बीएससी के बाद क्या करें?:bsc ke bad kya kare?


बीएससी के बाद भविष्य कैसे बनाएं? (bsc ke bad kaise karen bhavishy?), बीसएसी के बाद रोजगार क्या है? (bsc ke bad kya hai rojagaar?) आइयें जानें बीएससी के बाद क्या करें? (bsc ke bad kya kare?)

कॉलेज लाइफ में हर दिन बड़े मजे के साथ बिताया जाता है. कॉलेज लाइफ सबसे मजेदार लाइफ होती है और खूबसूरत कॉलेज का दिन कब खत्म हो जाता है, पता ही नहीं चलता है. स्नातक के बाद हर छात्र आगे कुछ करने की इच्छा रखता है. छात्रों को उनके 12 वीं कक्षा के अंकों के अनुसार स्नातक की डिग्री मिलती है. जिस तरह से हमें बड़ी डिग्री मिलती है, पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ती रहती हैं. अब जब आपने स्नातक की डिग्री प्राप्त कर ली है, तो कुछ छात्र B.Sc के बाद नौकरी के लिए आवेदन करेंगे या B.Sc के बाद पोस्ट-ग्रेजुएशन में क्या करेंगे, ताकि आपको भविष्य में उच्च वेतन वाली नौकरी मिल सके. कई छात्रों को यह नहीं पता होता है कि स्नातक होने के बाद कौन सा कोर्स करना है. क्या आप अभी भी अपने मन में सोच रहे हैं कि बीएससी के बाद क्या करें? (bsc ke bad kya kare?) अब आप सोचना बंद करें और आप बी.एससी कोर्स के बाद के बारे में जानने की कोशिश करें.

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बीएससी के बाद क्या करें?:bsc ke bad kya kare?



बीएससी के बाद क्या करें:bsc ke bad kya kare?  

1. एम.एस.सी /मास्टर ऑफ साइंस (MSc)

मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन या एमबीए भारत में सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रम है. University Search Engine IndiaCollegeSearch के एक सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश स्नातक एमबीए की डिग्री लेते हैं क्योंकि इससे उन्हें नौकरी पाने में आसानी होती है. ऑल इंडिया काउंसिल फाॅर टेक्निकल एजूकेशन (AICTE) ने एमबीए के कुछ स्पेशलाइजेशन को 2020-21 के सेशन से मान्यता दे दी है.

आज के विज्ञान युग में, सभी पालक वर्ग अपने बच्चों को विज्ञान की धारा से अध्ययन करने के लिए संलग्न करते हैं. 21 वीं शताब्दी में विज्ञान स्ट्रीम का अध्ययन करना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विज्ञान के छात्रों के लिए इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, टेक्नोलॉजी, सिविल एविएशन, मर्चेंट नेवी, कंप्यूटर, मेडिसिन, फ़ार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी आदि में नौकरी आसानी से मिल जाती है. यदि आप एमएससी करते हैं, तो यह आपके लिए सोने पे स्वागा है. आइए जानते हैं एमएससी के बारे में ...


शैक्षणिक योग्यता:Educational Qualifications  
  • 12 वीं सायंस ट्रिम्स से भौतिकी (Physics), गणित (math’s) और रसायनशास्त्र (Chemistry) के साथ उत्तीर्ण होना आवयक है. 
  • बीएससी  में 45 %से 55 % के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए. 
  • IIT और IIS से MSc करने के लिए JAM -Joint Admission Tes  प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए.

एम.एस.सी कोर्स:MSc course
  • Master of Science in Chemical Technology.
  • Master of Science in Physics.
  • Master of Science in Congress Studies.
  • Master of Science in Engineering Management.
  • Master of Science in Finance.
  • Master of Science in Management Systems.
  • Master of Science in Manufacturing Management.
  • Master of Science in Pharmaceutical Operations and Management.
  • Master of Science in Software Engineering.
  • Master of Science in Telecommunication Software Engineering.
  • Master of Science in Accounting.
  • Master of Science in Corporate Communication.
  • Master of Science in Information Technology.
  • Master of Science in Nursing.
  • Master of Science in Taxation.

