ॐ उच्चारण के लाभ / ॐAdvantage of pronunciation


ॐ का उच्चारण सिर्फ धार्मिकता के लिए ही नहीं बल्कि स्वस्थ आरोग्य के लिए भी फायदेमंद होता है. प्रतिदिन पाच मिनट ॐ का उच्चारण करने से शाररिक व् मानसिक संतुलन की अनुभूति महसूस होती है.


ॐ का उच्चारण कैसे करे ? ॐ How to pronounce ?


ओम के उच्चारण करने के लिए किसी भी स्तिथि मे बैठकर आखें बंद कर शांत रहकर एक लम्बी श्वास लेते हुए ॐ का उच्चारण के साथ धीरे धीरे श्वास को छोड़ते हुए ॐ शब्द की पुनरावर्ती निरंतर करते रहना चाहिए। इस प्रक्रिया को करते हुए पूरा शरीर वाय्ब्रेसन होना चाहिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए .

ॐ के उच्चारण करते समय कान बंद हो तो अधिक फायदा होंगा 

ॐ कार जपने व परिणाम के महत्त्व 


1. मानवीय मन को शुद्ध करना।

2. मानवीय मन के भावनाओं पर नियंत्रण रखना।

3. मन की एकाग्रता , स्मरण शक्ति व बुध्दिमता को बढ़ाना , वैसे ही किसी बात को समझना ,व समझने की पात्रता को बढ़ाना।

4. शाररिक दुर्ष्टि , मानसिक रूप से आराम महसूस होना, अपने भावनावों पर नियंत्रण रखना।

5. ॐ के जाप से आजू बाजु के वातावरण मे एक तरंग निर्माण होकर  इस वातावरण मे समाधी लगा पाना आसन होता है. मानवीय मन इस वातावरण मे रम जाता है।


ॐ का जाप 

ओम .....................ओ ...................म ....................ओम ...................

ॐ के उच्चारण से अनेक रोगों पर नियंत्रण 

हिन्दू धर्म मे ॐ का महत्वपूर्ण स्थान है।जिव सृष्टि की पहली ध्वनी ॐ को ही माना जाता रहा है।मन्त्र उच्चारणों मे ॐ का उच्चारण न हो तो मन्त्र अधुरा समजा जाता है अपूर्ण महसूस होता है. परन्तु ॐ का धार्मिक महत्व के साथ साथ शारिरिक महत्व भी है जो आज हम आपसे इस संबध मे चर्चा करेंगे।

1 थायराइड –ॐ के उच्चारण करने से गले मे कंपन निर्माण होता है इससे थायराइड ग्रंथि पर सकारात्मक परिणाम पढता है।

2 अस्वस्थता – यदी आपको अस्वस्थ महसूस हो तो ॐ का उच्चारण आखें बंद कर पाच मिनट के लिए लम्बी श्वास लेते हुए कर ले, आराम लगेगा।

3 तनाव – इससे शरीर के विषारी घटक (टाक्सिन) दूर होते है।

4 रक्त प्रवाह – इससे ह्रदय सुदृढ़ रहता है और रक्त प्रवाह संतुलित बहता है।

5 पाचन – ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति बढती है।

6 स्फूर्ति – ओमकार से शरीर मे स्फुर्ति का संचार होता है।

7 थकान – थकान मिटने के लिए इससे बढ़िया उपाय दूसरा नहीं है।

8 नीद – ॐ के नियमित उच्चारण से कुछ ही दिनों मे नीद न आने की समस्या दूर हो जाती है।

9 श्वसनतंत्र – फेफड़े मजबूत बनते है।

10 रीड की हड्डी – ॐ के कम्पन से पीठ के रीड की हड्डिया मजबूत बनती है व उनकी कार्यप्रणाली में सुधार होता है।
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