Friday, 10 July 2020

commerce ke bad kya kare?:कॉमर्स के बाद क्या करें?


कॉमर्स में करियर कैसे बनाये? (commerce me career kaise banaye?), 12 वी कॉमर्स के बाद क्या करे? (12th commerce ke bad kya kare?), कॉमर्स कैसे करें? (commerce kaise kare?), कॉमर्स में भविष्य कैसे बनाएं? (commerce me bhavishya (Future) kaise banaye?) आइयें जानें  कॉमर्स के बाद क्या करें? (commerce ke bad kya kare?)
नमस्कार दोस्तों, वाणिज्य क्षेत्र से 12 वीं पास करने के लिए आप सभी को बधाई. आपने कॉमर्स फील्ड से सिर्फ 12 वीं पास की है. अब आप सोचेंगे कि मुझे चुनना चाहिए कि कौन सा क्षेत्र मेरे लिए बहुत अच्छा होगा. इसलिए चिंता करने का कोई कारण नहीं है, मैं आपको वाणिज्य के बाद किए जाने वाले पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहा हूं.







आपको 12 वीं पास करने के बाद बहुत सारी मुफ्त सलाह मिलती है. ऐसी स्थिति में आप असमंजस में पड़ जाते हैं कि क्या करें और क्या न करें. अगर आपने 12 वीं कॉमर्स किया है तो आपके पास कई डिग्री कोर्स का विकल्प है. यहां हम कॉमर्स स्ट्रीम के करियर विकल्पों के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

यह भी पढ़े :

12 वाणिज्य के बाद आयोजित पाठ्यक्रम:Courses conducted after 12 commerce


आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस… हर स्ट्रीम के छात्र अपने क्षेत्र में करियर बनाने के बारे में सोचते हैं। कॉमर्स की बात करें तो कॉमर्स के स्टूडेंट्स के पास करियर ऑप्शन की कमी नहीं है, लेकिन अपने लिए सही कोर्स चुनना जरूरी है। यह कार्य आपके लिए आसान होना चाहिए, इसलिए हम आपको कुछ चुनिंदा पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो आपके करियर में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं.

वाणिज्य स्नातक (बी.कॉम): Bachelor of Commerce (B.Com)

अगर आप 12 वीं के बाद कॉमर्स में तीन साल का ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, तो बी.कॉम एक अच्छा विकल्प है. इस डिग्री की मदद से, आप लेखांकन वित्त, संचालन, कराधान और कई अन्य क्षेत्रों में अपना कैरियर बना सकते हैं. बीकॉम में छात्रों को गुड्स अकाउंटिंग, अकाउंट्स, प्रॉफिट एंड लॉस एंड कंपनी लॉ के बारे में जानकारी दी जाती है. B.Com एक तरह से आपके करियर का पहला कदम है.


वाणिज्य स्नातक (ऑनर्स): Bachelor of Commerce (Hons)


बीकॉम ऑनर्स 3 साल का बैचलर कोर्स है जो कॉमर्स, फील्ड, अकाउंटिंग, टैक्सेशन, इकोनॉमिक्स, फाइनेंशियल मैनेजमेंट आदि विषयों को कवर करने वाला सबसे ज्यादा ग्रेजुएशन कोर्स है. न्यूनतम 50% या उच्च विद्यालय की डिग्री (कक्षा 12) के समकक्ष कोई भी इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन कर सकता है. हाई स्कूल (कक्षा 12) में कॉमर्स विषय के साथ न्यूनतम 45% या समकक्ष जैसे मैथ्स, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज और अन्य विषय छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से हाई स्कूल पास होना चाहिए.बीकॉम ऑनर्स तीन साल का डिग्री प्रोग्राम है जिसमें कुल 40 विषय होते हैं. इन विषयों के अलावा, छात्रों को एक विषय में विशेषज्ञता भी दी जाती है. विशेषज्ञता के लिए, छात्र विपणन प्रबंधन, लेखा और वित्तीय प्रबंधन, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वित्त, ई-कॉमर्स, बैंकिंग या मानव और संसाधन प्रबंधन में से किसी एक विषय का चुनाव करना चाहिए.


लेखा और वित्त:(Accounting & Finance)


लेखा और वित्त (Accounting & Finance) यह कोर्स के 12 वीं  कॉमर्स के बाद वे तीन साल का डिग्री कोर्स कर सकते हैं. इस पाठ्यक्रम में खातों, वित्त, कराधान के लगभग 39 विषयों को पढ़ाया जाता है.यह डिग्री कोर्स वित्तीय ज्ञान पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है. Banks, Business, Schools, Credit, Organization, Consultancies, Economic, Consulting jobs, Indian Civil Services, Health Department, Insurance Industry, Securities Industry, and Investments, etc. में आप अपना भविष्य बना सकते है.


बैंकिंग और बीमा (बीबीआई):Banking and Insurance (BBI)

बैचलर ऑफ कॉमर्स इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, यह 3 साल का डिग्री कोर्स है। B.Com (बैंकिंग और इंश्योरेंस-B.Com (Banking and Insurance)) शैक्षणिक (Academic) और व्यावसायिक (Professional) दोनों तरह की डिग्री है. यह कोर्स 6 सेमेस्टर में पढ़ाया जाता है. यह पाठ्यक्रम लेखांकन, बैंकिंग, बीमा कानून, बैंकिंग कानून और बीमा जोखिम कवर के बारे में जानकारी प्रदान करता है.जो छात्र बैंकिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहता है. उनके लिए यह क्षेत्र बहुत ही अच्छा है. 