MSc के जॉब विकल्प:MSc Job Options
  • कृषि उद्योग
  • जैव प्रौद्योगिकी फर्मों
  • रासायनिक उद्योग
  • शैक्षिक संस्थान
  • भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग
  • अस्पताल
  • औद्योगिक प्रयोगशालाएँ
  • तेल उद्योग
  • फार्मास्यूटिकल्स और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग
  • अनुसंधान फर्मों
  • परीक्षण प्रयोगशालाओं

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2 . एम.बी.ए /मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA)

मास्‍टर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट यानी कि एमबीए यह 2 साल का कोर्स है. एम.बी.ए मास्टर डिग्री अर्थात पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है. इस में बिजनस के बारें में पढ़ाया जाता है. एमबीए में छात्रों को मैनेजमेंट के सभी विषयों में परिपूर्ण अध्यन कराया जाता है और एक विषय का चुनाव करके विषय में विशेषज्ञ (specialist)  बनाया जाता है. 


शैक्षणिक योग्यता:Educational Qualifications
  • 50% अंकों के साथ स्नातक की डिग्री
  • CAT - Common Admission Tes प्रवेश परीक्षा पास करके MBA में अच्छे कॉलेज में एडमिशन ले सकते है. 

एम.बी.ए कोर्स: Mba course

MBA में अधिक ट्रिम्स हैं और हमें ट्रिम्स में से किसी एक को चुनकर MBA की डिग्री प्राप्त करनी है. एमबीए के लिए निम्नलिखित ट्रिम्स हैं. आप ट्रिम्स में से किसी एक को चुनकर MBA कर सकते हैं.

1. वित्त में एम.बी.ए. (MBA in Finance): एमबीए इन फाइनांस एमबीए का स्‍पेशलाइजेशन कोर्स है.अगर आप इस क्षेत्र में अच्छा करियर चाहते हैं तो आपको फाइनेंस में एमबीए करना चाहिए। MBA कई विषयों में होता है लेकिन MBA Finance (वित्त) का पूरा ध्यान वित्त पर होता है। इसके लिए यह आवश्यक है कि आप किसी अच्छे संस्थान से फाइनेंस में एमबीए करें क्योंकि आपके पास नौकरी ऑफर के लिए पढ़ाई और प्लेसमेंट का अच्छा रिकॉर्ड आपके पास डिग्री के रूप में बना रहे.

करियर विकल्प / Career options
  • निवेश बैंकर (Investment banker)-बैंक में नौकरी करते हैं.
  • संविभाग प्रबंधक (portfolio manager)- हेज फंड या मनी मैनेजमेंट फर्मों में काम करते हैं.
  • वित्तीय विश्लेषक (Financial analyst)- कंपनियों को रणनीतिक निर्णय लेने और निवेश करने की सिफारिश करते है. 
  • शेयर दलाली (Stockbroking) -अगर आपने Stockbroking में MBA किया है तो यह आपके लिए बहुत  ही सुनहरा मौका है क्यों की आप जॉब या फिर खुद का ब्रोकिंग हाउस ओपन कर सकते है. 

2. मार्केटिंग में एम.बी.ए (MBA in Marketing): इस क्षेत्र में करियर की तलाश कर रहे छात्रों को किसी भी उत्पाद को अच्छी तरह से समझना चाहिए। साथ ही, आपको ग्राहकों के साथ व्यवहार करते समय धैर्य रखना चाहिए। इसके अलावा, उत्कृष्ट संचार कौशल, नेतृत्व की गुणवत्ता, टीम को प्रेरित रखने, समझने और समस्याओं को हल करने की क्षमता होनी चाहिए.

मार्केटिंग में एमबीए करने के बाद आपके लिए उत्पाद बनाने वाली कंपनियों में जबरदस्त नौकरी के विकल्प रहते है, जैसे कि घड़ी, कपड़े और कॉस्मेटिक उत्पाद, जिसमें युवा लोगों को मार्केटिंग मैनेजर, मार्केटिंग वर्कर और टीम लीडर सहित सभी पदों की आवश्यकता होती है. जिस गति के साथ हर उत्पाद में नई कंपनियां बाजार में आ रही हैं, विपणन क्षेत्र में नई नौकरियां बढ़ रही हैं. सभी निजी कंपनियों के पास एक संपूर्ण विपणन विभाग है, जिसमें बड़ी संख्या में नौकरी के विकल्प हैं. आने वाले समय में मार्केटिन क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि होगी.

