पर्यटन स्थल जम्मूकश्मीर / Tourism Jammu and Kashmir

Tourism Jammu and Kashmir

हमें कही घूमने जाना है तो अगर हम अपने दोस्तों के साथ घूमने की प्लॅनिग करते है तो सबसे पहले हमारे आँखों के आगे एक खूबसूरत नजारा नजर आता है , बर्फ से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, सुकुमार और मनमोहक झीलें वृक्ष को लगे हुए खूबसूरत फल, ऊंचे-चिनार के पेड़, नर्म-दिल, सौम्य घटिया, मन में हलचल करने वाली ताजी   ठण्ड हवा के झोंके यह सब कुजरत का करिश्मा है, इसिलिय तो जम्मूकश्मीर को भारत का '' ताज'' और धरती का '' स्वर्ग'' कहते है।


श्रीनगर ( कश्मीर )   

शोभायमान झीलों और बगीचों का शहर '' श्रीनगर " झेलम नदी के किनारे बसा है। 1700 मीटर ऊचाई पर बसा श्रीनगर हाउसबोट और झीलों के लिए और हस्तशिल्प , सूखा मेवा के लिए प्रसिद्ध है। मुगल बादशाह जहाँगीर इस तरह खुश हुए की अगर कोई स्वर्ग है तो मात्र कश्मीर में ही है। 

डल झील

dl jhil sringr

झीलों की महानगरी श्रीनगर में बहुत ही खूबसूरत, सुकुमार झीलें है। पांच मिल लम्बी और ढाई मिल चौड़ी डल झील पुरे भारत में सबसे खूबसूरत झील है। झीलों की बात करे तो एक ही झील का नाम आँखों के आगे '' डल'' झील का मनमोहक दृष्य नजर आता है। डल झील का सौंदर्य सभी मौसम में नया शबाब लिए होता है। विश्व में डल शिखरों और हाउसबोट के लिए प्रसिद्ध है। अगर आप हाउसबोट या सिखारे की सैर कर रहे हो और सूरज धीरे-धीरे पहाड़ों के बिच में छिप रहा होता है और शिकारों और हाउसबोट की लाइटें ऐसी दिखती है जैसे आसमान में जुगनू चमक रहे हों।



डल झील के पास में तीन बगीचे है, चश्मेशाही, निशात और शालीमार बाग है। चश्मेशाही बाग एक पहाड़ी पर बना है। यह से देखनेपर डल झील का नजारा बहुत ही मनमोहक दीखता है। निशात बाग सबसे बड़ा है, इस बाग को नूरजहाँ के भाई आसिफ खान ने बनवाया था। डल झील के पहाड़ों के पीछे पीर पंजाल की पर्वत श्रृंखला है। शालीमार बाग बहुत ही खूबसूरत है इस बाग को जहांगीर ने अपनी बेगम नूरजहाँ के लिए बनाया था। आलावा बाग, जहवाहरलाल नेहरू मेमोरियल पार्क, परिमल बाग का बहुत ही सुंदर नजारा है।

सोनमर्ग   

सोनबर्ग का मतलब सोने से बना घास का मैदान होता है। यहा  पर सिंध घाटी है यह कश्मीर की सबसे बड़ी घाटी है। सुनहरी धुप, रंगबिरंगे फूल और ऊचे-ऊचे पेड़ है। गूलर, देवदार, चीड़ आदि पेड़ है। यहां के थाजीवास दरें में कैंपिंग के लिए कई झरने मौजूद है।  यह पर ट्रेकिंग, बर्फीले ग्लेशियर पर स्लेजिंग, एंगलिंग, एल्पाइन स्कीइंग आदि खेल खेले जा सकते है।  

गुलमर्ग  

गुलमर्ग बारामुले जिले में आता है, गुलमर्ग बहुत ही लोकप्रिय पहाड़ी सैरगाह है। घास से ढके पहाड़ियों पर खिले रंगबिरंगे फूल के कारण इस सुकुमार पहाड़ी सैरगाह का नाम गुलमर्ग पड़ा। यहाँ का व्यू प्वाइंट पर्यटकों में खास लोकप्रिय है, जहाँ से पर्यटक बर्फ से ढकी पहाड़ियों को देख रोमांचित हो जाते है। घाटी का विहंगम दृश्य सैलानी देख सकते है। यहा पर गोल्फ, ट्रैकिंग आदी का आनंद ले सकते है।  



