Wednesday, 15 July 2020

B.Sc Aviation Science Kaise Kare:बीएससी एविएशन

उड़ान स्कूल क्या है?(flight school kya hai?), पायलट प्रशिक्षण कैसे करें? (pilot training kaise kare?) हवाई जहाज मैकेनिक कैसे बने?(airplane mechanic kaise bane?) आइये जानें बीएससी एविएशन साइंस कैसे करे? (aviation science kaise kare?) 
आज, उड्डयन उद्योग बहुत तेज गति से बढ़ रहा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत में इसकी विकास दर भी बहुत तेज है. यदि एक नज़र को उड़ानों की संख्या की ओर लगाया जाए, तो भारत भी दुनिया के शीर्ष देशों की सूची में शामिल है.

अगर हम बचपन के दिनों की बात करें तो एक समय था जब हम एक हवाई जहाज को आसमान में उड़ते हुए देखते थे और कहते थे कि एक दिन मैं भी हवाई जहाज उड़ाऊंगा अर्थात विमानन इंजीनियरिंग (aviation engineering) करूँगा. बचपन की यह उत्सुकता और विमानों की दुनिया के प्रति लगाव विकसित करने के लिए शुरू होती है क्योंकि बच्चे बड़े होते हैं और बचपन में देखा गया सपना कैसे पूरा होगा? क्या मैं वास्तव में एक पायलट बन सकता हूं? आदि के बारे में सोचना शुरू करता है और धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है. तो चलिए जानते है, B.Sc Aviation Science Kaise Kare? 



प्रस्तावना: Preface


हर कोई आसमान को छूने का सपना देखता है. आप इस सपने को हकीकत में कैसे बदल सकते हैं? सपनों को हकीकत में बदलने के लिए एविएशनप्रशिक्षण करनी होगी. Aviation industry में पायलट की नौकरी युवाओं को सबसे ज्यादा पसंद आती है. इसका कारण यह है कि इस क्षेत्र में न केवल बहुत पैसा है, बल्कि adventure भी भरा हुआ है. 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक घोषणा के अनुसार, भारत 2020 तक तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन जाएगा. इसी तरह, 2030 तक, इसके आगमन तक, इसे पहले स्थान पर कब्जा करने का अनुमान है, जबकि भारतीय विमानन उद्योग वर्तमान में दुनिया में नौवां सबसे बड़ा विमानन उद्योग.

भारत एविएशन में तेजी से प्रगति कर रहा है, उसके अनुसार 2025 तक भारत इस क्षेत्र में नंबर एक पर होगा. वर्तमान में, दुनिया का केवल दो प्रतिशत एविएशन व्यवसाय भारत में है. आजकल के युवा करियर बनाने के लिए ऐसे ही विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिसमें पैसे के साथ-साथ ग्लैमर भी शामिल हो. बोइंग विमान (Boeing Aircraft) दुर्घटना के बाद यह विमान सेवा बंद कर दी गई है. 

एविएशन की परिभाषा : Definition of aviation

विमानन या एविएशन वैमानिकी इंजीनियरिंग का एक क्षेत्र है. उड़ान विमान (पायलट), उड़ान रखरखाव, इंजीनियरिंग, हवाई जहाज-हेलीकॉप्टरों के संचालन से संबंधित कई कार्य हैं. इस क्षेत्र में महिला भी पायलट (female pilots) बन सकती है. यदि आप इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो कई कोर्स हैं, जिनमें से एक बैचलर ऑफ साइंस एविएशन है. 

Bsc एविएशन प्रवेश परीक्षा:Bsc aviation entrance exam

बीएससी विमानन कोर्स में प्रवेश के लिए कोई प्रवेश परीक्षा नहीं है. हालांकि, कुछ राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालय अपने राज्य / केंद्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करके इस पाठ्यक्रम की पेशकश करते हैं. अधिकांश कॉलेज योग्यता के आधार पर प्रत्यक्ष पाठ्यक्रम प्रवेश भी स्वीकार करते हैं. वे उम्मीदवारों के 10 + 2 प्रदर्शन के आधार पर एक मेरिट सूची तैयार करते हैं.