करियर विकल्प / Career options
  • छोटी कंपनियां,
  • बड़े कॉरपोरेट,
  • सरकारी और गैर सरकारी संगठन,
  • कंसल्टेंसी,
  • पब्लिक रिलेशन एंजेसी
  • डिपार्टमेंट स्टोर,
  • कंप्यूटर कंपनी,
  • यूटिलिटी कंपनी,
  • खाद्य उत्पादकों व मैन्युफैक्चरिंग फर्म्स

3.ह्यूमन रिसोर्स (HR):

संस्था या किसी संघटन को चलाने के लिए उस संस्था का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए एच आर डिपार्मेंट का काम बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. कर्मचारी वेतन, कर्मचारी नियमों और विनियमों, क्षतिपूर्ति और छुट्टी नीति आदि के सभी पहलू मानव संसाधन विभाग (Human Resource Department) के अंतर्गत आते हैं और ये सभी कार्य संगठन में व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं.ह्यूमन रिसोर्स विभाग बहुत ही जवाबदारी पूर्वक काम करता है यह विभाग मूलयवान ह्यूमन कैपिटल की रक्षा करता है और ह्यूमन कैपिटल ही कोर बिजनेस चलती है.

ह्यूमन रिसोर्स (HR जॉब विकल्प:

एचआर में एमबीए करने के बाद निम्नलिखित जगह पर जॉब के विकल्प मौजूद है.
  • सैलरी,
  • वेलफेयर प्रोग्राम्स,
  • ट्रेनिंग, अप्रेजल,
  • प्रमोशन,
  • ग्रीवयेंसिज 
4. इंटरनेशनल बिजनेस:

बढ़ते वैश्वीकरण और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ती संख्या ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता में वृद्धि की है. कई कंपनियां, जो विदेशों में अपना कारोबार फैलाना चाहती हैं, ऐसे उम्मीदवारों की तलाश में हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार को संभालने में कुशल हों और किसी व्यवसाय के लिए उपयोगी सिद्धांतों और अवधारणाओं से भी अवगत हों. विदेशों में कारोबार फैलाने में कई जोखिम शामिल हैं. यही कारण है कि कंपनियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार का अध्ययन करने वाले उम्मीदवारों को पसंद करती हैं.

जॉब विकल्प: Job Options
  • ऑटोमोबाइल कंपनियों के इंटरनेशनल मार्केटिंग डिपार्टमेंट,
  • बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विदेश स्थित दफ्तर
  • इंजीनियरिंग तथा एफएमसीजी कंपनियों के आयात/निर्यात विभाग
  • ग्लोबल शिपिंग कंपनि,
  • ट्रेवल हाउस तथा पर्यटन उद्योग,
  • इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स कंपनि तथा कंसल्टेंसी
5. ऑपरेशंस:  यदि आप प्रतिकूल परिस्थितियों को आसानी से संभाल सकते हैं और आप प्रौद्योगिकी में रुचि रखते हैं, तो आप इस विशेषज्ञता का विकल्प चुन सकते हैं। यह गुणवत्ता नियंत्रण और उत्पादकता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

6. इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी (IT): आईटी में एमबीए पेशेवरों को तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सूचना और संचार प्रौद्योगिकी से संबंधित योजना, डिजाइन, चयन, कार्यान्वयन और प्रशासन को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं। आईटी स्नातक व्यवसाय टीम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

7.  सप्‍लाई चेन मैनेजमेंट: किसी भी कंपनी के फाइनल प्रोडक्ट को कस्टमर तक पहुंचाने की रिस्पॉन्सिबिलिटी सप्लाई चेन मैनेजर की होती है. इसमें फाइनल प्रोडक्ट का रॉ मटीरियल से लेकर उसकी मैन्यूफैक्चरिंग, असेंबली, वेयरहाउजिंग, डिस्ट्रिब्‍यूशन और कस्टमर तक फाइनल प्रोडक्ट की डिलीवरी तक के स्टेप्स शामिल होते हैं। यह सारे रोल्स सप्लाई चेन मैनेजमेंट के अंडर आते हैं.


8. रूरल मैनेजमेंट: रूरल मैनेजमेंट प्रोफेशनल को रूरल मैनेजर के रूप में काम करना होता है. ये लोग ग्रामीण विकास परियोजनाओं को तैयार करने, कार्यान्वित करने और बेहतर बनाने के लिए काम करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के काम को गति देने के लिए इन लोगों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. ये लोग योजना, बजट, बाजार विश्लेषण जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में फर्म या कंपनी के प्रबंधन के साथ काम करते हैं.

