सीताफल के लाभ / Benefits of Custerd Apple

Benefits of custerd Apple

सीताफल यह फल थंड के मौसम में मिलनेवाला फल है। संतरा, पपई, केला इनके जैसी ही सीताफल की खेती की जाती है। सीताफल के पेड़ घर के पीछे में और खेतों में ज्यादा दिखाई देता है। भारत में सीताफल सभी जगह मिलता है। सीताफल यह फल वेस्ट-इंडीज का है। शुष्क भूमि में सीताफल की खेती अच्छी होती है। सीताफल का पेड़ 10-12 फुट रहता है। इसके पेड़ को बकरी, जानवर, खाते नहीं। सीताफल के फल, साल, पत्ती, बीजा,  सभी का उपयोग बहुगुणी है।


सीताफल के नाम Name of Custerd Apple 

  • संस्कृत - वैदेहिवल्ल्भ और गंडगात्र 
  • मराठी - सीताफळ 
  • हिंदी - सीताफल 
  • इंग्रजी - Custerd Apple 
सीताफल में जीवनसत्व बी-1, बी-2, और जीवनसत्व कम रहते है। सक्खर का प्रमाण ज्यादा रहता है, इसके साथ-साथ पोटॅशियम, सोडियम, कैल्शियम, मग्नेशियम, फ़ॉस्फ़रस, क्लोरीन, आयरन, सल्फर, थायमिन और प्रोटीन इनका प्रमाण रहता है। सीताफल कच्चा खाते नहीं।कच्चा खाने का प्रयास भी ना करे। पकाहुआ सीताफल खाना चाहिए। इस फल के अंदर का भाग सफेद और काले रंग की बीजा रहती है। सीताफल का सफेद भाग निकालकर उसकी सरबत बनाना या फिर सफेद भाग और सक्खर डालकर फ्रिज में रख कर उसका आइसक्रीम बनाना खाने में बहुत ही टेस्टी लगता है। आइसक्रीम या सरबत पिने के बाद तुरंत पानी पीना नहीं चाहिए,  इसका ध्यान रखना है। 



सीताफल के औषधियुक्त गुणधर्म  

  • सीताफल का पेड़ ही औषधीयुक्त है। पका हुआ शीताफल बहुत ही मीठा रहता है यह खाने से खून बढ़ता है, एनर्जी मिलती है।हीमोग्लोबिन के लिए बहुत ही फायदेमंद है, गर्भवती महिलाने सीताफल नहीं खाना चाहिए। 
  • सीताफल हृदय के लिए अच्छा है लेकिन सीताफल में सक्खर का प्रमाण ज्यादा होने के कारण वजन बढ़ता है। जिनका वजन ज्यादा है उन्हों ने सीताफल नहीं खाना चाहिए। 
  • सीताफल का कैल्शियम हड्डियों को मजबूती और आयरन खून और हिमोग्लोबन की मात्रा बढ़ता है। 
  • सीताफल में पोटॅशियम रहता है और इसकी मात्रा मटन, मछली, मुर्गी इ. मांसाहार से दुप्पट रहती है तो अंगूर, संतरा, अंडे, दूध इनके तीनपट मात्रा रहती है। इसलिए शरीर के लिए लाभदायक है। 
  • सीताफल खाने से कमजोरी, थकवा निकल जाता है। 
  • सीताफल की पत्ति, तंबाखु और चुना का लेप जखम पर लगाने से जखम जल्दी भरता है। 
  • सीताफल के साल में जीवजंतु नष्ट करने का और जखम भरने का गुणधर्म है। 
  • बाल झड़ने के कारण टक्कल हुए भाग पर सीताफल के पत्ती के रस से दिन में दो बार मसाज करना  चाहिए और 1 घंटे के बाद नहाना चाहिए। कुछ दिनों में आपके बाल आजायेंगे। 
  • सीताफल के बीजा का चूर्ण बालों को लगाकर धोना चाहिए। इसके कारण बाल स्वच्छ, लंबे, घने और मुलायम होते है। 
सीताफल पेड़ के फल को छोड़ के पूरा पेड़ ही विषारी है इसलिए इसको जानवर, बकरी नहीं खाते। इसके पत्तियों का रस निकाल के लगे हुए किड पर छिटकाव करना चाहिए। जिनको सर्दी और खोखला रहता है उसने सीताफल नहीं खाना चाहिए। किसी को दर्द है, सूजन आई है ऐसे व्यक्ति ने सीताफल नहीं खाना चाहिए।

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