How did Ranu Mandal make a career in singing | रानू मंडल ने गायन में अपना करियर कैसे बनाया


दोस्तों नमस्ते, 

'' भगवान के यहाँ  देर है, अंधेर नहीं''  इस कहावत को अंजाम देनेवाली, रेलवे स्टेशन गीत गानेवाली  '' रानू मंडल '' ने 100 प्रतिशत पूरा किया और पहुँची बॉलीवुड.


 How did Ranu Mandal make a career in singing


मन में कुछ सवाल आते होंगे जैसे की , रानू मंडल की सफलता का रहस्य क्या है? (What is the secret of success of Ranu Mandal?), बॉलीवुड में उनके रिश्तेदार थे? (Were his relatives in Bollywood?), हनी सिंग की तरह, वह सिंगिंग की पढ़ाई के लिए विदेश गए. (Like Honey Sing, he went abroad to study Singing.)
सभी सवालों के जवाब इस Article में मिलेंगे।


''नीतिवचन'' रानू मंडल को उजागर करता है | Proverbs expose ranu mandal


◼️ सभी इंसान खास होते है. उनमे काबिलियत और कमजोरी होती है-हमें इंसान में एक बात जानना जरुरी है की, उसे क्या चाहिए, उसे किस बात में ख़ुशी मिलती है, उसकी क्या खासियत है, उसका दिल क्या चाहता है, उसे किस चीज में ख़ुशी मिलती है यह हमें देखना है और उसकी जो कमजोरी है उसके लिए हमें मदद करना है. बस कुछ इस तरह ही हुआ रानू मंडल के साथ और उन्हें हिमेशजी के फिल्म- हैप्पी हार्डी और हीर में तेरी मेरी कहानी इस गाने के लिए चुना गया.  

◼️ कोई भी लक्ष्य मनुष्य के प्रयासों से बड़ा नहीं है, हारा तो ओ व्यक्ति जिसने कभी संघर्ष नहीं किया - रानू मंडल ने भी कुछ इस तरह ही किया है, उनका लक्ष्य गीत गाने में था. रेलवे स्टेशन पर गीत गाकर के संघर्ष कर रही थी. सभी ने उनका साथ छोड़ दिया लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य का साथ नहीं छोड़ा और एक दिन स्टार बन गई.  हर इंसान कामयाब होना चाहता है, बस उसे अपने काम के लगातार लगन से प्रतिदिन करना चाहिए जिस तरह से रानू मण्डलजी ने रेलवे स्टेशन पर गीत गाकर के किया है. भगवान के यहाँ देर है, अंधरे नहीं, मेरे दोस्त इस संघर्ष के लिए रानू मंडलजी को मेरा सैल्यूट....    

◼️ जब आप अपने पैरों पर चलना चाहते हैं तो आप गैरो पर भरोसा क्यों करते हैं - यह कहावत बलकुल ही सही है, इसे आज रानू मंडल ने साबित कर के दिखा है, रानू मंडलजी का साथ अपनों ने छोड़ दिया था, पति गुजर गए थे, लड़की की शादी हुई थी वे अकेली थी, हर इंसान कामयाब होना चाहता है, इस हालात में गैरो पर भरोसा कैसे करती, क्यों की उसे अपने पैरो पर चलना था, इस लिए वे रेलवे स्टेशन पर गीत गाथी थी और आज अपने ही पैरो पर खड़ी हो गई. आज वे किसी के पहचान की मौताज नहीं  खुद अपनी पहचान और रास्ते बना लिए. दोस्तों यहाँ पर एक बात ध्यान रखना केवल जिद्दी आदमी ही इतिहास रचता है.   

◼️ बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपया - इस कहावत को बदल दिया रानू मंडल ने अभी यह कहावत ''बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ी मैया''  बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपया इस कहावत के नुसार मित्र, दादा, दादी मामा, मामी, चाचा-चाची, भैया-भाभी अपने सगे-संबंध को छोड़कर इंसान पैसों की तरफ भागता है. 