9. एग्री बिजनेस मैनेजमेंट: एग्री बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स करने वाले छात्रों के लिए बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल, वेयरहाउसिंग, फर्टिलाइजर और पेस्टीसाइड कंपनियों में नौकरी के अवसर हो सकते हैं. वह कृषि संबंधित उद्योगों में कंसल्टेंसी और वित्तीय संस्थानों में भी कार्यरत हो सकते हैं. कोर सेक्टर के अनुसार पेशेवरों की जिम्मेदारियां बदल जाती हैं, हालांकि पाठ्यक्रम का प्रारूप समान होता है.

10. हेल्‍थ केयर मैनेजमेंट:  अस्पताल प्रशासन या अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है. अस्पताल प्रबंधक को अपने कर्मचारियों की भर्ती और प्रबंधन की निगरानी करना है, साथ ही साथ खाता, विपणन जैसी सेवाओं पर ध्यान देना है.जिन उम्मीदवारों के पास होटल प्रबंधन में डिग्री या डिप्लोमा है वे सार्वजनिक या निजी क्षेत्र के अस्पतालों, क्लीनिकों, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों, स्वास्थ्य बीमा कंपनियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभागों, पुनर्वास केंद्रों में नौकरी पा सकते हैं.

11. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एंड डीप लर्निंग
12. बिग डाटा एनालिटिक्स/ डाटा साइंस/ बिजनेस एनालिटिक्स
13. एवियशन मैनेजमेंट/ एयरपोर्ट मैनेजमेंट
14. टेक्नोलाॅजी मैनेजमेंट
15. टेलीकाॅम मैनेजमेंट
16. स्पोर्ट्स मैनेजमेंट
17 ई-बिजनेस
18 एनर्जी मैनेजमेंट
19. इंजीनियरिंग मैनेजमेंट
20. मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम
21.बायो टेक्नोलॉजी
22. बिजनेस डिजाइन/ बिजनेस डिजाइन एंड इनोवेशन
23. कंसलटिंग
24. कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी
24. डिजाइन थिंकिंग
25. डेवलपमेंट स्टडीज
26. डाइटेटिक्स
27.डुअल कंट्री प्रोग्राम
28. फैमिली मैनेजमेंट बिजनेस
29. फॉरेस्ट्री मैनेजमेंट
30. गवर्नमेंट अकाउंटिंग एंड इंटरनल ऑडिट
31.हेरिटेज मैनेजमेंट
32. इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट
33. इनोवेशन मैनेजमेंट
34. जूट टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट
35. लॉ लीगल सर्विसेज
36. फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट
37. प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
38. पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट
39. पब्लिक पाॅलिसी एंड मैनेजमेंट
40.रियल एस्टेट मैनेजमेंट


Entrance Exam For MBA Course
  • Common Admission Test Cat
  • Zeier aptitude test
  • Common entrance test
  • Common Management Admission Test
  • Mumbai Business School Entrance Exam
  • Asia specific institute of management exam
  • Open management admission test
  • Indian Institute of Foreign Trade

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3. एम.सी.ए मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA)

MCA, जो एक पूर्ण विकसित कंप्यूटर अनुप्रयोग का मास्टर है, एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है जिसमें एक छात्र कंप्यूटर अनुप्रयोग में मास्टर बनने की तैयारी करता है, जिसमें आप किसी भी कंपनी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आप एक कंप्यूटर या मोबाइल, वेब एप्लिकेशन बना सकते हैं


शैक्षणिक योग्यता : Educational Qualifications
  • BCA, BSC, B.com, B.tech etc में ग्रेजुएशन होना चाहिए.
  • ग्रेजुएशन में कम से कम 50% मार्क्स होना चाहिए.
  •  PCM ग्रुप के छात्रों को 12 वीं के बाद भी एडमिशन कर सकते है. 

जॉब विकल्प:Job options
  •  IT इंडस्ट्रीज में आसानी से नौकरी  मिल जाती है.

