नारियल खाने के लाभ / Benefits of eating coconut

Benefits of eating coconut

नारियल को श्रीफल कहते है। हिन्दू के धार्मिक कार्यो में नारियल का उपयोग किया जाता है। नारियल का प्रसाद और नारियल प्रेम का प्रतिक है। नारियल की ओटी भरी जाती है। शुभ काम के समय पान, नारियल और सुपारी के साथ नए काम की सुरुवात करते है। नारियल कोकण किनारपट्टी के लोगों का उत्पन का साधन है। नारियल के पेड़ से विविध वस्तु बनाए जाते है इसलिए नारियल के पेड़ को '' कल्परुक्ष '' कहते है।


नारियल के नाम / Name of coconut 

  • संस्कृत - नारिकेल 
  • हिंदी - नारियल 
  • मराठी - नारळ 
  • इंग्रजी - coconut 
नारियल में पानी का प्रमाण बहुत ज्यादा रहता है। नारियल में पोटाशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम, आयरन, फ़ॉस्फ़रस, सोडियम और व्हिटमिन ए, बी, सी, प्राथिन की मात्रा रहती है। नारियल का पानी, दूध, तेल, तूप, सूखा खोबरा, करवंटी, कवला नारियल इ. औषधियुक्त है। पक्व नारियल में प्राथिन और स्निग्ध का प्रमाण ज्यादा रहता है। कवला नारियल का खोबरा मऊ, लुसलुशित, रुचक और आरोग्यदायक रहता है। नारियल के पेड़ के पत्तियों का उपयोग दोरखंड, पायदान , केरसुनि इ. साधन बनाए जाते है। 

मराठी मन - '' देवाची करनी नारळात पाणी '' 

'' नारिकेल सुमधुरं गुरु सिनग्धच शीतल। 
हर्द्य संब्रूहण  वस्तिशोधनं रक्तपित्तनूत। '' 

पंक्तियों का अर्थ - नारळ मधुर, स्निग्ध, शीतल, हृदयविकार, पुष्टिकारक, बस्तिशोधक, रक्तपित्तनाशक, कृमिनाशक, वातरोगनाशक, सारक, दाहकारक, पित्तजनक, बलवर्धक, वीर्यवर्धक, वात-कफ, खोकला इ. विकार दूर होते है। 



नारियल के औषधियुक्त गुण / Medicinal properties of coconut

➤ शरीर की गर्मी बहार निकालने के लिए नारियल के पानी का उपयोग किया जाता है। नारियल का पानी जन्तुविरहित रहता है यह एक निसर्ग का चमत्कार है।  

➤ नारियल का पानी पिने से पेट की बीमारिया दूर होती है। 

➤ न्यूमोनिया, गोवर, काजन्य, हगवन, कॉलरा, विषमज्वर, गेस्ट्रो इ.रोगो के कारण शरीर के पानी का अंश कम होकर ' डिहाइड्रेशन ' होने की संभावना रहती है। ऐसे समय में नारियल का पानी पिलाना चाहिए। पानी सलाईन दिए जैसा ही काम करता है।  

➤ गर्भवती महिला के लिए यह पानी लाभदायक है। 

➤ माता को दूध नहीं आता है, ऐसे समय पर गाय या बहार का दूध खरीद के लाते है और बच्चे को पिलाते है, लेकिन यह दूध बच्चे को पचेगा इसकी कोई ग्यारंटी नहीं रहती अगर बच्चे को उलटी और जुलाब होता है, तो ऐसे समय पर नारियल का पानी पिलाना चाहिए।    

➤ पेशाब करते समय खून निकलता है तो सुबह-शाम नारियल का पानी पीना चाहिए। 

➤ मूत्रविकार और मुतखडा, पेशाब कम-कम होना इसके लिए नारियल पानी में शक़्कर मिलाकर पीनेसे आराम होता है। 

➤ नारियल पानी से शरीर की गर्मी कम होती है। किसी को बार-बार प्यास लगती हो उसने नारियल पानी पीना चाहिए। नारियल के पानी में सातु का आटा और शक़्कर मिलाकर खाने से चक्कर  नहीं आता।




➤ वाचन, मनन, चिंतन करके थकवा आता हो ऐसे समय पर नारियल पानी में शहद मिलाकर पिने से थकवा दूर होता है। 

➤ जिस व्यक्ति को मधुमेह(diabetes) नहीं है ऐसे व्यक्ति ने हप्ते में एक दिन नारियल पानी पीना जरुरी है। 

➤ गिला नारियल के खोबरा से दूध बनाया जाता है यह दूध पाचक, पौष्टिक और औषधियुक्त है। उसमे बढ़ी मात्रा में ' अ ' जीवनसत्व होने के कारण शरीर सुढृढ़ बनता है। सूखी खाँसी जाने के लिए दूध में शक़्कर  मिलाकर पीना चाहिए।  

➤ वीर्यवृद्धि के लिए रात में सोते समय शक़्कर के साथ सूका खोबरा खाना चाहिए। संडास को बार बार जाना पड़ता हो तो सूका खोबरा नहीं खाना चाहिए। 

➤ सुकी खासी कम होने के लिए गिला खोबरा खाना चाहिए। खासी से खून निकलता हो तो गिला खोबरा और मनुका खाना चाहिए। 

➤ खोबरा तेल में निम्बू का रस मिलाकर बालों को लगाने से बाल चमकदार और घने बनते है। 

➤ चेहरे पर आए हुए सुरकुत्या, मुँहासे, धब्बे इस के लिए नारियल पानी में निम्बू का रस और ग्लिसरीन सोते समय चहरे पर लगाना से जाते है। 

➤ हृदयविकार और कोलेस्ट्रॉरॉल ज्यादा है ऐसे व्यक्ति ने सुका नारियल नहीं खाना चाहिए।  

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