 ◼️ प्रकृति का भी नियम बदलते रहता है - रानू मंडल की बेटी, सभी रिश्तेदारों ने उनका साथ छोड़ दिया था क्यों की उनके पास पैसा था और रानू मंडल के पास पैसा नहीं था. लेकिन आज रानू मंडल पैसों और पहचान की मौतज नहीं है एक विडिओ सोशल मिडिया पर व्हायरल होने से पैसे ही पैसे मिलते है. उनके पास पैसा आने से उनकी बेटी उनके पास आ गई और उन्हों ने गले लगा लिए क्यों की माँ है , माँ का दिल समूनदर से कही गुना बड़ा होता है, माँ की स्तुति करने के लिए इस संसार में शब्द अधूरे है. 

◼️ 'स्वामी तिन्ही जगाचा आई विना भिकारी'- इस मराठी कहावत के नुसार भगवान माँ का भिकारी है क्यों की उसके पास माँ नहीं है, ओ तरसता है बेटा बनने के लिए. दोस्तों माँ-बाप की सेवा जरूर कीजिये.

◼️ दुनिया में कोई इंसान अभागा नहीं है, सिर्फ ओ जागा नहीं है - इस कहावत को रानू मंडल ने सच कर दिया है, रानू मंडल अपने काम के प्रति सैदेव जागृत रहती थी क्यों की वह प्रदि-दिन रेलवे स्टेशन पर गीत गाती थी और अपना जीवन व्यापन करती थी. अगर रानू मंडल ने गीत गाना छोड़ दिया होता तो, आज इतनी बड़ी स्टार नहीं बन पाती लेकिन वे अपने काम के प्रति जागृत थी इसलिए ' एक प्यार का नगमा है ' यह गीत एक शख्स जितेंद्र चक्रवर्ती ने शूट किया और सोशल मिडिया पर व्हायरल किया और रातो रात रानू मंडल स्टार बनी.    

◼️ कोयले में भी हिरा मिलता है - रानू मंडल एक रेलवे स्टेशन पर अर्थात कोयले के ढिगारे पर थी आज ओ हिरा बन गई इसलिय बॉलीवुड में गीत गाकर के चमक रही है और पूरी दुनिया देख रही है.  

 ◼️ सपने अपने है तो रास्ते खुद बनाना चाइये- इस कहावत के नुसार, दोस्तों अभी आपके मन में एक फिल्म का सिन नजर आता होगा, जिसका नाम है, 3 Idiots इसके कलाकर Aamir Khan , R. Madhavan और Sharman Joshi है. इस फिल्म में अमिर खानजी को स्कुल में What is a machine? यह प्रश्न पूछा गया था.

◼️ उन्हों ने मशीन की परिभाषा (Definition) बताया की, हर ओ चीज इंसान का काम आसान करे और वक्त पर जाए. अर्थात इंसान एक मशीन है और इंसान ही हर ओ सभी काम आसान बनाता है और वक्त की कदर करता है वही कामयाबी के शिखर तक पहुँचता है. 

मा. आमिर खानजी ने जो उत्तर दिया इस बात से यह साबित होता है की, हमें अपने जीवन के रास्ते खुद बनाना चाहिए. 

इतिहास निर्माताओं के उदाहरण | Examples of history makers

इतिहास वही रचता है जिसके मन में कोई जिद्द आती है. ऎसे ही कुछ इतिहास रचनेवाले जिद्दी लोगों के नाम निचे दिए गए है.

1. दशरथ माँझी - इनकी बीवी पेन के कारण 55 किलोमीटर का पहाड़ नहीं पार कर सकती थी इसके कारण अस्पताल नहीं ले पाया इसलिए उसके मन में जिद्द निर्माण हुई और 22 साल में छेनी और हथोड़े से पहाड़ को तोड़ दिया।


2. नेल्सन मंडेला - 27 साल जेल में रहे. 

3.महात्मा गाँधी - अंग्रेजों  ने उन्हें साऊथ आफ्रिका में ट्रेन से निचे उत्तर दिए थे उनके पास टिकट भी था लेकिन तभी उहोने सोचा की तुम ने मझे ट्रेन से उतारे मैं तुम्हे देश से बाहर निकालूंगा.

4. मेरी कॉम - नार्थ ईस्ट के एक लड़के को एशियन गेम में जीतते हुए देखा और मन में जिद्द निर्माण करके कहने लगी मैं भी अपने देश का नाम रोशन करुँगी. 