शैक्षणिक योग्यता : Educational Qualifications


पायलट बनने के लिए निम्नलिखित पात्रता आवश्यक है. 
  • बीएससी एविएशन में करियर बनाना है तो आपको 12th साइंस ट्रिम से (Physics, Chemistry, Math) विषयों के साथ पास होना अनिवार्य है. 
  • बीएससी एविएशन में आप विमानन में प्रेवश लेना चाहते है तो आपको 11 वीं/ 12 वीं में Physics, Chemistry, Math विषयों के साथ पढ़ाई करना आवश्यक है.यदि आपने Physics, Chemistry, Math विषय नहीं लिए तो आपको 12 वीं के बाद आपको नेशनल इंस्टीटयूड ऑफ़ ओपन स्कूल से इस सब्जेक्ट की पढ़ाई करना आवश्यक है तभी आप पायलट कोर्स के लिए आवेदन कर सकते है. 

स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (एसपीएल): Student Pilot License (SPL) 
  • स्टूडेंट पायलट लाइसेंस (एसपीएल) (Student Pilot License-SPL) यह पायलट बनने की पहली पायरी है. 
  • SPLलाइसेंस प्राप्त करने के लिए साइंस विषयों (फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथमेटिक्स) में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10+2 पास होना जरूरी है. 
  • उम्र न्यूनतम 16 वर्ष होनी चाहिए और ऊंचाई न्यूनतम 5 फुट, आईसाइट 6/6 होनी चाहिए. 
  • आदि योग्यता होने पर आप फ्लाइंग क्लब में (Student Pilot License-SPL) के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. 
  • यह क्लब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate general of civil aviation) (DGCA), भारत सरकार (Government of India) से मान्यताप्राप्त होना चाहिए. 
  • मान्यताप्राप्त फ्लाइंग क्लब की जानकारी के लिए आप DGCAकी वेबसाइट की सहायता ले सकते हैं. 
  • रजिस्ट्रेशन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट, सिक्योरिटी क्लियरेंस और एक बैंक गारंटी का होना जरूरी है.
  • एक वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी, जिसमें विमान, इंजन और वायुगतिकी के बारे में बुनियादी जानकारी का परीक्षण किया जाता है. एसपीएल परीक्षा पूरे देश में आयोजित की जाती है.

प्राइवेट पायलट लाइसेंस (पीपीएल):Private Pilot License (PPL)
  • निजी पायलट लाइसेंस (Private pilot license- PPL) यह पायलट बनने की दूसरी पायरी है.
  • इस परीक्षा में आवेदन करने के लिए उम्र के 17 साल पुरे होना चाहिए.
  • इसमें प्रैक्टिकल और थ्योरी, दोनों की परीक्षा होती है. पीपीएल की ट्रेनिंग में साठ घंटों की उड़ान शामिल है. 
  • जिसमें लगभग 15 घंटों की डय़ूल फ्लाइट है, जो फ्लाइट इंस्ट्रुक्टर के साथ करनी होती है. तकरीबन तीस घंटों की सोलो फ्लाइट्स और लगभग पांच घंटों की क्रॉस कंट्री फ्लाइट होती हैं. 
  • इसमें सफलता के बाद पीपीएल परीक्षा के योग्य मान लिया जाता है. 
  • इस परीक्षा में एयर रेगुलेशन, एविएशन मीटरोलॉजी, एयर नेविगेशन, एयरक्राफ्ट इंजन और जहाजरानी के बारे में पूछा जाता है.
  • एक मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है, जिसे आम्र्ड फॉर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट (एएफसीएमई) Armed Forces Central Medical Establishment (AFCME) जारी करता है.

प्राइवेट पायलट सैलरी : Private pilot salary

कुल सैलरी :- 1,50,000 /- से 3,00,000 /- 



कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल):Commercial Pilot License (CPL)
  • कमर्शियल पायलट लाइसेंस (Commercial pilot license) (Ppl) प्राप्त करने के बाद ही हासिल किया जा सकता है.
  • सीपीएल हासिल करने के लिए 250 घंटों की फ्लाइंग जरूरी है (इसमें साठ घंटों की पीपीएल फ्लाइंग भी शामिल है). 
  • इसके अलावा आपको एक मेडिकल फिटनेस टैस्ट भी देना होगा, जो नई दिल्ली में होता है.
  •  एक परीक्षा भी देनी होती है, जिसमें एयर रेगुलेशन्स, एविएशन मीटरोलॉजी, एयर नेविगेशन, टेक्निकल, प्लानिंग और रेडियो तथा वायरलेस ट्रांसमिशन के रूप में कम्युनिकेशन की परीक्षा ली जाती है. सीपीएल प्राप्त करने के बाद आप ट्रेनी को-पायलट के रूप में काम कर सकते हैं. 
  • छह से आठ माह की ट्रेनिंग के बाद आप को-पायलट के रूप में काम करना हैं. 
  • कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) (Commercial Pilot License-Cpl) प्राप्त करने के लिए दस लाख से पंद्रह लाख रुपए तक खर्च आ सकता है.
इसके अलावा दिल्ली में मेडिकल टेस्ट होता है. इसके साथ ही एक और परीक्षा भी देनी होगी. CPL प्राप्त करने के बाद ही आप एक पेशेवर पायलट के रूप में काम कर सकते हैं.

