कुद्रत का बहुमूल्य उपहार 'शहद' | Kudrat's precious gift 'honey'


शहद कोई वनस्पति नहीं है, लेकिन मधुमख्खियों ने बहुत ही मेहनत से एक जगह पर इक्कठा किया हुआ फूलों का रस है। यह कुदरत की देन है, इसका स्वाद मीठा है और सेहद के लिए बहुत ही उपयुक्त है। अपने देश में शहद का उपयोग प्राचीन काल से किया जा रहता है। पुराणों के दन्त कथा से यह पता चलता है की देवताओं को अमरत्व अमृत से प्राप्त हुआ था। आज के स्थिति में भू-लोग में अमृत है, जिसका नाम ' शहद ' है।
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Kudrat's precious gigt 'honey'
आयुर्वेदाचार्य वाग्भट कहते है की, ' शहद ' रामबाण उपाय है। शहद के साथ औषधि मिलाकर खाने से आराम मिलता है और मानवजाति के लिए बहुत ही फायदे मंद है।

शहद इक्क्ठा करने के लिए मधुमखियों को अनेक प्रकार के प्रजाति के फूलों से रस इक्कठा करना पड़ता है। यह रस याने की शहद कुछ ही प्रजाति के फूलों में पाया जाता है। एक मधुमख्खि एक दिन में अनेक प्रजाति के फूलों से रस इक्कठा करती है और यह रस एक छाते में इक्कठा करती है, इसे ही 'शहद' कहते है। अभी शहद के औषधीय गुणों के बारे में रिसर्च चालू है। जंगल के आदिवासी लोग, मागासवर्गीय लोग और कातकरी आदि का शहद इक्कठा करने का काम है। पाश्चिमात्य देश में वैज्ञानिक और आधुनिक तरिके से शहद निकाला जाता है।


लेकिन भारत देश में शहद का उत्पन्न ज्यादा नहीं है। महाराष्ट्र, बंगाल, तमिलनाडु, पंजाब और मध्यप्रदेश आदि राज्य में से शहद का उत्पादन चालू हुआ है।
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ऑस्ट्रेलिया, न्यूझीलैंड, रशिया और स्कॉटलैंट आदि देशों में शहद उत्तम प्रतिका पाया जाता है।

शहद में 50-60 घटक रहते है जिसमे जीवनसत्व अ, ब, क, लोह, तांबे, कैल्शियम, क्लोरीन, नायसिन, फ़ॉस्फ़रस, पोटॅशियम, सोडियम, सल्फर और मैगनीज आदि का प्रमाण रहता है। शहद में फलशर्करा 42 % और द्रक्षशर्करा का प्रमाण 35 % और गुल्कोज का प्रमाण 70 % रहता है। यह गुल्कोज खून में मिलता है और पाचन भी होता है। शहद उत्तम शक्तिवर्धक टॉनिक है। बीमार मरीज को 'गुल्कोज डी' देते है लेकिन शहद दिए तो बहुत ही फायदे मंद है। शहद बहुत दिनों तक अच्छा रहता है और पुराना शहद बहुत ही फायदे मंद रहता है।

शहद में औषधि गुण रहते है। दो-तीन हजार वर्ष पहले 'हिप्पोक्रॅट्स' वैद्यकशास्त्र के जनक ने शहद के उपयोग को बहुत ही महत्व दिया है वैसे ही 'चरक' भारतीय वैद्यकशास्त्रज्ञने भी शहद को औषध कहाँ है।

'शहद ' को आयुर्वेद, होमिओ और अलोपथिक में औषधि का स्थान प्राप्त हुआ है। आयुर्वेद में अनेक प्रकर के चूर्ण, भस्मे और वनस्पति की पत्तिया, रस आदि शहद के साथ खाने के लिए बताते है।       
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 शहद के औषधियुक्त गुण | Medicinal properties of honey 

◾छोटे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए शहद उपयुक्त टॉनिक है। छोटे बच्चों के बद्धकोष्ठ की समस्या शहद खाने से दूर होती है। नियमित शहद का सेवन करा चाहिए इस से छोटे बच्चें निरोगी और सुदॄढ रहते है।  
◾शहद शक्ति बढाती है, हिमोग्लोबिन का प्रमाण बढाती है, कप पतला करके खासी कम करती है। क्षयरोगी को प्रतिदिन सुबह-शाम दूध के साथ दो चमच शहद पिने से वजन बढ़ता है।  
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◾2 चमच शहद में एक चमच निम्बू मिलाकर सुबह-शाम पिने से रक्त-दाब (Blood pressure) कम होता है। 
◾शहद में शक़्क़र का प्रमाण रहता है, इसी कारण रक्त का संचार होता है। शहद में रहनेवाले आयरन के मात्रा के कारण खून शुद्ध होता है।   
◾ह्रदय विकार के रोगी ने 2-3 पंखुड़िया रात में दही के साथ भिगोकर रखे उसमे लवंग और लाइची चबाकर खाना चाहिए। शहद मिलाकर दूध पीना चाहिए। 
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◾पैरालिसिस, अपचन, हातपाय कापना और कमजोरी आदि के लिए शहद पानी के साथ पीना चाहिए। 
◾मोटापा कम करने के लिए निम्बू पानी के साथ शहद मिलाकर पिने से शरीर की चर्बी और वजन कम होता है 
◾रात में खाना खाने के बाद हर दिन 2 चमच शहद सरदर्द कम होता है, नींद अच्छी लगती है और मानसिक, शाररिक शक्ति बढ़ती है।  
◾सब्जी काटते समय हाथ कटना, जलना आदि जखम के लिए शहद लगाकर पट्टी बांध ले जखम अच्छा हो जाएगा। 
◾खुजली के लिए सुबह मुँह धोने के बाद खाली पेठ 4 चमच शहद और 4 चमच पानी 1 माह पिने से खुजली कम होती है और त्वचा संबंधी समस्या दूर होती है। 
◾अपना आवाज मधुर और अच्छा निकलना चाहिए इसलिए शहद का सेवन करना चाहिए। 
◾मधुमख्खी के छाते का मेन चेहरे पर लगाने से चेहरा निखरने लगता है और आँवले के रस के साथ शहद मिलाकर पिने से दॄष्टि दोष, त्वचा रोग ठीक होते है। 
◾शहद का उपयोग दूध, दही और घी जैसे हम, हरदिन के भोजन में कर सकते है।  
◾महात्मा गांधी और विनोबा भावे ने शहद का उपयोग आहार में कर के उपयोग बढ़ाया है।   
◾शहद गरम करके पीना नहीं चाहिए, घी और शहद सम प्रमाण में एक साथ नहीं लेना चाहिए, बुखार के समय दूध और शहद का मिश्रण नहीं पीना चाहिए। पेट में जहरीला पदार्थ गया हो तो शहद नहीं पीना चाहिए। ज्यादा शहद नहीं पीना चाहिए अगर पिए हो तो दुष्परिणाम टालने के लिए कच्चा धनिया और अनार खाना चाहिए।  
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