2020 में भारत एक विकसित देश बन जाएगा / In 2020 INDIA WILL BECOME A DEVELOPED COUNTRY


APJ Abdul kalam , Y.S.Rajan


डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम कि जीवनी 
डॉ.ए.पि.जे अब्दुल कलाम भारत के 11 वे राष्ट्रपति और '' भारतरत्न '' से सम्मानित

दि.22 मे 1989 को '' अग्नि '' के सफलतापूर्वक उडान से पुरे विश्व में डॉ .ए.पि.जे अब्दुल कलाम को '' मिसाईल मैन ''के नाम से जानने लगे। उसके बाद दूसरे ही साल में 26 जनवरी 1990 को डॉ.ए.पि.जे अब्दुल कलाम को भारत सरकार ने '' पद्मविभूषण'' पुरस्कार से समानित किया गया फरवरी 1990 में ' नाग ' यह रणगाडा विरोधी क्षेपणास्त्र सफलतापूर्वक उड़ाया गया। 15 अगस्त 1991 को लक्ष्यवेधी प्रकल्प के लास्ट के मिसाईल '' आकाश '' को अवकाश में उड़ाया गया 15 अक्टुम्बर 1991 को डॉ अब्दुल कलाम ने उम्र के 60 साल पुरे कर लिय थे उन्हों ने सरकारी नोकरी से निवृत्त होने का फैसला किया और सेवानिवृत्ति के बाद गरीब, गुणी, और दुर्लक्षित लड़कों के लिय अपने दोस्त प्रा. रामराव इनके साथ ' राव -कलाम ' शाला चालू करने का निशय किया लेकिन भारत सरकार ने अब्दुल कलाम को सेवानिवृत नही किया। भारत के युवा वर्ग के लिय क्या कर सकता हु उसका बिचार अपने मन में सदैव जागरूग रखा।



डॉ अब्दुल कलाम को ' तीसेक ' विद्यापीठ ने ' डॉक्टर ऑफ सायन्स ' यह पदवी देकर उनका समान किया।

हैदराबाद विद्यापीठ ने '' डॉक्टर ऑफ फिलॉसॉफी '' पदवी , मराठवाड़ा और औरंगाबाद विद्यापीठ ने  '' डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर '' , शांतिनिकेतन ने '' हे शिकोजन '' ( डी.लिट् पदवी ) देकर उनका सन्मान किया। आय.आय.टी मुंबई ने '' डॉक्टर ऑफ़ सायन्स '' और मध्यप्रदेश सरकार ने अभियांत्रिकी तंत्रज्ञान कार्य के लिए '' नॅशनल नेहरू अवार्ड '' देकर उनका गौरव किया गया।

सन 1992 में डॉ कलाम सरंक्षण मंत्री सल्लागार, सरंक्षण खाते का संशोधन विकास विभाग का सचिव और  डी.आर.डी.ओ के कार्य अध्यक्ष पद पर काम किए। सन 1993 को डॉ.अब्दुल कलाम '' टेक्नॉलॉजी इन्फर्मेशन फोरकॉस्टिंग असेसमेंट कॉनशील'' इस संस्था के अध्यक्ष बनाया गया। इस काम का मतलब ऐसा था की 2020 साल तक भारत एक विकसित देश कैसा बनेगा इस विषय पर अहवाल देना। यह काम अब्दुल कलाम को अच्छा लगा और राष्ट्रीय उत्थान के काम में उन्हें रस था इसलिए तत्काल काम पर लग गए।


इस विषय की जानकारी के और लोगो की राय जानने के लिए डॉ.अब्दुल कलाम भारत देश घूमे। भारत के  विद्यापीठ,संशोधन संस्था,प्रयोगशाला और शासकीय ख्याति इन से संपर्क करके जानकारी जमा की उसके लिए प्रशनावली तयार किए और उसे भारत के पाच हजार लोगो के तरफ  भेज दिया उन प्रशनावली को अच्छा प्रदिसाद मिला सभी जानकारी इकट्टा करके उसका अहवाल तयार करके उस समय के प्रधानमंत्री देवेगौड़ा जी के तरफ भेज दिया। पंतप्रधानजी ने उसका अभ्यास दि.02 अगस्त 1996 से चालू किया। टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन,फोरकॉस्टिंग अण्ड असेसमेंट कौंसिल( तयफक) इस संस्था समन्वय का काम डॉ. वाय एस राजन ने डॉ.अब्दुल कलाम के मार्गदर्शन में किया।इस अहवाल का अभ्यास करके ग्रंथ की निर्मिति हुई जिसका नाम है, '' इंडिया 2020 ए व्हिजन फॉर न्यू मिलेनियम '' इसका प्रकाशन 1998 में हुवा है।

