सतलज नदी की कहानी | Story of Sutlej River


पजाब के पांच नदियों में से सतलज बहुत ही प्यारी नदी थी। पंजाब इस शब्द का अर्थ '' पांच नदी का क्षेत्र है। पांच नदियाँ के कारण पंजाब को पंचनद भी कहा जाता है। 1) झेलम किंवा वितस्ता , 2)चिनाम किवा चंद्रभागा, 3)रावी किंवा इरावती, 4)व्यास किंवा विपासा और 5) सतलज किंवा शताद्रु यह पाचं नदियाँ का क्षेत्र पंजाब में है।

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पंजाब शब्द का अर्थ | Meaning of Punjab

दोस्तों आज आपको पता चलेगा की पंजाब शब्द का अर्थ  :- '' पंजाब '' शब्द फारशी है। पंज का अर्थ होता है, ''पांच'' और आब का अर्थ होता है, ''पानी'' इसलिए इस क्षेत्र को पांच नदियों का क्षेत्र कहा जाता है।     

 फाळणी के बाद पंजाब का पश्चिम भाग पाकिस्तान को जोड़ा गया और पूर्व पजाब भारत में था। अभी किसी भी हालत में पांच नदियों का प्रदेश नहीं बोल सकते है।


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सतलज नदी का उद्गम स्थान | Origin of Sutlej River


Story of Sutlej


सतलज नदी पूर्व पंजाब आणि पश्चिम पंजाब दोनों प्रदेश से बहती है। सतलज का उद्गम हिमालय के पहाड़ियों में मानसरोवर के पास हुआ है यह ठिकान  '' तिब्बत पठार '' के पास है। तिब्बट से भारत में प्रवेश करती है।
पहाड़ियों में से सतलज नदी का प्रवाह बहुत ही तेज रहता है और मैदानि प्रदेशों में बहुत ही संथ होती है

मानसरोवर के पास  उद्गम होनेवाली सतलज प्रथम पूर्व पंजाब में आती है और पश्चिम पंजाब में जाती है। प्राचीन काल में '' पंचनद '' याने की पांचों नदियाँ सिंधू नदी को मिलती है। सिंधु नदी का उद्गम हिमालय में हुआ है।सिंधु नदी पाकिस्तान से बहते हुए अरबी समुंदर से मिलती है।

सतलज नदी के बहुत उपनदिया है उपनदियों के पानी के कारण मैदानी प्रदेश में सतलज का पात्र बहुत ही बड़ा हुआ है।

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Story of Sutlej

सतलज नदी पर भाक्रा बांध है।भाक्रा बांध '' अंबाला '' जिल्हे के '' रोपड़ '' से 73 किलोमीटर दुरी पर है। इस जगह पर  नदी पहाड़ों के बिच से बहती है इस बांध की उचाई 222 मीटर है। भाक्रा बांध के पानी से बिजली का निर्माण करते है। यह बिजली पंजाब, हरियाणा, और दिल्ली इस तीन प्रदेश को मिलती है। इस प्रदेश के छोटे-बड़े कारखाने बिजली पर चलते है। पंजाब-हरियाणा के खेती के लिए इस बिजली का उपयोग किया जाता है।


Story of Sutlej



भाक्रा से 11 किलोमीटर दूरीपर नानगल में सतलज में नहर खोदा गया है। इस नहर की लम्बाई 1,104 किलोमीटर है। '' नानगल कालवा '' इस नाम से यह कालवा पहचाना जाता है। इस कलवा के तट पर गुंगुवाल और कोटला इस दो जगह पर कालवे के पानी से बिजली तैयार करने के केंद्र है।

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान इस तीन राज्य की खेती '' नानगल कालवा '' के पानी पर आधारित है।

भाक्रा बांध से पंजाब-हरियाणा के अनाज का उत्पाद बहुत ही ज्यादा है। भारत के राज्य में हरयाणा और पंजाब का अनाज भेजा जाता है। सतलज के पानी से बिजली तयार करते है और कारखानों में जो चीज तैयार होती है उस चीजों को देशभर में लेके जाते है। सतलज नदी के पानी से पंजाब-हरियाणा का ही उद्धार नहीं होता तो पुरे देश का उद्धार होता है।

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