Wednesday, 9 May 2018

डॉ. विक्रम साराभाई | Dr. Vikram Sarabhai


Dr.Vikram Sarabhai एक "भारतीय अंतरिक्ष शोधकर्ता" थे, उनका जन्म 12 अगस्त 1919 को हुआ था और 30 दिसंबर 1971 को उनका निधन हो गया, ऐसे महान वैज्ञानिक की जीवनी आपको इस लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं । 




Dr. Vikaram sarabhai


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डॉ.विक्रम साराभाई की जीवनी | Biography of Dr. Vikram Sarabhai

Dr.Vikram Sarabhai भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान के क्षेत्र में भारत को विश्वपटल के मानचित्र पर स्थान दिलानेवाले जगप्रसिध्द नेतृत्व के धनी थे। ऑगस्ट के 12 तारीख,सन 1919 को संध्याकाल में, सूर्य का अस्त हो रहा था।और इधर एक महान प्रतापी का जन्म अहमदाबाद शहर में हो रहा था। श्री अम्बालाल और सौ. सरलादेवी के कुटुंब में द्वितीय पुत्र के रूप में जन्मे डॉ. विक्रम साराभाई उनके बड़े भाई नाम गौतम था, मुर्दुला, भारती, लीना,गीता और गिरा बहनों के नाम थे। पहले एक और भाई सुह्रद भाई थे जो कुछ परिस्तिवस उनका निधन हो गया था।

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साराभाई के कुटुंब के ही 1922 से ही श्री छोटुभाई भट्ट के सानिध्य में विक्रम के शिक्षा की सुरुवात हुई  “लन्दन लिटरली टाइम्स” से डॉ. मान्टेसरी के किताबे की जानकारी मिलते ही विक्रम के पिता ने घर पर ही नविन पध्दति की स्कुल की सुरुवात की उनके बचपन से ही उनके व्यक्तित्व को निखारने के लिए ध्यान दिया जाता था। रूचि अनुसार खिलोने दिए जाते थे। विक्रम की स्मरण शक्ति सुरु से ही तीव्र थी। वह स्कुलमें गुजराती, संस्कृत, हिंदी, इंग्लिश, बंगाली, इन भाषा ओ के साथ साथ इतिहास भूगोल,गणित,रसायन,चित्रकला, संगीत, नृत्य, शिल्पकला, वनस्पतिशास्त्र आदि विषयों में भी रूचि रखते थे। लेकिन उनमे से विज्ञान शाखा के रसायन व भौतिक शास्त्र में विशेष रूप में वे रमने लगे थे।यही से एक भारत के महान वैज्ञानिक का निर्माण हो रहा था।

अम्बालाल अपने आठो बच्चो के शैक्षणिक परवरिस के लिए पहले योजना बना चुके थे। उनके लिए तिन ph.d. व तिन उच्च पधवी धारक शिक्षक थे। घर का सुसंस्कृत वातावरण, गुरुदेव टैगोर, जे. कृष्णमूर्ति, मोतीलाल
नेहरू,पंडित नेहरु, मौलन आजाद, सरोजनी नायडू, श्रीनिवास्शास्त्री, सर सी.वी. रमण जैसे महानुभावो का घर पर आना जाना रहता था. जिससे उनके व्यक्तित्व पर अच्छा प्रभाव रहा.

विक्रम अम्बालाल साराभाई (12 अगस्त 1919 -30 दिसम्बर 1971 के जीवनकाल में) भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे।इन्होने 86 वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे। 40 संसथान खोल इनको विज्ञान एव अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन 1966 में भारत सरकार द्वारा '' पद्म भूषण '' से सम्मानित किया गया।

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डॉ.साराभाई संशोधन कार्यो के साथ साथ निचे दी गई महत्वपूर्ण पदों को सँभालते हुए उन पदों को भी श्रेष्ठता दिलाई............


(1 ) चेयरमन, परमाणु उर्जा आयोग

(2 ) सेक्रेटरी , परमाणु उर्जा आयोग

(3 ) डायरेक्टर, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी, अहमदाबाद

(4 ) चेयरमन, इन्डियन स्पेस रिसर्च ओर्ग्नायाज़ेशन

(5 ) डायरेक्टर, स्पेस साइंस टेक्नोलोजी सेंटर, थुंबा

(6 ) अध्यक्ष, 14 वी जागतिक वैज्ञानिक सर्वसाधारण परिषद, जिनेवा

(7 ) फेलो, क्रेम्ब्रिज फिलोसाफिकल सोसाइटी

(8 ) फिलो, इंस्टिट्यूट ऑफ़ अडवांस स्टडीज (M.I.T.)

(9 ) मेम्बर, अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी

(10) मेम्बर, अमेरिकन जिआफिजिकल यूनियन

(11) सल्लागार, बोलिव्हिया अलटित्युद्ड लेबोरेट्री

(12) चेयरमन, इंडियन नेशनल कमिटी फॉर स्पेस रिसर्च

(13) मेंबर, भारत सरकार के शास्त्रविषयक मंडल

(14) मेंबर, सेंट्रल एड्व्हायजरी बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन

(15) मेंबर, विद्यापीठ अनुदान मंडल

(16) मेंबर, कास्मिक रे कमीशन ऑफ़ द इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ प्युअर एंड अप्लाइड फिजिक्स

(17) डायरेक्टर, अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज रिसर्च असोसीएसन

(18) डायरेक्टर, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनजमेंट, अहमदाबाद

(19) डायरेक्टर, इक्केटोरियल रोकेट लांचिंग स्टेशन, थुंबा और श्रीहरिकोटा

(20) डायरेक्टर, एक्स्प्रिमेंटल सेटलाईट स्टेशन, अहमदाबाद

(21) मेंबर, इंटरनेशनल कोंसिल ऑफ़ साइंटिफिक यूनियन

(22) सभापति, अन्तरिक्ष संशोधन – संयुक्त राष्ट्र संघ

(23) फेलो, फिजिकल सोसाइटी, केम्ब्रिज

(24) फेलो, फिलोशोफिकल सोसाइटी, केम्ब्रिज

(25) सल्लागार, परमाणुशास्त्र विषयक मंडल, संयुक्त राष्ट्र संघ

(26) उपाध्यक्ष, परमाणु नियंत्रण समिति,चौथी अंतरराष्ट्रिय परिषद

(28) मेम्बर, इंडियन एंड इंटरनेशल पगवाश कमिटी(शांतता)

(29) अधक्ष, इलेक्ट्रोनिक कमिटी –भारत सरकार

(30) फेलो, इंडियन अकेडमी ऑफ़ साइंस

(31) फेलो, इंडियन नेशनल साइंस अकेडमी

(32) अध्यक्ष, इंडियन जिआफिजिकल यूनियन


डॉ.विक्रम साराभाई की मृत्यु | Dr. Vikram Sarabhai dies

डॉ.विक्रम साराभाई का मृत्यु 30 दिसंबर 1971को हुआ।

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