में सहायक ओमेगा तत्व होते है। 

ओमेगा तत्व 
omega 3

ओमेगा तत्व तीन प्रकार के होते है :- ओमेगा 3 , ओमेगा 6 ,ओमेगा 9,इन तीन तत्वों में से ओमेगा 3 सबसे महत्वपूर्ण होते है। यह भी मुख्यतः दो प्रकार के होते है - डीएचए और ईपीए। इनमें से डीएचए महत्वपूर्ण होता है।



डीएचए है मस्तिष्क निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण ओमेगा 3 तत्व

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डीएचए मस्तिष्क की मेंबरेंस के निर्माण,मस्तिष्क की कार्यशीलता और सुरक्षा के लिए भी बहुत जरुरी है। 

डीएचए - गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण के लिए 


pragnes woman


वैज्ञानिकों के अनुसार डीएचए गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चे के मस्तिष्क का निर्माण माँ के पेट में ही होने लगता है गर्भवस्था के दौरान महिला द्वारा पर्याप्त मात्रा में (400 मि.ग्रा प्रतिदिन) डीएचए का दैनिक सेवन गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क का समुचित निर्माण सुनिश्चित करता है।

जन्म से पहले-बच्चे को डीएचए की आपूर्ति  





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गर्भ में बच्चा माँ के शरीर से प्लेसेंटा द्वारा जुड़ा रहता है और इसी से जरुरी पोषण प्राप्त करता है। गर्भवती महिला द्वारा सेवन किया गया डीएचए भी माँ के रक्त से प्लेसेंटा द्वारा गर्भ में पल रहे बच्चे को मिलता है। 

प्लेसेंटा - गर्भ के बच्चे को माँ से जोड़ने वाली एक नली रूपी विशिष्ट सरंचना 

जन्म के बाद- बच्चे को डीएचए की आपूर्ति  

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जन्म के बाद बच्चे को डीएचए माँ के दूध द्वारा मिलता है। अतः गर्भावस्था और स्तनपान दोनों की पूरी अवधि में गर्भवती महिला को 400 मि.ग्रा डीएचए का दैनिक सेवन करना चाहिए।वास्तव में महिलाओं को डीएचए का सेवन प्रेग्नेंसी प्लान करते से ही शुरू कर देना चहिए।

माँ फिश ऑइल लेगी तभी बच्चे को डीएचए मिलेगा ?  

मांसाहारी के लिए डीएचए का प्रमुख स्त्रोत फिश या फिश ऑइल होता है। तो क्या बच्चे को डीएचए मिलने का एक मात्र तरीका गर्भवती माँ द्वारा ऑइल का सेवन ही है। 

भारत मुख्यतः शाकाहारी देश है 

अधिकांश भारतीय शाकाहारी है। गर्भावस्थ में और स्तनपान के दौरान ज्यादातर महिलायें भी शाकाहार लेती है जिसमें  डीएचए का आभाव होता है शाकाहारी गर्भवतियों और उनके बच्चो को आहार से डीएचए की पर्याप्त आपूर्ति अत्यंत कठिन है

समुद्री पौधें से प्राप्त शाकाहारी डीएचए ( डीएचए पाने की लंबी प्रक्रिया )

  डीएचए की वैज्ञानकि को ने खोज की उनको पता लगा की फिश से  डीएचए ( ऑइल ) मिलता है लेकिन यह माशाहारी  है शाकाहारियों के लिए क्या किया जाय  वैज्ञानि को ने और तर्क लगाया की मछली से डीएचए मिलता है लेकिन मछली डीएचए कहा से लाती है उनको पता चला की मछली समुंदर से लाती है। वैज्ञानिकों ने खोज चालू की उन्हों ने पता किया की मछली क्या खाती है, उन्हें पता लगा की मछली पौधे खाती है ( उन्हें समुन्द्री पौधे कहते है ) वैज्ञानिकों ने उस पौधों को ही खोज के निकाला और शुद्ध शाकाहारी डीएचए की निर्मिति की है।
डीएचए किस तरह से तयार किया गया है इसकी जानकारी निचे दिई है :-
      


इस तरह से डीएचए की उत्पती  हुई है।

न्यूट्रीचार्ज डीएचए मात्रा 

400 मि.ग्राम शाकाहारी एलीमेंटल डीएचए से युक्त वेज सॉफ्ट केप्सूल है, एक केप्सूल रोजाना गर्भावस्था और स्तनपान की पूरी अवधि के दौरान लेना चाहिए।

मरक्युरी जैसे दूषित तत्वों और बीमारियों के रोगाणुओं से मुक्त करता है।

डीएचए के फायदे और वैज्ञानिक द्वारा प्रमाणित 

डीएचए-मस्तिष्क के निर्माण का आधार :-
  1. विभिन्न देशों में हुई रिसर्च ने साबित कर दिया है की गर्भावस्था और स्तनपान की पूरी अवधि के दौरान माँ द्वारा प्रतिदिन 400 मि ग्राम डीएचए का सेवन बच्चे के मस्तिष्क के समुचित निर्माण के लिए जरूरी है और माँ की आवश्यकताओं की पूर्ति में भी लाभदायक है 
  2. गर्भवती माँ के 400 मि ग्राम। डीएचए के दैनिक सेवन करने से गर्भ में पल रहे और जन्म के बाद नवजात बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  3. पेट के बच्चे और नवजात शिशु के लिए (माँ के द्वारा ) डीएचए का पर्याप्त आपूर्ति उसके मस्तिष्क के सर्वोत्तम निर्माण को सुनिशिवत करती है। नेशनलवाईड वील्डन हॉस्पिटल का रिसर्च सन्स्थान,डिपार्टमेंट ऑफ़ पीडियाड्रिक्स ओहाया स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका pharmacol Res. 2013April ; 70(1) : 13-19.  
  4. गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान माँ द्वारा डीएचए के पर्याप्त सेवन से बच्चे के सर ( मस्तिष्क ) का आकार और उसकी चीजों पर ध्यान देने और समझने की क्षमता बढ़ जाती है। नुट्रिएंट्स 2012,4,799-840 युनाइडेड किंगडम ( इंग्लैंड ) में प्रकाशित 
  5. माँ से मिलने वाला डीएचए गर्भ में पल रहे बच्चे और जन्म के बाद नवजात शिशु के मस्तिष्क में तेजी से जमा होता है और गर्भवती माँ द्वारा डीएचए के सेवन से बच्चे के मस्तिष्क के निर्माण में मदद मिलती है। माँ के रक्त या दूध द्वारा मिलने वाला डीएचए यूनिवर्सिटी ऑफ़ कॉपनहेगन,डेनमार्क एवं यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिलान,इटली की रिसर्च Nutrients2016,8 ;doi 10 .3390 /nu 8010006 
  6. गर्भवती माँ को गर्भस्थ बच्चे और दूध पिलाने वाली महिलाओं को नवजात शिशु के मस्तिष्क के उचित निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक डीएचए की पर्याप्त मात्रा रोज आहार में लेना चाहिए। इंडियन जनरल और पीडिएट्रिक्स २००५ में प्रकाशित रिसर्च Indian j Pediatr ,2005 mar;73 (3 ):239-
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