गृहिणी : एक सुपर- वूमन / Housewife: A Super-Woman


Houswife super woman

मानवता, सौंदर्य, गरिमा, विनम्रता, सेवा, सत्कार, दयालुता, प्रेम और भावना की प्रतिमूर्ति होती है '' गृहिणी '' वह अपने लिए, अपने परिवार के लिए उन सबके लिए जीना चाहती है जो उसके सगे संबंधी  है।उसकी यही एक कोशिश उसे सबसे अलग व सुपर वुमन बना देती है।विविधरूपा स्त्री आज घर-परिवार, बच्चे, नौकरी, रिश्ते, नाते, सामाजिक दायित्व व विविध कर्तव्यों के बिच बड़ी खूबसूरती से तालमेल बिठा रही है। रसोईघर का आधुनिकीकरण हो चला है, साधनों की भरमार है, घर में भी जीने के तोर तरिके तेजी से बदले है, लेकिन इन सबके बावजूद पुरे घर की धुरा गृहिणी के कामों का अंत नहीं होता। घड़ी के कोटों के साथ चलती गृहिणी, घर और बाहर दोनों दायित्व की जबाबदारी पूरी करती है तभी वो गृहिणी सुपर-उमन कहलाती है। 


गृहीनी घर को '' स्वर्ग '' बनाती है, और उस स्वर्ग में कन्या, बहन, पत्नी, माताजी, भाभी, चाची, मामी, ताई, मोशी, बुआ आदि रिश्तों को स्वर्ग जैसा सुंदर बनाती है, सुख-दुख के समय में हर पल पति का साथ निभाती है। अपने नन्हे-मुन्नें को डॉक्टर, वकील , इंजिनिअर, वैज्ञानिक, पायलट बनाने से पहले एक अच्छा इंसान बनाती है।

गृहिणी अपने परिवार की सेवा करते समय बहुत रूप धारण करती है , और भूमिका भी अदा करनी पड़ती है।

सुपर वुमन की भूमिका क्या है ?


अच्छी पत्नी अच्छी जिंदगी / Good wife good life
गृहिणी अपने Husband की life पाटनर होती है, सुख-दुःख में अपने पति का साथ देते हुए अपना घर संसार  चलाती है। अपने Husband के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती है,  इस के साथ-साथ जॉब पर जाती है, या घर में ही कुछ कपडे सिलाती है और अपने परिवार का पालन-पोषण करती है। वह पति का आदर और मर्यादा बनाए रखती है। वह अपने पति का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखती है। अपने पति को पूरा मान-सन्मान देती है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। पत्नी की प्रेरणा पुरुष के जीवन का आधार होती है। अगर गृहिणी अच्छी पत्नी न बन पाए तो उसका जीवन व्यर्थ हिन् हो जाता है तथा परिवार पर अच्छे संस्कार नहीं पड़ते है।




व्यवस्था करना / to make arrangements 
गृहिणी अपने समझदारी से पुरे घर का Arrangements करती है, गृहिणी ऐसी Plans बनाती है की उस Plan के साथ परिवार चल सके और परिवार चलता ही है। अपने परिवार में तान-तनाव निर्माण होता है इस परिस्थिति को सुधारना, संभालना गृहिणी का ही काम होता है। अपने परिवार के लिए अच्छा स्वादिष्ट खाना बनाकर समय पर परोसना पड़ता है। अगर अपने परिवार में बूढ़ा ससरा-सास है तो उसे समय पर खाना देना चाहिए। पैसा जमाकर रखती है, समय पर कितना पैसा किसको देना है, किस काम के लिए दिया जा रहा है इसका पूरा लेखा-जोखा गृहिणी ही करती है। पुरातन काल से चली आ रही परंपरा, भरतीय रीती रिवाज के नुसार पर्व और उत्सव अपने परिवार के साथ ख़ुशी से मनाना, बच्चों के पढ़ाई के तरफ ध्यान देना , स्कुल से आने के बाद उसे पढ़ाई करने को लगाना, Tuition Classes लगाके देना, अगर बीटा हुशार है , उसका नंबर  Doctor, Lawyer, Engineer  के लिए लगता है और आप के पास पैसा नहीं है तो आप Education loan निकाल कर अपने बेटे-बेटी को पढ़ा सकते है यह एक गृहिणी की जबाबदारी है। '' अतिथि देव भव '' इनका मान सन्मान करना, नौकरो को अपने परिवार का सदस्य समझे।


