मेरी प्रेम कहानी / My love Story

My love Story

मै कॉलेज की पढ़ाई के लिए गांव से दिल्ली गया।प्रणाली भी दिल्ली में MBBS कर रही थी।प्रणाली मेरे ही कास्ट की थी।प्रणाली और मेरी फ्रेँडसिफ कॉलेज में हुई थी।मेरे साथ बहुत बढ़ा हातसा होता है।लेकिन मैं बच गया। इस घटना के बारे में प्रणाली को पता चलने पर प्रतिभा ने बहुत ज्यादा टेंशन लिया था। उसने मुझे बहुत समझाया था। इसके बाद आप ऐसा नहीं करेंगे अगर आपको कोई टेंसन है तो आप मुझे बताने की कोशिस करो। उसने मुझे कसम दी की आप आगे से ऐसा नहीं करोंगे। पप्रणाली मेरा बहुत ही ख्याल रखती थी और तुझे कोई प्रॉब्लम होगी तो मेरे से शेयर करते जाना।


मेरी प्रणाली 24 साल की है Self confidence और Mature सभी condition समजनेवाली कभी-कभी मेरे से बहुत झगड़ा भी करती थी मै भी झगड़ा करता था लेकिन मजाक से, मैंने प्रणाली से एक दिन पूछा अगर आपको  शादी के लिए घर के लोगों ने नहीं बोला तो क्या हम भाग के शादी करेंगे क्या ? प्रणाली बोली अगर हमारे शादी से घर के लोग दुःखी होते होंगे तो हम सुखी नहीं रह सकते।प्रणाली की एक छोटी बहन थी दिल से बहुत ही अच्छी और स्वभाव से चंचल थी।प्रणाली कहती है अगर मैंने भाग के शादी की तो उसका क्या होगा ? मेरे मम्मी-पप्पा को समाज क्या बोलेगा, मेरे घर में सभी लोग अच्छे और मै ऐसी करुँगी तो ........... 

मैंने अपनी किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया यह बात प्रणाली को बताया लेकिन प्रनाली बोली मेरी कसम खाओ  की ऐसा कुछ मत करना मेरी प्रणाली बहुत ही अमीर घरानेकी लड़की थी लेकिन दिल की बहुत ही भोली थी। मेरा हमेशा ख्याल रखती थी। हम दोनों फेसबुक के माध्यम से बातें करते थे। प्राणाली  मेरे से बहुत प्यार करती थी। जून में मुझे छुट्टिया लगी तभी प्रणाली मेरा बहुत ही वेट कर रही थी।पति-पत्नी में छोटी- मोठी बातें होती है ठीक उसी तरह से हम दोनों में बातें होती थी। 

मै दिल्ली से अपने गांव आया और प्रणाली को मिला प्रणाली को अपने घर के लोगों से परिचय करवा के दिया प्रणाली  मेरे घर के लोगों को पसंद आई और मै उसे पहले से ही पसंद करता था। लेकिन मेरे घर के लोगो का कहना था की सबसे पहले पढ़ाई पूरी कर ले उसके बाद में शादी करना। हमें दोनों भाग के शादी कर सकते थे लेकिन नहीं क्यों की उसके और मेरे घर के लोगों को love marraige पसंद नहीं था। और आगे आनेवाले पॉब्लेम्स मुझे पता ही थे। 

प्रणाली ने मुझे बहुत समझाया और बोली मै तेरी ही हु , शादी करने के लिए तेरा वेट करुँगी।और इसपर कुछ न कुछ हल निकालेंगे तुम्ह अपनी पढ़ाई पूरी करो मैं तेरी ही हु। मैं भी कुछ नहीं कर सकता था क्यों की मैं अपने पैरों पर खड़ा नहीं था। 
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मेरे घर के लोगो का कहना था की तू अपनी पढ़ाई पूरी करले उसके बाद तुझे जो लड़की पसंद है उसी लड़की से शादी करना और प्रणाली के घर के लोग उसकी शादी करने के लिए लगे थे। प्रणाली कहती थी, '' समय के साथ में तुम्ह भी बदल जाओगे ''। मैं ने कहा,'' कल मैं घर पे ही हु तेरी तसल्ली के लिए हम कोर्ट में जाकर शादी करेंगे। नहीं ऐसा अभी नहीं करते हम भारतीय परम्परा के नुसार शादी करेंगे मैं तेरे साथ में ही हु।  
  
