(क्रिकेटर) नदिया एक्सप्रेस की जीवनी / (Cricketer) biography of Nadia Express

Biography of nadia Express

झूलन गोस्वामी छोटी थी तभी बचो के साथ मैच खेला करती थी। लेकिन झूलन को बॉलिंग नहीं करने देते थे क्यों की झूलन बॉलिंग बहुत ही धीमी गति से फेका करती थी और उनके साथ के बच्चे मजे से छक्के-चौक्के  मारते थे। झूलन ने अपने मन में ठान ही लिया की आज मेरा मजाक मेरे साथ के बच्चे उड़ाते है लेकिन मै एकदिन अछि गेंदबाज बन के दिखाउंगी। झूलन गोस्वामी ने एम.आर.एफ एकेडमी से ट्रेनिंग ली।कुछ टिप्स सुप्रसिद्ध खिलाड़ी डेनिस लिली से भी ली थी।


झूलन गोस्वामी का परिचय / Introduction to Jhulan Goswami  

नाम :- झूलन गोस्वामी 

जन्म दिनांक - 25 नवंबर 1983 

जन्म स्थल :- गांव - अंचल चकदा , पश्चिम बंगाल भारत 

पिताजी का नाम :- निशित गोस्वामी 

माताजी का नाम :- झरना गोस्वामी 

बल्लेबाजी :- डायने हाथ से 

बॉलिंग :-दायने हाथ से 

टेस्ट मैच में आगमन और खेल की जानकारी 

➤14 जनवरी 2002 में इंग्लैंड टेस्ट के साथ मैच की सुरुवात। 

मैच - 10 

खेले गए बॉल - 1972 

रन - 283 

शतक - 0 

अर्धशतक - 02 

कैच - 05 



वन डे मैच में आगमन और खेल की जानकारी 

06 जनवरी 2002 इंग्लैंड वन डे मैच के साथ सुरुवात।   

मैच - 158 

खेले गए बॉल - 7189 

रन - 901 

शतक - 0 

अर्धशतक - 01 

कैच - 51 

T 20 का स्कोर 

मैच -53 

खेले गए बॉल - 1037 

रन - 329 

शतक - 0 

अर्धशतक - 0 


झूलन गोस्वामी का पारिवारिक जीवन / Family life of Jhulan Goswami

झूलन गोस्वामी छोटे गांव- अंचल चकदा, जिला - नदिया (पश्चिम बंगाल ) में रहती थी। उनके पिताजी एयरलाइंस में कार्यरत थे। अपनी बेटी क्रिकेटर बनाना चाईए ऐसा उनके पिताजी को नहीं लगता था। उनके माँ को लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना, गेंदबाजी करना बिल्कुल पसंद नहीं था। उनके पिताजी को अपने बेटी के प्रति ऐसा लगता था की, नौकरी करना चाहिए।लेकिन झूलन ने 13 साल की उम्र में अपने पिताजी से पूछा की, '' मै क्रिकेटर बनना चाहती हु, मुझे ट्रेनिंग के लिए जाना है। '' पिताजी ने अपने बेटी की बात मानी और ट्रेनिंग के लिए उसे परमिसन दे दी। 

झूलन गोस्वामी ट्रेनिंग जाने के लिए सुबह 4.00 बजे उठकर अपने तयारी करती थी। नदिया से लोकल ट्रेन से कोलकाता जाती थी। फिर रेलवे स्टेशन से बस पकड़ कर अपने ट्रेनिंग सेंटर में जाती थी। दो घंटा अभ्यास करके अपने गांव के लिए बस और ट्रेन पकड़ती थी। सुरुवात में उनके पिताजी साथ में आते थे उसके बाद झूलन अकेली ही ट्रेनिक अकेडेमी जाती थी। एक बार झूलन को आने में देरी हो गई तभी उनके मम्मी ने उन्हें दो घंटा घर के बहार रखा था। घर से उन्हें विरोध था लेकिन अपने जिद्द के कारण पुरे विश्व में अपना और अपने देश का नाम इतिहास में दर्ज किया। 



झूलन गोस्वामी का क्रिकेट आगमन / Jhulan Goswami's cricket arrival


झूलन गोस्वामी ने 18 साल की उम्र में अपना प्रथम टेस्ट मैच लखनऊ में इंग्लैंड के खिलाप 14 -17 जनवरी 2002 को खेला था। 

झूलन गोस्वामी ने 2007 तक 08 मैच खेलकर 33 विकेट का रेकॉर्ड बनाया और 79 वन डे मैच में 96 विकेट का रेकॉर्ड बनाया। 

सन 2006 में इंग्लैंड से जित हासिल करके  झूलन गोस्वामी ने जबरदस्त खेल कर लीसेस्टर में खेले गए सीरीज के एक मैच में 78 रन देकर 10 विकेट हासिल किए। (33 रन पर 05 विकेट और 45 रन पर 05 ) इस तरह से तेज गेंदबाजी करते हुए झूलन गोस्वामी ने इंग्लैंड के महिला खिलाड़ियों को पराभूत किया। इसलिए उसे '' प्लेयर ऑफ़ द सीरीज '' पुरस्कार देकर सन्मान किया गया।  

झूलन गोस्वामी की खास बातें / Things from Jhulan Goswami 

➤उम्र के 24 साल में ICC का '' महिला क्रिकेट ऑफ़ द ईयर '' पुरस्कार व्यक्तिगत प्राप्त करनेवाली एकमात्र क्रिकेटर है।  

सन 2007 में विश्व की सबसे तेज गेंदबज महिला होने के कारण उन्हें क्रिकेटर महिंद्र सिंह धोनी के हाथो '' महिला क्रिकेटर ऑफ़ द इयर'' पुरस्कारसे सन्मानित किया गया।   

➤ 120 कि.मी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबानी यह रफ्तार पुरषों की टीम में होती है। 

➤ झूलन गोस्वामी विश्व की सबसे तेज महिला गेंदबाज है। 

➤ 79 वन डे मैचों में 96 विकेट लेकर भारत की दूसरी सबसे ज्यादा विकेट हासिल करनेवाली महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी है। 

➤ 08 टेस्ट मैचों में 33 विकेट लिए और 540 रन प्राप्त किए।

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