विजय गाथा राजर्षी शाहू महाराज | Vijaya gāthā rājarṣī śāhū mahārāja


छत्रपति शिवाजी महाराज के दूसरे पुत्र के वंसज शिवाजी ( चौथे ) कोल्हापूर के राजा थे। कुछ दिनों के बाद शिवाजी (चौथे ) का वध हुआ। इसलिए उनकी विधवा पत्नी आनंदीबाई ने अपने ठेकेदार आबासाहेब घाडगे के पुत्र यशवंतराव को 17 मार्च 1884 में दत्तक लिया और आगे चलके राजर्षि शाहू महाराज के नाम से प्रसिद्ध हुए। 
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Vijaya gatha rajarsi sahu maharaja

छत्रपति शाहू महाराज के पिताजी जयसिंगराव (आबासाहेब ) घाडगे और माताजी राधाबाई मुधोल घराने की राजकन्या थी। छत्रपति शाहू महाराज की माताजी राधाबाई का मृत्यु (20 मार्च 1977) बचपन में ही हुआ। आज हम इस लेख के माध्यम से राजर्षी शाहू महाराज की विजय गाथा बतानेवाले है। साथों-साथ सामान्य ज्ञान की जानकारी आपको मिलनेवाली है। 

राजर्षी शाहू महाराज का परिचय | Introduction to Rajarshi Shahu Maharaj

जन्म : 26 जून 1874
पूरा नाम : यशवंतराव जयसिंगराव घाटगे
जन्म स्थान : कागल, जिल्हा- कोल्हापुर (महाराष्ट्र)
पत्नी : लक्ष्मीबाई साहेब

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राजर्षी शाहू महाराज विजया गाथा | Rajarshi Shahu Maharaj Vijay gaagtha 

▪️ 02 अप्रैल 1894 - को राजर्षि शाहू महाराज को कोल्हापुर संस्थान  राज्यकारभार की जिम्मेदारी दी गई।  
▪️ 1895 - में मोतीबाग तालीम की सुरुवात, शाहुपूरी गुळ बाजारपेठ की स्थापना।  
▪️ 1896 - कोल्हापुर में सभी जाति-जामती विद्यार्थीयों के लिए छात्रावास की स्थापना।   
▪️ 1901 - मराठा जाती के विद्यार्थीयों के लिए कोल्हापुर में 'व्हिक्टोरिया मराठा बोर्डिंग ' की स्थापना। 
▪️ नाशिक में ' उदोजी विद्यार्थी छात्रावास ' की स्थापना। 


▪️ 26 जुलाई 1902 को संस्थानी नौकरी में मागास्वर्गियों को 50 % आरक्षण देने का आदेश जारी हुआ। 
▪️ राजर्षि शाहू महाराज को केंब्रिज विद्यापीठ ने ' एलएलडी ' पदवी से सन्मानित किये। 
▪️ 15 नव्हंबर 1906 को ' किंग एडवर्ड मोहमेडन एज्युकेशन सोसायटी ' की स्थापना और ' शाहू स्पिनिंग अण्ड विव्हिंग मिल ' की स्थापना।  
▪️ 1907- कपडा मिल चालू किए। 
▪️ 1907 - अस्पृश्य विधार्थियों के लिए ' मिस क्लार्क बोर्डिंग हाउस ' की स्थापना। 
▪️ 1910 - जहागिरदार के अधिकार कम किए। 
▪️ 11 जनवरी 1911 - कोल्हापुर में ' सत्यशोधक समाज ' ( अध्यक्ष - परशुराम घोसटवाडकर इनामदार, प्रमुख- भास्करराव जाधव ) की स्थापना।  
▪️ प्राध्यापक को प्रशिक्षण देने की योजना और गुणवत्ता के नुसार पदोन्नति देनेकी योजना चालू हुई।  
▪️ 1911- भोगावती नदीपर ' राधानगरी ' बांध बनाए। 
▪️ 1912 - सहकारी कानून बनाकर सहकारी आंदोलन को प्रोत्साहन  


▪️ 1916 - बहुजन समाज को राजकीय हक्क मिलने के लिए ' निपानी ' गांव में ' डेक्कन रयत शिक्षण संस्था ' की स्थापना।  
▪️ 1917 - विधवा को पुनर्विवाह की मान्यता।  
▪️ 1918 - आंतरजातीय विवाह को मान्यता। 
▪️ 25 जुलाई 1917 - संस्थान के प्राथमिक स्कूल में फि माफ़ की घोषणा। 
▪️ 21 नोहंबर 1917 - प्राथमिक शिक्षण नियमित किए। 
▪️ 1918 - कुलकर्णी और वतने रद्द किए। 
▪️ तलाठी स्कूल की स्थापना। 
▪️ 1919 - अस्पृश्यों के स्वतंत्र स्कुल बंद किए गए और सरकारी स्कूल में पढ़ने लगे। 
▪️ अप्रैल 1919 - कानपूर के ' अखिल भारत वर्षीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा ' इस संस्था के 13 वे अधिवेशन में छत्रपति शाहू महाराज को ' राजर्षी ' पदवी दी गई। 
▪️ 1920 - हुबळी के ' ब्रह्मणेत्तर सामाजिक परिषद ' के अध्यक्ष बने। 
▪️ 1920 - माणगांव के अस्पृश्य परिषद में डॉ.बाबासाहब अंबेडकर को दलितों का नेतृत्व करने को कहा। 
▪️ राजर्षी शाहू महाराज ने कोल्हापुर में 20 छात्रावास की स्थापना किए इसलिय कोल्हापुर को ' छात्रावास की जननी ' कहते है।  
▪️ छात्रवास के आद्यजनक, किसानों का सच्चा राजा, लोग कल्याणकारी राजा आदि नामों से शाहू महाराज का गौरव किया गया।   
▪️ सैन्य शिक्षा के लिए इन्फंट्री स्कुल, श्री शिवाजी प्रिपरेटरी मिलिटरी स्कूल(एस.एस.पी.एम), जयसिंगराव घाटगे टेक्नीकल इंस्टिटयूट आदि स्थापन किए। 
▪️ ' सर्वांगीण राष्ट्रपुरष ' इस शब्द में शाहू महाराज का गौरव वि.रा.शिंदे ने किया है। 
▪️ शाहू महाराज को महात्मा फुले और उनके सत्यशोधक समाज के विचार का प्रभाव था। 
▪️ मृत्यु : 06 में 1922, मुंबई 
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