डॉ.ए.पि.जे अब्दुल कलाम ''पद्मभूषण'' से सम्मानित
डॉ.ए.पि.जे अब्दुल कलाम कैसे किए  '' रोटो '' का निर्माण 
डॉ.ए.पि.जे अब्दुल कलाम कैसे बने मिसाईल मैन ?



डॉ.अब्दुल कलाम इस ग्रंथ की जानकरी जमा करने के लिए भारत भ्रमण किय समाज में लोकों के आगे व्याख्यान किए, व्याख्यान होने के बाद स्वाक्षरी लेने के लिए नोट बुक पकड़ के लड़के लडकिया आते थे एक लड़की को कलाम जी ने प्रश्न किया, तुझे क्या करना है ?  उस लड़की ने जबाब दिया, सर मुझे विकसित भारत में रहना है डॉ.अब्दुल कलाम ने पुस्तक उसी लड़की को अपर्ण कीया।

इस ग्रंथ में क्या है ? विकास और विकसित देश क्या होता है ? विश्व में विकसित देश कौन-कौन से है। आजतक विकसित देश का दर्जा प्राप्त किया। देश ने अपनी प्रगति कैसे की है, अमेरिका , यूरोप , रशिया , चीन , इस्र्तालय , जपान , मलेशिया etc. विश्व के विकसित देश है इन देशों ने विकास कैसे  किया ? इसकी आकडेवारी देकर कलाम जी ने स्पष्ट किया है।

 भारत देश विकसित बनने के लिए डॉ.ए.पि जे अब्दुल कलम और डॉ.राजन इन्होंने सूत्र ग्रंथ में लिखें वे सूत्र क्या है, हम जान लेते है।

1 . स्वातंत्रता   2 . विकास  3 . आत्मसम्मान  4 . विकास रणनीति  5 . विज्ञान-प्रौद्योगिकी

इनमें से स्वतंत्रता , विकास और आत्मसम्मान यह बुनियादी मौलिक तत्व है, और विकास रणनीति , विज्ञान-प्रौद्योगिकी यह विकास करनेवाले सूत्र है।

डॉ.अब्दुल कलाम ने हैदराबाद के '' निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सायन '' को व्हीजिट की  इस संस्था में  पोलियोपीडित लड़कों को देखा, लड़के अपने पैर को वालयदार कैलिपर बांध के एक लड़का धीरे-धीरे चल रहा था।  उसे देख कर अब्दुल कलाम को अच्छा नहीं लगा उन्हों ने डिपार्टमेंट ऑफ सायन्स अण्ड  टेक्नॉलॉजी '' की मदद से लष्कर प्रयोगशाला से हलका मिश्रन का प्रयोग करके कैलिपर बनाने का काम चालू किए।

लड़के हलका कैलिपर्स लगाके चलते थे। उन्हें देख कर अब्दुल कलाम बहुत खुश होते थे।

सन 1994 में '' आर्यभट्ट '' अवॉर्ड , 1996 में आंध्र प्रदेश अकैडमी ने '' नयुड़म्मा स्मृति स्वर्णपदक से सम्मानित , विज्ञान-तंत्रज्ञान के कार्यप्रति उन्हें '' जी.एम मोदी '' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, एच के फरोदिया , राष्ट्रीय एकात्मता विषय के कार्य के प्रति उन्हें इंदिरा गाँधी अवॉर्ड  आदि से नवाजा गया।

    01 मार्च 1998 को डॉ.ए.पि.जे.अब्दुल कलाम जी को भारत सरकार ने '' भारतरत्न '' इस उच्चतम मूल्य के नागरी सन्मान से उन्हें नवाजा गया।
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