दिन ढलते गए प्रणाली को लडके देखने के लिए आते थे। प्रणाली के घरवालों के पीछे 2 साल से एक लड़का पड़ा था की आप मुझे अपनी लड़की दो मै उसे बहुत खुश रखूँगा। इसके बारे में प्रणाली ने मुझे बताई थी। लेकिन प्रणाली किसी भी लड़के से शादी के लिए राजी नहीं होती थी।उसके घर में बहुत ही प्रॉब्लम चल रही थी।उसके शादी को लेकर उसके  मम्मी-पापा में बातों-बातों पर झगड़ा होता था।प्रणाली को कुछ समझ में नहीं आता था क्या करू और क्या नहीं।कुछ दिनों के बाद फोन करके बताई की मेरी शादी पक्की हो गयी। कुछ दिनों के बाद मेरी सगाई है। मै यह सुनकर दंग रह गया। ऐसा लगा जैसे पैरो तले  की जमीन खिसक गयी।मै थोड़ा सहम कर निचे बैठ गया और सोचने लगा की शायद मेरे से अच्छा लड़का मिला होगा इसलिए उसने शादी के लिए हा की होगी। मैंने लड़के के बारे में प्रणाली से जानना चाहा लेकिन प्रणाली ने बताने में आना-कानी की और बात को टाल दी। उनकी यह हरकतों से लड़के के बारे में जानने की जिज्ञासा बड़ी। मैंने प्रणाली के नानी से फोन के माध्यम से लड़के के बारे में पूछा और ओ वही लड़का था जिस को प्रणाली ने नकारा था। मुझे कुछ संदेह हुआ मुझे लगा प्रणाली से एक बार बात करना चाहिए। 


मैंने प्रणाली को समझाया की तू शादी मत करे ओ अच्छा लड़का नहीं है। अगर अच्छा लड़का रहता था तो तूने कब की शादी की होती लेकिन घर से मजबूर हु ऐसा नहीं हो सकता। प्रणाली मेरे पे बहुत गुस्सा हुई लेकिन मैंने कुछ नहीं बोला क्यों की ओ बहुत ही गुस्से में थी यह बात मैंने अपने पिताजी को बताया लेकिन बहुत देर हो गई थी। मुझे गुस्से में बोली की , '' तेरे पास पैसे नहीं है, लेकिन उसके पास पैसे है।मै प्रणाली के कारण नाराज होता हु और मै अपनी किडनी 
बेचने के लिए हॉस्पिटल जाता हु और वहा पर एक 27 साल के लड़के को किडनी की जरूरत थी मैंने अपनी किडनी बेच दिया। किडनी निकलने के बाद 6 दिन रेस्ट लेते है लेकिन मै ने मात्र 2 दिन का ही रेस्ट लिया। 

प्रणाली को बताया की पैसे की व्यवस्था हो गई है थोड़े दिन रुकजा मै सबको समझा दूंगा। लेकिन प्रणाली समझने को तैयार नहीं थी और न समझी। मुझे कुछ भी समझ में नहीं आरहा था।प्रणाली ऐसा मत कर मेरे पास पैसे है .........  मै तुझे बहुत खुश रखूँगा यह सभी बातें प्रणाली को पता था लेकिन अपने घरवालों के कारण बहुत ही परेशान थी।  

मैं दारू,सिगारेट, और बाकि कुछ भी मुझे शौक नहीं था।सब तो तुझे ही पता है। अगर तेरा साथ रहा तो मै एक ही किडनी पर हम अपनी जिंदगी गुजारेंगे। प्रनाली ने मेरी कुछ भी नहीं सुनी सिर्फ कहती है की तुम्ह मरने की बातें मत करो लेकिन मै तुम्हसे शादी नहीं कर सकती।

 प्रणाली के मामा से मिले और बोले की आप एक बार प्रणाली को समझाओ अगर शादी के लिए तैयार हुई तो अच्छी बात है। ठीक है मै प्रणाली से एक बार बात करके देखता हु अगर उसने हा की तो मै आप लोगों को बताऊंगा। 

