Story of Mahanadi / महानदी की कहानी


Story of Mahanadi

महानदी ओरिसा की नदी है। इस नदी की खास बात यह है की भारत के सभी नदियों का हिमालय से उद्गम होता है लेकिन महानदी का उद्गम मध्यप्रदेश के रायपुर शहर से वायव्य के तरफ 40 किलोमीटर दूरीपर उद्गम होता है। उद्गम की जगह पर महानदी छोटे से तालाब जैसी दिखती है।


महानदी जैसे-जैसे आगे जाती है ठीक वैसे-वैसे उसे उपनदिया मिलती है और उसके पानी का तेज बढ़ने लगता है सियोनाथ यह महानदी की प्रथम उपनदी है।

बस्तर जिल्हा के उद्गम से निकल के महानदी सियोनारायण शहर के पास आती है और यहाँ से पूरब में छोटा नागपुर किंवा संबलपुर पहाड़ों को पार करती है।महानदी को उपनदिया मिलती है और महानदी का प्रवाह बहुत ही तेज बहने लगता है। महानदी का प्रवाह बहुत ही प्यारा लगता है। महानदी के दोनों तट पर आदिवासी बस्ती है।



सम्बलपुर के बाद सोनपुर में आकर महानदी ओरिसा में प्रवेश करती है। ओरिसा में प्रवेश करते समय बहुत ही पर्वत शिखर को पार करते हुए गहरी दरी से महानदी को गुजरना पढ़ता है। इस झील का नजारा बहुत ही प्यारा लगता है।  महानदी के तट पर आदिवासियों का बसेरा है और उनका मुख्य व्यवसाय मछली पकड़ना है।

बरसाद के दिन में झील के पानी का प्रवाह बहुत ही तेज रहता है और प्रत्येक सेकण्ड को 1,17,000/- क्यूबीकमीटर तेजी से पानी का प्रवाह बहते रहता है।पानी का आवाज बहुत दूर तक आता है बरसाद के दिन में तट के बस्ती को जलसमाधि लेना पड़ता है। महानदी के तट पर बास का जंगल है।लेकिन कारखानों के लिए बास कम जाता है और परदेश से आयात करना पड़ता है। जंगल की देखभाल करके बास के उत्पाद पर ध्यान देना चाहिए। देश के कागज कारखानों में परदेश से बास की आयात करनी पड़ती है। 



महानदी की विशेष महत्वपूर्ण उपनदी ओरिसा में प्रवेश करने के बाद महानदी को बहुत उपन्द्या मिलती है।
महानदी जिस जगह पर सबसे पहले पहुचती है उस जगह को '' नारज '' कहते है। जिस जगह पर महानदी की मुख्य शाखा समुंदर को मिलती है उस जगह को '' फॉल्स-पॉइंट '' कहते है


समुन्दर पर बहुत ही अच्छा द्वीप नहीं था। फॉल्स-पॉइंट यह ठिकान द्वीप के लिए बहुत ही फायदेमंद था।

story of Mahandadi

1962 में सम्बलपुर में महानदी पर बहुत बड़ा मिटटी का बांध  है जिसका नाम '' हीराकुड '' इस नाम से पहचानते है। 5 किओलोमीटर लम्बाई है और 60 मीटर उचाई इस ब्रिज का पानी संबलूर, बोलन, कटक इस शहर को पानी  मिलता है और पानी की समस्या नहीं रही है। '' हीराकुड'' बांध के कारन महानदी  महान बन गई।  है    
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