4. B.ed / Bachelor of Education
  • टीचिंग में करियर बनाने के लिए आपको  बीएड (B.ed-Bachelor  of Education) करना जरुरी है. 
  •  B.Ed के बाद TET/ Teacher eligibility Test पास करके प्राइमरी स्कूल में टीचिंग कर सकते हैं. 

5. SAP/JAVA/SQL/NET

यह कोर्स शॉर्ट टर्म कोर्स होते हैं. यह कोर्स करके तकनीकी जॉब के लिए अपनी skills बढ़ा सकते हो और आप प्राइवेट सेक्टर में अपना भविष्य बना सकते हो.


 6. PGDM/ Post Graduation Diploma Of Management

भारत में कई संस्थानों द्वारा दो साल का पूर्णकालिक प्रबंधन पाठ्यक्रम पेश किया जाता है। इस कोर्स को विभिन्न संस्थानों और उनके सिलेबस के आधार पर 4 या 6 सेमेस्टर में विभाजित किया जा सकता है। जो संस्थान भारत में PGDM पाठ्यक्रम चला रहे हैं, उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के तहत AICTE द्वारा अनुमोदित किया जाता है.


शैक्षणिक योग्यता : Educational Qualifications
  • ग्रेजुएशन में कम से कम 50% मार्क्स होना चाहिए.
  • यह कोर्स मैनेजमेंट से मिलता-जुलता कोर्स होता है और इस कोर्स को साइंस, कॉमर्स वाला विद्यार्थी भी कर सकता है.

जॉब विकल्प:Job options

एक  साल का डिप्लोमा कोर्स होता है। इस कोर्स में आपको मैनेजमेंट सिखाया जाता है जिसको सीखने के बाद आप आसानी से किसी मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी पा सकते हैं। 


7. एल.एल.बी/ LLB

L.L.B. कानून की डिग्री एक छात्र को वकील बनने या कानूनी विभाग में काम करने के योग्य बनाती है. बैचलर ऑफ लॉ एक 3 साल का कोर्स है. जिसमें 6 पद शामिल हैं. LLB पाठ्यक्रम को 6 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है. एलएलबी (सामान्य) की डिग्री दूसरे वर्ष के सफल समापन के बाद की पेशकश की जाती है एलएलबी की डिग्री केवल 3 साल यानी 6 सेमेस्टर के पूरा होने के बाद प्रदान की जाती है.


शैक्षणिक योग्यता : Educational Qualifications
  • 12th के बाद LLB की पढाई करना चाहते है इस कोर्स की अवहसि 5 पांच साल की रहती है. 
  • 12th में आपका कम से काम 50% मार्क्स होना चाहिए.
  • अगर आप एलएलबी 3 वर्ष करना चाहते है तो आपके पास ग्रेजुएट का डिग्री होना बहुत जरुरी है.
  • अगर आप ग्रेजुएशन के बाद एलएलबी कोर्स करना चाहते है तो आपका मार्क्स काम से काम 50% होना चाहिए

एल एल बी कोर्स:LLB Course
  • कारपोरेशन लॉ (Corporation Law)
  • सिविल लॉ (Civil Law)
  • क्रिमिनल लॉ (Criminal Law)
  • इंटरनेशनल लॉ (International Law)
  • लेबर लॉ (Labour Law)
  • पेटेंट लॉ (Patent Law)
  • टैक्स लॉ (Tax Law)

जॉब करियर /  Job career
  • अटॉर्नी जनरल (Attorney General)
  • डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (District and Sessions Judge)
  • लॉ रिपोर्टर्स (Law Reporters)
  • लीगल एडवाइजर (Legal Advisor’s)
  • मजिस्ट्रेट (Magistrate)
  • मुंसिफस (सुब – मजिस्ट्रेट) (Munsifs (Sub-Magistrate))
  • नोटरी (Notary)
  • Oath कमिश्नर (Oath Commissioner)
  • पब्लिक प्रासीक्यूटर (Public Prosecutor)
  • सॉलिसिटर्स (Solicitors)
आदि कोर्स बीएससी के बाद कर सकते है.

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Postscript: अनुलेख

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Description :  इस लेख के माध्यम से बीएससी के बाद किए जानेवाले कोर्स के बारें में जानकारी दी है. वैसे तो कोर्स बहुत है लेकिन मैंने कुछ निम्नलिखित कोर्स की जानकारी प्रस्तुत की है.

Author: अमित 

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