bca kya hai ? :बीसीए क्या है?


बीसीए कैसे करें? (bca kaise kare?), बीसीए में करियर कैसे बनाएं? (bca me career kaise banaye), सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने? ((software engineer kaise bane?), कंप्यूटर क्या है? (computer kya hai?) आइयें जाने बीसीए क्या है? (bca kya hai ?)

 
दोस्तों नमते आज कुछ ही दिन पहले 12th का रिज़ल्ट आया है. अभी आपके मन में यह सवाल आता होगा की आगे किस क्षेत्र का चुनाव करना चाहिए. आज के विज्ञान युग में हमारे लिए कोर्स की कोई कमी नहीं है. 12th के बाद हमें अपना भविष्य बनाने के लिए अच्छे फिल्ड का चुनाव करना होता है. आज के युग में हर कोई At home जॉब करना पसंद कर रहा है. अधिक तर लोग कंप्यूटर (computer), लैपटॉप (laptop), टैबलेट (Tablet), आई - फ़ोन (iPhone) और मोबाइल (Mobile) आदि पर ही काम करना चाहते है और काम करके अच्छी इनकम भी जनरेट करना पसंद करते है.


21 वी सदी का युग अर्थात कंप्यूटर इंटरनेट का युग है. प्रोग्राम (program), सॉफ्टवेयर (Software) आदि को डिजाइन करने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर (software engineer) की आवश्यकता होती है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए आपको बीसीए (bca) करना आवश्यक है. यह कोर्स पूरा करने के बाद कंप्यूटर के क्षेत्र में आप अपना भविष्य उज्वल कर सकते है. इस लेख में माध्यम से bca क्या है? आदि के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगे.

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बीसीए परिभाषा : BCA Definition


BCA का पूरा नाम बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एडमिनिस्ट्रेशन (Bachelor of Computer Administration) है। बीसीए तीन साल की ग्रेजुएट डिग्री है. बीसीए कंप्यूटर के क्षेत्र में एक डिग्री है, जो उम्मीदवार 12 वीं पास कर चुके हैं, वे इस कोर्स को कर सकते हैं. बीसीए पाठ्यक्रम में वेब डिज़ाइनर, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर, नेटवर्क प्रशासक, डेटाबेस प्रशासन आदि के बारें में पढ़ाया जाता है. यह कोर्स आप निजी या सरकारी कॉलेज से पूरा कर सकते है. ध्यान रहे की आप बीसीए अच्छे कॉलेज से कीजिए. यह कोर्स उन छात्रों के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है जिस छात्र की रूचि कंप्यूटर फिल्ड में है. 

बीसीए कोर्स उन छात्रों के लिए है जिन्हें आगे जाकर कंप्यूटर के क्षेत्र में अपना करियर बनाना है, बीसीए में आपको कंप्यूटर एप्लिकेशन डेवलपमेंट के बारे में बताया जाता है और इसे करने के बाद आप आसानी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी पा सकते हैं.


शैक्षणिक योग्यता : Educational Qualifications


  • Bca में  प्रवेश लेने के लिए, आपके पास PCM से 12 वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है. और Bca में प्रवेश लेने के लिए आपकी कक्षा 12 वीं में कम से कम 45% अंक होने चाहिए.
  •  12 वीं पास होने के बाद आप bca प्रवेश परीक्षा फॉर्म  भर सकते हैं, कई कॉलेज आपको प्रवेश परीक्षा के बिना प्रवेश देते हैं. 

अवधि : Period
  •  बीसीए 3 साल का डिग्री कोर्स है. 6 सेमिस्टर होते है. एक सेमिस्ट 6 महीने का होता है.  

फीस: Fees
  • यदि आपका नंबर सरकारी कॉलेज को लगता है तो यह फ़ीस 5 से 10, 000 /- प्रतिवर्ष हो सकती है. 
  • यदि आपका निजी कॉलेज में नंबर लगता है तो यह फ़ीस 10 से 15, 000 /- हो सकती है. 
  • bca टेक्निकल कोर्स होने के कारण आपको कोचिंग लगाना होगा यह खर्चा हमें ही वहन करना पड़ता है. 


बीसीए सिलेबस : BCA course

  • सी प्रोगरामिंग (C programming)
  • मूल दृश्य  (Visual Basic)
  • सिस्टम विश्लेषण और डिजाइन (System analysis and design)
  • संगठनात्मक व्यवहार  (Organizational Behavior)
  • कम्प्यूटर फंडामेंटल  (Computer Fundamental)
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यवहारिक कार्य (Computer lab and practical work)


बीसीए में क्या पढ़ाया जाता है : What is taught at BCA
  • कंप्यूटर की बेसिक जानकारी 
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज 
  • सॉफ्टवेयर कैसे बनाया जाता है. 
  • वेबसाइट को कैसे बनाया जाता है. डिजाइन कैसे करते है. 
  • इंटरनेट की जानकारी बताते है. 


बीसीए कोर्स : BCA course


यह 3 साल का डिग्री कोर्स है. इस के 6 सेमिस्टर होते है. बीसीए के विषयों की सूचि निम्नलिखित है. 