कोर्स के बाद, एम.कॉम, एमबीए, सीएफए जैसे उच्च शिक्षा पाठ्यक में पढ़ाई कर सकते हैं. सरकारी और निजी क्षेत्र में ऑडिटिंग, अकाउंटेंसी, बैंकिंग, फाइनेंस में नौकरियों के लिए भी आवेदन किया जा सकता है.


फाइनांशियल मार्केट्स: Financial Markets: 

बैचलर ऑफ कॉमर्स इन फाइनांशियल मार्केट्स में फाइनांस, इंवेस्टमेंट्स, स्टॉक मार्केट, कैपिटल, म्यूचल फंड के बारे में जानकारी दी जाती है. इस डिग्री कोर्स में 41 विषय का अध्यन  6 सेमेस्टर में पढ़ाया जाता  है. डिग्री का अध्यन होने के बाद को  ट्रेनी एसोसिएट Trainee Associate, फाइनांस ऑफिसर (Finance Officer), फाइनांस कंट्रोलर(Finance Controller,), फाइनांस प्लानर ( Finance Planner), रिस्क मैनेजमेंट (Risk Management), मनी मार्केट डीलर इंश्योरेंस मैनेजर ( Money Market Dealer Insurance Manager) की नौकरी मिल सकती है.


चार्टर्ड अकाउंटेंट :Chartered accountant (CA)

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के माध्यम से चार्टर्ड अकाउंटेंट का कोर्स संचालित किया जाता है. सीए में प्रवेश लेने के लिए सबसे पहले आपको कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट (CPT) देना होता है. यह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) में प्रवेश लेने के लिए पहला एंट्रेंस एग्जाम देना होता है.  इसमें अकाउंटिंग, मर्केटाइल लॉ, जनरल इकोनॉमिक्स एवं क्वांटिटेटिव एप्टीटय़ूड चार विषयों को शामिल किया जाता है. मान्यता प्राप्त बोर्ड से कॉर्मस स्ट्रीम में 12वीं पास करने के बाद अथवा कोई भी स्‍टूडेंट्स अन्य किसी भी ट्रिम्स से हो उसने (CPTa) टेस्ट पास करनी चाहिए उसे भी सीए के लिए प्रवेश मिलता है. कोर्स की अवधि 4.5 वर्ष की होती है. 


कंपनी सचिव (सीएस):Company Secretary (CS)

इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) देश में कंपनी सेक्रेटरी प्रोग्राम चलाता है। विज्ञान, वाणिज्य और कला के क्षेत्र के छात्र प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन जिस छात्र ने फाइन आर्ट्स के साथ उत्तीर्ण किया है, वह छात्र सीएस के लिए अयोग्य है, अन्य सभी छात्र 12 वीं के बाद कंपनी सेक्रेटरी कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं.


व्यवसाय प्रशासन स्नातक (बीबीए):Bachelor of Business Administration (BBA) 

किसी भी स्ट्रीम से 12 वीं करने वाले छात्र बीबीए कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं, लेकिन कॉमर्स के छात्रों का यह कोर्स बहुत लोकप्रिय है. यह तीन साल का कोर्स है जिसमें छात्रों को बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में पढ़ाया जाएगा.
आप अपने नुसार विषयों का चुनाव कर सकते है जैसे की, BBA in Marketing, BBA in Finance, BBA in International Business Human Resource.आप बीबीए के बाद एमबीए कर सकते है अथवा जॉब के लिए अप्लाई कर सकते है.


12 कॉमर्स के बाद डिप्लोमा कोर्स: 12 Commerce Diploma Course

किसी भी क्षेत्र में हो कुछ छात्र डिप्लोमा कोर्स की तरफ अधिक डिमांड है क्यों की यह कोर्स करने के बाद  छोटा मोटा जॉब कर सकते है. डिप्लोमा कोर्स का कालावधि 1 साल का रहता है. जिस छात्र ने डिप्लोमा कोर्स किया है उसको डिग्री के बाद जॉब भी जल्द ही मिल जाती है. कुछ डिप्लोमा कोर्स निम्नलिखित है.  
  • Diploma In Finance Accountancy,
  • Industrial Safety,
  • Retail Management,
  • Physical Education,
  • Hotel Management,
  • Yoga,
  • Fashion Designing,
  • Computer Application. 
यह भी पढ़े :


Postscript: अनुलेख

Post Name: कॉमर्स के बाद क्या करें? (commerce ke bad kya kare?)

Description : बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री प्राप्त करने के बाद, नौकरी की संभावना अधिक है क्योंकि ये लोग बाजार में और निजी कंपनियों में हमेशा मांग में हैं. एक बात सोचिए, चाहे कोई भी कंपनी हो. वह कोई भी उत्पाद बनाती है. एक एकाउंटेंट को कंपनी का एक खाता रखने और उसके काम की निगरानी करने की आवश्यकता होती है. इस वजह से, इन डिग्री धारक लोगों की मांग हर जगह बनी हुई है. कॉमर्स स्ट्रीम से पढ़ना सबसे अच्छा विकल्प है. इन लोगों को जॉब के लिए भटकना नहीं पड़ता. आप भी बी.कॉम के बाद बताये गए कोर्स कर अपना भविष्य बना सकते है. 

Author: अमित 

Tags: कॉमर्स के बाद क्या करें?