प्रणाली के मामा ने प्रणाली से पूछा लेकिन प्रणाली ने नहीं बोली । मेरा और उसका ऐसा कुछ भी नहीं है, जो बातें चल रही है वे सभी झूठी है। मेरे सिस्टर ने और मेरे पिताजी ने भी उसे समझाया लेकिन प्रणाली अपने ही जिद्द पर रही। 

प्रणाली मुझे बोल रही थी की , '' आज तक आपने क्या किया? अभी तक शादी के लिए कुछ नहीं किया ........
मैं ने प्रणाली के लिए अपनी किडनी बेच दिया हॉस्पिटल में ज्यादा दिन आराम भी नहीं किया अपनी लाईफ कम किया। लेकिन प्रणाली कहती है की , '' आजतक आप लोगों ने क्या किया ? यह सुनकर मै अचम्भीत हुआ .........  

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दोस्तों मै क्या करू मुझे कुछ समज में नहीं आता था।मेरी परिस्थिति ऐसी थी की, जिस तरह से एक तोता पिंजरे में कैद रहता है और उसे उसी पिंजरे से लगाव हो जाता है अगर हमने उस पिंजरे का दरवाजा भी खोला तो वह तोता पिंजरे के बहार नहीं उड़ता क्यों की उसे उस पिंजरे से ही लगाव रहता है। ठीक उसी तरह ओ लड़का भी प्रणाली के प्यार में कैद था। 



'' अगर आप में शादी करने की हिम्मत नहीं है,  तो किसी से झूठे वादे मत करो '' 
आपको कोई और मिल जाएगा लेकिन दूसरा आगे का व्यक्ति अपने जिंदिगी से जाएगा। किसी के भावनाओं के साथ ना खेलों किसी को दुखी ना करों। 

 मै आज हु और कल नहीं लेकिन मेरे मन में एक ही बात आती है की, '' उसने थोड़ा इंतजार करना चाहिए था।'' 
 '' पैसा बहुत कुछ है .... लेकिन सब कुछ नहीं '', मै भगवान से दुवा करता हु की उसे सुखी रखे। 
लेकिन जिंदगी में तुझे मेरी जरूरत पढ़े तो जरूर बुलाना तूने मुझे जहाँ छोड़ा वहा से ही दौड़ा चला आऊंगा। 

दोस्तों जहाँ अपना मन ही अपने '' मन '' के जैसा नहीं चलता तो दूसरों को दोष देके क्या फायदा। किसी को फ़िक्र ही नहीं रहती किसी के मन की भावनाओं की। किसी का दो दिन फोन नहीं आया तो हम सोचते है, पढ़ाई में व्यस्त होगी लेकिन बाद में पता चलता है की मुझे निग्लेट कर रही थी। 

प्रणाली पर गुस्सा होने के बाद नाराज होती थी। 
उसे मनाने के लिए मै उसे गुलाब का फूल देता था। 
उसके दिल में हमेशा मेरा ही नाम लिखा था। 
बहुत दुःख होता है मन को, जब हमारे पास की 
व्यक्ति हमें छोड़ के जाती है। 

हात जोड़कर मै करता हु आपसे बिनती 
झूठा प्रेम करके किसी के भावनाओं को ठेच ना पहुंचना। 

दी है तूने मुझे प्रेम भंग की जख्म , 
भीर मुझे क्यों चाहिए तेरे यादों की मलहम ,    
इस सदमेँ से निकलना है,  मुझे तो तुझे भूलना ही होगा 
यही है मेरे प्यार का प्राश्चित ! 

कुछ दिनों के बाद प्रणाली की तबियत बिगड़ जाती है और उसका इलाज हॉस्पिटल में चालू रहता है उसकी तबियत ठीक ही नई होती है। एक दिन उसके मम्मी का मुझे फोन आता है की प्रणाली की तबहियत बहुत ख़राब है आप हॉस्पिटल में जल्द से जल्द पोहचो मै हॉस्पिटल गया उसे सलाइन लगी थी थोड़ी देर में प्रणाली को होश आया और उसके मुँह से  पहिला ही शब्द निकला अक्षय, उसको पता ही नहीं था की मै, आया हु करके उसके पास गया प्रणाली  बहुत रोने लगी मुझे माफ़ कर दो यह सब मैंने अपने घरवालों के कारण किया। उनके घर के लोगो ने मेरे से माफ़ी मांगी और शादी के लिए तैयार हो गए।   
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