कमर्शियल पायलट सैलरी :Commercial pilot salary

सैलरी :- 1,78,175 /- से 97,71,521 /- 
बोनस :- 5,500 /- से 3,00,000 /-
प्रॉफिट :- 1, 521 /-से 31, 88, 132 /-
कुल सैलरी :- 9976891  


 एविएशन में नौकरी/कैरियर : Job/Career

एविएशन में करियर बनाने के लिए निम्नलिखित विमानन पाठ्यक्रम (aviation courses) कर सकते है.


एयरपोर्ट ग्राउंड स्टाफ:Airport Ground Staff

इस कोर्स में, विमान के यात्रियों की सुविधा और उनके सामान को संभालने तक हवाई अड्डे के जमीनी कर्मचारियों द्वारा सभी कार्य किए जाते हैं. यहां आपको कर्मचारियों के साथ काम करने, हवाई अड्डे की सुरक्षा, हवाई अड्डे के रखरखाव, यात्रियों की सुरक्षा, सुविधाओं आदि के बारे में जानकारी दी जाती है.

शैक्षणिक योग्यता : 
  • एडमिशन के लिए 12वीं विज्ञान व गणित के साथ 50 फीसदी अंको में पास होनी चाहिए.
  • airport management से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स या कोई डिप्लोमा या ग्रेजुएशन या कोई पीजी कोर्स करके भी इस सेक्टर में प्रवेश लिया जा सकता है.
जॉब / job: 

एयरपोर्ट ग्राउंड स्टाफ का कोर्स करने के बाद आपको निम्नलिखित जगह पर जॉब के विकल्प मौजूद है. 
  • जेट एयरवेज (Jet airways) 
  • नील (blue)
  • भारतीय एयरलाइन (Indian airline)
  • इंडिगो जेट एयरवेज (Indigo Jet Airways)
  • एयर इंडिया (Air India)
  • ब्रिटिश एयरवेज (British Airways)
  • अमीरात (Emirates)
  • इतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) 
  • दुबई फ्लाई (Dubai Fly)
  • लुफ्थांसा (Lufthansa)
  • कतर एयरवेज (Qatar Airways)
  • स्पाइसजेट (Spicejet) आदि के ग्राउंड डिपार्टमेंट  

Cebin Crew:

केबिन क्रू में career बनाने के लिए अच्छी पर्सनालिटी और सुंदर आकर्षित चेहरा होना चाहिए.ऐसे व्यक्ति इस लाइन में करियर बना सकते हैं.

शैक्षणिक योग्यता :
  • किसी भी ट्रिम से 12वीं उतीर्ण होना आवश्यक है.
  •  हाइट 157 से 170 सेंमी.
  •  उम्र 17 से 26 वर्ष. 

Air Hostes: 
  • आपको 12 वीं पास होना अनिवार्य है.
  • दो से अधिक भाषाओं का ज्ञान अनिवार्य है. आपके शब्दों का उच्चारण सही और सटीक होना चाहिए. आपको अंग्रेजी बोलने और समझने में कुशल होना चाहिए.
  • मन की अच्छी उपस्थिति, सकारात्मक दृष्टिकोण और सामान्य ज्ञान जैसे गुण ही आपको इस पेशे में सर्वश्रेष्ठ बना सकते हैं.
  • कम से कम आपकी लंबाई 157.5 सेमी और आंखों की रोशनी 6/6 है.
  • एयरहोस्टेस बनने की उम्र सीमा 18-25 साल है.
  • सबसे महत्वपूर्ण मानदंड यह है कि आपको सबसे खराब परिस्थितियों में भी शांत और धैर्य रखना होगा. एक ही प्रश्न यात्री द्वारा बार-बार पूछे जाने के बाद भी चिढ़ जाने की कोई गुंजाइश नहीं है. आपको उनके साथ मुस्कुराहट से पेश आना होगा.

