कटहल के फायदे / Benefits of Jackfruit

Benefits of Jackfruit

कटहल का पेड़ महाराष्ट्र में कोकण दक्षिण भारत केरल, कर्नाटक में ज्यादा तर पाया जाता है। गर्मी के दिनों में कटहल के पेड़ को ज्यादा फल आते है। कोकण के गरीब किसान कटहल की गरे, कटहल की रोटी, कटहल की बी, कटहल का पेड़ बहुत बड़ा रहता है।यह पेड़ बहुत ही बहुगुणी है। इसलिए कटहल के पेड़ को कोकण में '' कल्परुक्ष कहते है।


कटहल के नाम / Name of jackfruit 

  • मराठी - फणस 
  • हिंदी -कटहल 
  • इंग्रजी - Jack Fruit 
  • नेपाली - बाक्यांश
  • गुजरती - જેકફ્રૂટ
  • अफ्रीकन -Jack
  •       उर्दू  -  جیکفیو
कटहल में व्हिटामिन ए, बी, सी, कैल्शियम, सोडियम, फ़ॉस्फ़रस, आयरन इनका प्रमाण रहता है। अंगूर और काजू से ज्यादा कटहल में कार्बोहड्रेट और प्रोटीन की मात्रा रहती है। कच्चे कटहल की सब्जी बनाते है। कुछ महिलाएं कटहल की सब्जी मटन के सब्जी जैसे बनाते है। कच्चे कटहल काट के आम के लोनंच में या उनका लोनंच बनाते है। कच्चा कटहल के बीजा की सब्जी बनाते है। विदर्भ और खानदेश में कच्चा कटहल का ज्यादा खाते है। 



कटहल के तीन प्रकार / Three types of jackfruit 

  • कापा कटहल 
  • बरका कटहल 
  • पका कटहल 
• कापा कटहल - सब्जी बनाते है उसे कापा कटहल कहते है। 

• बरका कटहल - बरका कटहल की रोटी बनाते है। 

• पका कटहल - पका कटहल अंतर से पीला रहता है। कटहल पकने के बाद स्टार्च कम होकर के ग्लूकोज की मात्रा बढ़ती है। उस कारण उसको मीठापण रहता है। पका हुआ कटहल स्निग्ध, पित्त, वायुहारक, तृप्तिदायक, मांसवर्धक, बलदायक, वीर्यवर्धक है। पके कटहल के गाभा की रोटी बनाते है यह रोटी बहुत ही मीठी और टेस्टी रहती है। कटहल के बी की आमटी, कढ़ी, सार इसमें डालके खा सकते है। 



कटहल के औषधियुक्त गुण / Medicinal properties of jackfruit

➤ कच्चे कटहल से दूध जैसा चीकट द्रव निकलता है उसे सूज की जगह पर लगाने से आराम मिलता है। 

➤ पका हुआ कटहल ज्यादा खाने से हगवन लगती है। लिमिट में लेने से रक्तपित्त जैसे विकार दूर होते है। 

➤ कटहल के पेड़ के टहनी के टोक पर काले रंग का मोघ रहता है उसका रस पिने से गलेकि सूज, दर्द काम होकर के कंठरोग को आराम मिलता है।  

➤ पके हुए कटहल का गाभा खाने से हमारी सेहत अच्छी रहती है। 

➤ पत्तियों का काढ़ा बनकार पिने से जुलाब और आव कम होती है। 

➤ कटहल के बीज को पीस के उसका चूर्ण को पानी में मिलाकर चेहरे पर लगाने से मुहासे और चेहरा स्वच्छ रहता है।  

➤ कटहल के साल का रस और आम के साल का रस निकलकर उसमे चुना मिलकर पिने से पेट के विकार साफ होते है। 

➤ रक्तपित्त विकार के लिए कटहल बहुत उपयोगी है। 

➤ कटहल के पेड़ के दूध से रबर बनाया जाता है। 

➤ कटहल के पेड़ का उपयोग सागवान के पेड़ जैसा ही होता है। सागवान के लकड़ी जैसा मजबूत रहता है और इससे नक्षीदार दरवाजा, कपट और अन्य वस्तु बनाये जाते है।

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