संचालिका / Moderator
गृहिणी अपने परिवार के समुदाय की संचालिका है। जिस तरह से प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमडल का करोभार देखता है ठीक उसी तरह गृहिणी अपने परिवार के कारोबार को स\संचालित करती है और समय, शक्ति और धन का नाश ना हो इस तरह से नियोजन को संचालित करना चाहिए।


इंतिज़ाम करना / Organizer
गृहिणी को पता रहता है की उसके पास साधन सिमित है। इसलिए सिमित साधन को ही संघटित कर लेती है। क्यों की परिवार का सदस्य अपने काम को सही तरीके से कर सके। गृहिणी मनोरंजन के लिए साधन उपलब्ध करवाती है।


निर्देशिका / Directory
निर्देशिका की भूमिका गृहिणी को बहुत मायने रखती है। गृहिणी अपने विवेक व बुद्धि के आधार पर परिवार व पति को निर्देश देती है, क्यों की व अकेलही पुरे घर की जबाबदारी नहीं संभालपाती है। Planing पर काम करने के लिए उसे निर्देश देकर काम करवाना पड़ता है। गृहिणी दूसरों को निर्देश देती है लेकिन उसने भी इस निर्देश का पालन करना चाहिए।

संयोजिका / commissure   
गृहिणी को अपने परिवार के साथ खुश रहना है तो उसे अपने परिवार के सदस्य के साथ में मिलजुल कर रहना पड़ेगा और अपने परिवार को खुश रख सकती है तो एक मात्र गृहिणी।





गृह निर्माती / Home builder
गृह निर्माती के रूप में गृहिणी घर को स्वर्ग सा सुंदर बनाती देती है।पति कमाके लाता है तो उस पैसे से गृह को बहुत सुंदर बनाती है। घर में कोई नया व्यक्ति आता है तो उसे लगता है की घर बहुत ही सुंदर और साफसूत्रा है यह देख कर उसके मन में लगता है की इस घर की गृहिणी अपने कार्य के प्रति बहुत ही जागरूक है।

अध्यापक  / Teacher  
आई अपने बचें की पहली पाठशाला होती है। आई बच्चों की पहली शिक्षिका और गुरु है। स्कुल जाने के पहले आई ही बच्चों को उठने-बैठने, बोलने का, कपडे पहनने का, तेल लगाने का, पाउडर लगानेका, धुप में जाते समय चपल पहनने को बताना, खाना खाने को सिखाना यह सब अपनी पहली गुरु आई हमें पढ़ाती है। आई ही बच्चों के संस्कार विकसित करती है।

पथ प्रदर्शिका /  Path display
गृहीन संवेदनशील,बुद्धिमान और मानवीय गुणों से परिपूर्ण है। पुरे परिवार को गृहिणी पथ की तरह चमकाती है और अपने परिवार का ध्यान रखती है। अपने परिवार के बारे में अच्छे-बुरे, सही-गलत, क्या है इसका ज्ञान अपने परिवार के सदस्य को समजा के बताती है। पति को कई मामलो से छुड़ाती है और सही राह दिखती है। बच्चों को जैसे उम्र ढलती है उस समय पर दिशा-निर्देश देती है।

यह गुण सुपर वुमन गृहीनी में रहते है, और इस तरह से गृहिणी अपने परिवार को संस्कार देते हुए, अपने परिवार को खुश रखती है।

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