प्रथम वर्ष: सेमेस्टर - १ (1st Year: Semester - 1)
  • व्यवसाय लेखांकन (Business Accounting)
  • व्यापार संचार (Business Communication)
  • प्रबंधन के सिद्धांत (Principles of Management)
  • प्रोग्रामिंग सिद्धांत और एल्गोरिदम (Programming Principles and Algorithms)
  • कंप्यूटर मौलिक और कार्यालय स्वचालन (Computer Fundamental and Office Automation)
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्य (Computer Laboratory and Practical Work (OA+PPA))
 
प्रथम वर्ष: सेमेस्टर - 2  (1st Year: Semester - 2)
  • सी प्रोग्रामिंग (C Programming)
  • लागत लेखांकन (Cost Accounting)
  • संगठनात्मक व्यवहार (Organizational Behavior)
  • सांख्यिकी के तत्व (Elements of Statistics)
  • फ़ाइल संरचना और डेटाबेस अवधारणाओं (File Structure and Database Concepts)
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्य (C.P + DBMS) (Computer Laboratory and Practical Work (C.P + DBMS)

द्वितीय वर्ष: सेमेस्टर - 3 (2nd Year: Semester - 3)
  • आरडीबीएमएस (RDBMS)
  • संख्यात्मक तरीके (Numerical Methods)
  • C का उपयोग करके डेटा संरचना (Data Structure using C)
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (Software Engineering)
  • प्रबंधन लेखांकन (Management Accounting)
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्य (डीएस + आरडीबीएमएस) (Computer Laboratory and Practical Work (D.S + RDBMS))

द्वितीय वर्ष: सेमेस्टर - 4 (2nd Year: Semester - 4)
  • नेटवर्किंग (Networking)
  • मूल दृश्य (Visual Basic)
  • इन्वेंटरी प्रबंधन (एसएडी) (Inventory Management (SAD))
  • मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management)
  • C ++ का उपयोग करके ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (Object-Oriented Programming using C++)
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्य (VB + C ++) (Computer Laboratory and Practical Work ( VB + C++ ))

3 साल: सेमेस्टर - 5 (3rd Year: Semester - 5)
  • कोर जावा (Core Java)
  •  डॉट नेट फ्रेमवर्क (Dot net framework)
  • परियोजना का काम (VB) (Project work ( VB ))
  • व्यापर के सिद्धान्त (Principals of Marketing)
  • इंटरनेट प्रोग्रामिंग और साइबर लॉ (Internet Programming and Cyber Law)
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्य (.NET + कोर जावा) (Computer Laboratory and Practical Work (.NET + Core Java ))

3 साल: सेमेस्टर - 6-(3rd Year: Semester - 6)
  • एडवांस जावा (Advance Java)
  • मल्टीमीडिया सिस्टम (Multimedia Systems)
  • SYSPRO और ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय (Introduction to SysPro And Operating Systems)
  • परियोजना कार्य (बैंकिंग और वित्त, लागत विश्लेषण, वित्तीय विश्लेषण, पेरोल, ईडीपी, ईआरपी आदि) (Project Work ( Banking & Finance, Cost Analysis, Financial Analysis, Payroll, EDP, ERP, etc.))
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला और व्यावहारिक कार्य (मल्टीमीडिया + उन्नत जावा) (Computer Laboratory and Practical Work (Multimedia + Advanced Java))


BCA के बाद रोजगार अवसर : Post-BCA employment opportunities

बीसीए होने के बाद आपको निम्नलिखित जगह पर रोजगार के अवसर उपलब्ध रहते है.
  • बैंकिंग क्षेत्र (Banking Sector)
  • लेखांकन विभाग (Accounting Dept)
  • बीमा कंपनियां (Insurance Companies)
  • अकादमी सस्थान (Academic Institutions)
  • वेब डिजाइनिंग कंपनियां (Web Designing Companies)
  • सिस्टम प्रबंधन कंपनियां (Systems Management Companies)
  • सॉफ्टवेयर डेवलपिंग कंपनियाँ (Software Developing Companies)
  • ई-कॉमर्स और मार्केटिंग सेक्टर (E-Commerce & Marketing Sector)

बीसीए के बाद जॉब प्रोफाइल: Job profile after BCA
  • सॉफ्टवेयर डेवलपर (Software Developer)
  • सॉफ्टवेयर प्रकाशक (Software Publisher)
  • वित्त प्रबंधक (Finance Manager)
  • विपणन प्रबंधक (Marketing Manager)
  • व्यापार सलाहकार (Business Consultant)
  • कंप्यूटर वैज्ञानिक (Computer Scientist)
  • कंप्यूटर प्रोग्रामर (Computer Programmer)
  • शिक्षक और व्याख्याता (Teacher & lecturer)
  • मुख्य सूचना अधिकारी (Chief Information Officer)
  • डेटाबेस व्यवस्थापक (Database Administrator)
  • कंप्यूटर सिस्टम विश्लेषक (Computer Systems Analyst)
  • स्वतंत्र सलाहकार (Independent Consultant)
  • सिस्टम प्रशासक (Systems Administrator)
  • सूचना प्रणाली प्रबंधक (Information Systems Manager)
  • कंप्यूटर प्रस्तुति विशेषज्ञ (Computer Presentation Specialist)

बीसीए करने के फायदे : Benefits of doing BCA
  • बीसीए करने के बाद आप आगे पढ़ना चाहते है तो MCA कर सकते है अथवा MBA भी कर सकते है. 
  • आप कंप्यूटर ऑपरेटर, सिस्टम ऑपरेटर, क्लर्क या प्रोग्रामिंग असिस्टेंट की नौकरी आसानी से पा सकते हैं.
  • आप अपना व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं जैसे कंप्यूटर सेंटर या कंप्यूटर पार्ट्स की दुकान खोलना, ऑनलाइन डाटा एंट्री करना, जॉब वर्क आदि. 
  • कंप्यूटर फील्ड में आप स्नातक डिग्री धारक बन जाते है. 
  • जॉब के आपको ऑफर आते रहते है. 
  • कंप्यूटर प्रोग्रामिंग शिकणे के कारण सॉफ्टवेर, वेबसाइट, एप आदि बना सकते हैं.
  • BCA करने के बाद अच्छी सैलरी या पैकेज के लिए ऑफर किया जाता है. 

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