हजरतबल मस्जित   

हजरतबल मस्जित का निर्माण मोहम्मद-मोई-ए-मुक्कदस के सन्मान में बनवाया गया था यह मस्जित डल झील के किनारे पर बसा है।

जामा मस्जित 

जमा मस्जित का निर्माण सुल्तान सिकंदर ने ई 1338 में किया था। मस्जित की लंबाई 384 फिट है और चौड़ाई 38 फिट है इस मस्जित में एकसाथ 30 हजार लोग नमाज पढ़ सकते है।

शंकराचार्य मंदिर 

शंकराचार्य मंदिर का निर्माण राजा गोपादित्य ने ई पूर्व 371 में करवाया था। महाराज गुलाब सिंह ने इस मंदिर में बहुचने के लिए सीढि बनवाया।

जम्मू 



कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू है, जम्मू '' तवी'' नदी के तट पर बसा है। हिमालय की गोद में बैठा जम्मू शहर विभिन्न संस्कृति और कलात्मक कला का निर्माण करता है। यहा पर डोगरा शासक रहता था इसी के शासन काल ने कला और संस्कृति का निर्माण हुआ। 

अमरनिवास पैलेश 

अमरनिवास पैलेश राजा अम्र सिंह का निवास स्थान था। राजा का राजसिंहासन 120 किलो सोने से बना है इस महल को अभी संग्रालय बनादिया है यहां पर पेंटिंग और किताबों का बहुत ही संग्रह करके रखा है। महल के बगीचे में फोटोग्राफी के लिए बहुत ही खूबसूरत स्थान है। सुकुमार पहाड़ियों से घिरा अमरनिवास पैलेश के साथ फोटो निकाल के आनंद लेते है। 

डोंगरा म्यूजियम  

कला में आप की रूचि है तो मुबारक मंडी कॉप्लेक्स के पिंक हॉल के संग्रालय को भेट अवश्य दीजिए। 800 से ज्यादा पेंटिंग का संग्रह है। इस के साथ-साथ शाहजहाँ का सोने का धनुषबाण और फारशी भाषा में लिखी पांडुलिपियां भी मौजूत है। 

एक्वेरियम बागेबाहू 

एक्वेरियम बागेबाहू भारत का सबसे बड़ा अंडरग्राउंड एक्वेरियम है। इसका प्रवेशद्वार मछली के मुख जैसा है और बहार निकलने का रास्ता पूछ जैसा है। दोस्तों आप जम्मू जाते हो तो शहर से 5 किलोमीटर दूरीपर बाहु का किला और बागेबाहु पिकनिक के लिए अच्छे ठिकान है।  गुफाओं में बने एक्वेरियम में बहुत प्रकार की मछलियाँ है। 

पटनीटाप 

पटनीटाप जम्मू से 112 किलोमीटर दूरीपर है। यहां पर स्नोफाल के समय विंटर स्पोर्ट्स, स्कीइंग का आनंद लिया जाता है। घुड़सवारी की जाती है , गर्मियों में यहाँ का मोसम बहुत ही अच्छा रहता है।  

श्रीनगर जाने का सबसे  अच्छा समय मई से सीताबर तक का होता है। दिसंबर से फरवरी के बिच बर्फ गिरते रहता है और ठंड बहुत रहती है। श्रीनगर के पर्यटन स्थल का आनंद लेने के लिए शिकारे या सायकिल से पर्यटक घूमते है। वहा जाने के बाद कश्मीरी भोजन गुश्तबा बादाम पसंद कश्मीरी आलू आदि का आनंद लेना न भूले।  आप की यात्रा मंगलमय हो।

Share on Google Plus

About Blog Admin

He is CEO and Faunder of www.pravingyan.com He writes on this blog about Tech, Poems, Love story, General knowledge, Earn money, Helth tips, Great lord and motivational stories. He do share on this blog regularly.