5. भगतसिंग - उसके पिताजी ने उनसे कहा की बेटा तेरी शादी तय हुई है, तब भगतसिंग बोले पिताजी मैंने अपना शरीर देश के नाम कर दिया है और भगतसिंग आजादी के जंग के लिए निकल पड़े.
दोस्तों हमें अपने जिद्द को बढ़ा करना चाहिए, हमारा जो सपना है उसे पूरा करने में मेहनत करनी चाहिए तभी  हम कामयाब और इतिहास रच सकते है.

इसी तरह ही सोशल मिडिया पर एक विडिओ ने करोड़ो लोगों को अपने तरफ आकर्षित कर दिया है, हम बात करने जा रहे है '' रानू मंडल'' की जो रेलवे स्टेशन पर गीत गानेवाली पहुंच गई बॉलीवुड.



कैसे 'रानू मंडल' रेलवे स्टेशन से बॉलीवुड तक पहुंची | How 'Ranu Mandal' reached Bollywood from railway station


हम में किसी काम का हुनर है और ओ काम हम प्रति दिन लगन से करते है, तो उस काम में कामयाबी हासिल करके रहेंगे. रानू मंडल जी प्रादि दिन अपना पश्चिम बंगाल के '' राणा घाट '' रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर के अपना गुजर बसर करती थी. वे कुछ काम करती थी अर्थात गीत गाने का काम वे भिक नहीं मांगती थी. गीत गाने के बाद लोग अपने इच्छा नुसार कुछ लोग पैसे देते थे, कुछ लोक खाना देते थे. इस तरह से अपनी जिंदगी चलाती थी. '' जिंदगी एक सफर है सुहाना कल क्या हो यह किसने जाना '' इस गीत की तरह उसकी किस्मत बदल गई. 

 पश्चिम बंगाल के '' राणा घाट '' रेलवे स्टेशन पर लता दीदी का फेमस गाना '' एक प्यार का नगमा है '' इस गाने को अपनी आवाज में गाती थी. जितेंद्र चक्रवर्ती ने इस गाने को शूट किया और सोशल मिडिया पर व्हायरल किया और रातो रात रानू मंडल स्टार बनी. हिमेश रेशमियाजी की फिल्म- हैप्पी हार्डी और हीर में ''तेरी मेरी कहानी'' इस गाने के लिए चुना गया. इस तरह से रानू मंडलजी बॉलीवुड तक पहुंची. 

कामयाब इंसान कैसे बनता है रानू मंडल के उदाहरण से समजिये 

दुनिया में कोई अभागा नहीं है सिर्फ ओ जागा नहीं है. इतिहास रचने वाले के कुछ उदाहरण बताया था उसी तरह रानू मंडल का भी उदाहरण है उनका भी इतिहास बना. गीत गाने की जिद्द थी. दोस्तों अगर हम सफल होने के लिए कोई काम करते है, अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए पढ़ाई करते है,  हमें अपना लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करनी पड़ेगी, हमें अगर कामयाब बनना है तो सब पहले बहाने बनाना छोड़ना पड़ेगा, रानू मंडल के पास कोई बहाने नहीं, डिग्री नहीं, कुछ पढ़ाई नहीं, पैसा भी नहीं, रहने के लिए अच्छा माकन भी नहीं, पहनने के लिए अच्छे कपड़े भी नहीं फिर भी सफल है. जिंदगी में जो भी आपने सपना देखा होगा उसके लिए हमेशा काम करे. कामयाबी एक दिन जरूर आपके कदम चूमेगी. 

रानू मंडलजी की मोटिवेट करने वाली एक बात हमेशा याद रखना कभी अलविदा मत कहना  

दोस्तों मैं एक बात कहना चाहूंगा, रानू माण्डलजी के बारे में वे भिकारी नहीं थे वे एक आम इंसान थे, जिस तरह से आम इंसान अपना पेट भरने के लिए काम करता है और पैसे कमाता है,वो भी दूसरों के काम पर जाता है.  लेकिन रानू मंडलजी किसी के काम पर नहीं जाती थी उनका खुद का व्यवसाय था गाना गाने का इस व्यवसाय के माध्यम से आज स्टार बन गई. उनका जोश, जूनून और काम हमें जीवन में हमेशा मेटिवेट करते रहेंगे. उनको मेरा सैल्यूट.    


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