निम्नलिखित कोर्स करके आप Cabin CrewAir Hostess बन सकते है. 
  • Diploma in Cabin Crew Services & Hospitality Management
  • Diploma in Airline and Travel Management
  • Certificate Course in Air Hostess/Flight Purser
  • Diploma In Aviation & Hospitality Management
  • Diploma in Airline Cabin Crew

Air Ticketing :
  • इस course में एडमिशन के लिए 12वीं पास होने के साथ आपकी आयु 18 वर्ष से ज्यादा होनी चाहिए.
  • 6 माह से 1 वर्ष तक के डिप्लोमा कोर्स कराए जाते हैं. 
  • जिसमें आपको ट्रैवल एजेंसी बिजेनस, एयरपोर्ट व एयरलाइन कोड्स, फॉरेन करेंसी, पेमेंट मोड्स, वर्ल्ड टाइम जोन, पासपोर्ट व वीजा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है.

Air cargo Management: एयर कार्गो प्रबंधन
  • इंटरनेशनल एयर कार्गो मैनेजमेंट कोर्स में डिप्लोमा कर सकते है इसकी अवधि 6 से 9 माह की रहती है. आप कार्गो लॉ, कस्टम्स रूल्स, वेयरहाउसिंग, एयरक्राफ्ट लिमिटेशन एंड लैंडिंग कैपेसिटी, क्लीयरेंस प्रोसीजर, क्लेम रूल्स, इंश्योरेंस और फ्री ट्रेड जोन जैसे विषयों के साथ एविएशन हिस्ट्री और ज्योग्राफी सीखेंगे. बशर्ते आपको इस क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए 12 वीं पास होना चाहिए और साथ ही आपकी आयु 18 वर्ष होनी चाहिए.

Air Traffic Controller:
  • उनका मुख्य काम हवाई जहाज की गतिविधियों की निगरानी करना है. इसके लिए आपके पास सबसे पहले रेडियो इंजीनियरिंग (Radio engineering) या इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही आपके मैथ्स अच्छे होने चाहिए. इनके कारण ही जहाज सही दिशा में सही जगह पर पहुंच पाता है.


Travel and Tourism
  • किसी भी ट्रिम में 12वीं से 50% अंक के साथ पास होना चाहिए. 
  • ट्रैवल एं टूरिज्म सर्टिफिकेट कोर्स 6 महीने का है, इस कोर्स को करने के बाद आप जॉब कर सकते हैं. 
  • उसके बाद ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में 3 साल का बैचलर है.
  • पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स भी उपलब्ध है, जिसे आप अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर चुन सकते हैं. 

Meteorologist:

विज्ञान विषयों के साथ 10+2 उत्तीर्ण करने के बाद बी.एस.सी. करनी होगी. इसके बाद सम्बन्धित विषय में मास्टर डिग्री की जा सकती है. इस क्षेत्र में अनुसन्धानकर्ता अथवा वैज्ञानिक बनने की चाह रखने वालों को मौसम विज्ञान में एक पी.एच.डी. (PHD) करनी होती है.

मौसम विज्ञान में एक वर्ष का डिप्लोमा भी है लेकिन यदि इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन जरूर करें. डिप्लोमा उनके लिये अच्छा हो सकता है जो भौतिकी या गणित में कोई स्नातक डिग्री कर चुके हैं और इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते है. 


Flight Engineer:

जो छात्र फ़्लाइट इंजीनियर (Flight engineer) बनना चाहते हैं, उन्हें पहले फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ हायर सेकंडरी करना होगा, उसके बाद मैकेनिकल (Mechanical), इलेक्ट्रिकल (Electrical) या एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (Aeronautical engineering) में डिग्री हासिल करनी होगी. मैथ्स या फिजिक्स में ग्रेजुएशन के बाद भी फ्लाइट इंजीनियरिंग (Flight engineer) के क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त एविएशन इंस्टीट्यूट से फ्लाइट इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट और मेडिकल टेस्ट पास करना होगा. कई संस्थान हैं जो उड़ान इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं, आप प्रवेश परीक्षा के माध्यम से उनमें प्रवेश ले सकते हैं. आपकी आयु 30 वर्ष से कम ही होनी चाहिए.


वेतन: wages
  • ट्रेनी पायलट वेतन - 15,000 से 20,000
  • फर्स्ट ऑफिसर (जूनियर)- 1,00,000 और अधिक
  • फर्स्ट ऑफिसर (सीनियर)- 1,80,000 और अधिक
  • कमांडर- 2,50,000 और अधिक

संस्थान: institute

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी, सीएसएम नगर (रायबरेली)
 www.igrua.gov.in
अहमदाबाद एविएशन एंड एरोनॉटिक्स, अहमदाबाद
 www.aaa.co.in
करवर एविएशन, बारामती
 www.lvpei.org
चाइम्स एविएशन एकेडमी, सागर
 www.caindia.com
गुजरात फ्लाइंग क्लब, वडोदरा
www.gujaratflyingclub.com

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