गोपाल गणेश आगरकर की जीवनी / Biography of Gopal Ganesh Agarkar

Biography f Gopal Ganesh Agarkar

गोपाल गणेश आगरकर का जन्म 14 जुलाई 1856 को सातारा जिला के '' टेंभु '' गांव में हुआ है। घर की परिस्थिति गरीबी की थी इसलिए पढ़ाई के लिए उन्हें बहुत ही तकलीफ का सामना करना पढ़ा था। पढ़ाई का खर्चा उठाने के लिए गोपाल गणेश आगरकर काम पर जाते थे। कचेरी में जाते थे , कम्पाउंडर का काम करते थे इस तरह से काम कर के वे दसवीं तक पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के लिए रत्नागिरी, अकोला, कराड जाते थे। 


सन 1975 में वे दसवीं पास हुए और महाविद्यालयीन पढ़ाई के लिए पूणा गए। पुना में उन्हों ने डेक्कन कॉलेज में प्रवेश लिया। न्यूज पेपर पर लेखन करना, वक्तृत्व स्पर्धा, निबंध स्पर्धा इस में भाग लेकर बक्षिस प्राप्त करना , स्कॉलरशिप मिलना इस तरह से पढ़ाई करते थे। 

आगरकरजी ने एम.ए में इतिहास और तत्वज्ञान विषय लेकर पढ़ाई पूरी की। इसी बिच आगरकर की मुलाखात लोकमान्य तिलक से हुई। उन्हों ने पाश्चिमात्य विचारवंत के ग्रंथ पढ़े। जॉन स्टुअर्स और हर्बर्ट स्पेन्सर के विचारों से प्रेरणा लेते थे। समाज में अज्ञान, अंधश्र्द्धा, धार्मिक, इ. से बहुजन समाज और स्त्री जाती का शोषण होता था। यह सब गोपाल गणेश आगरकर को देख के नहीं होता था। इस समस्या का हल निकलना चाहिए इसके लिए वे प्रयत्न करने लगे।


व्यक्तिगतता और बौद्धिकता / Individualism and intellectualism

व्यक्तिगतता और बौद्धिकता यह आगरकर के विचारसरणी का मूल गुण था। इस गुन का स्वीकार उन्होंने समाज को सुधरने के लिए किया। कोई भी बात आदमी ने अंधश्र्दा में रहकर स्वीकार नहीं करना चाहिए। उस बात पर अपना चिंतन मनन और विचार करना चाहिए की यह बात सही है या गलत। 

शैक्षिणक कार्य / Educational work


पुणे में एम ए की पढ़ाई करते समय आगरकर की मुलाखत लोकमान्य तिलक से हुई। दोनों का उदेश एक ही था इसलिए दोनों में दोस्ती हुई। पढ़ाई के बात दोनों दोस्तों ने सरकारी नोकरी नहीं किए और समाजही के लिए  कार्य  करने लगे। 


समाज का हित याने की सबसे पहले उन्हें शिक्षित बनाना है। इस बात से प्रेरित होकर लोकमान्य तिलक, गोपाल गणेश आगरकर और विष्णुशास्त्री चिपलूनकर इन तीनों ने सन 1880 में पुणे में '' न्यू इंग्लिश स्कूल की स्थापना की। सन 1844 में तिलक और आगकर ने डेक्क्न एज्युकेशन सोसायटी की स्थापना की। एक साल के बाद इसी जगह फगर्यूसन कॉलेज चालू किए और सन 1892 में आगरकर फर्ग्युसन कॉलेज के प्राचार्य बने। आगरकर इस कॉलेज में इतिहास और तर्कशास्त्र पढ़ाते थे।

और जानकारी अपडेट करनी बाकि है बहुत ही जल्द आगे की जानकारी मिलनेवाली है।

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