llb (Law) kaise kare?:एलएलबी (लॉ) कैसे करें?


वकील कैसे बने? (how to become a lawyer?), बर्रिस्टर कैसे बने? (How to be a barrister), अधिवक्ता कैसे बने.? (How to become an advocate), आइयें जाने एलएलबी (लॉ) कैसे करें? (LLB (Law) Kaise Kare?)car accident lawyer moreno valley
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दोस्तों नमस्ते आदाब कैसे हो आप, आज इस लेख में एलएलबी, लॉ की पढाई कैसे की जाती है? इस के बारें में जानकारी प्राप्त करने वाले है. अगर आप एक सफल वकील बनना चाहते हैं तो आपको एक लंबा रास्ता तय करना होगा. कानून की पढ़ाई से लेकर प्रैक्टिस तक इस समय के दौरान, कई चीजें हैं जो अगर आप ध्यान में रखते हैं, तो वकील बनना आसान हो सकता है. ft lauderdale car accident lawyer

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लोकतांत्रिक भारत सरकार की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीन स्वतंत्र शाखाएँ हैं. औपनिवेशिक शासन के दौरान भारतीय न्यायिक प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाई गई थी. इसे सामान्य कानून और व्यवस्था के रूप में जाना जाता है जिसमें न्यायाधीश अपने निर्णयों, आदेशों और निर्णयों के माध्यम से फैसला सुनाते हैं. देश में कई तरह की अदालतें हैं जो न्यायपालिका का निर्माण करती हैं. car accident lawyer ny

भारत का सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय है और उसके नीचे विभिन्न राज्यों में उच्च न्यायालय हैं. उच्च न्यायालय के नीचे जिला अदालतें हैं और इसकी अधीनस्थ अदालतों को निचली अदालत कहा जाता है. इसके अलावा न्यायाधिकरण, फास्ट ट्रैक कोर्ट, लोक अदालत आदि न्यायपालिका के हिस्से के रूप में कार्य करते हैं. कानून को बनाए रखने और चलाने में न्यायपालिका की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. यह न केवल न्याय करता है बल्कि नागरिकों के हितों की भी रक्षा करता है. इस न्याय प्रणाली को बनाने में वकीलों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है. car accident lawyer in phoenix


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12 वीं कक्षा की परीक्षा समाप्त होते ही सही करियर चुनने  के लिए जिंदगी में असली दौड़ सुरु हो जाती है.ऐसी स्थिति में, कई छात्र कॉलेज और अपनी पसंद के पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं, लेकिन कई पीछे रह जाते हैं. इस सारी उथल-पुथल के बीच, एक छात्र अपने कैरियर की दिशा में अपनी शैक्षणिक यात्रा सफलता के तरफ बढ़ने के लिए शुरू करता है. 

हमारे देश में कानून हमेशा से सबसे पसंदीदा करियर रहा है. महात्मा गांधी, राजेंद्र प्रसाद जैसे वकीलों के लिए जाने जाने वाले देश में, छात्रों को कानून के अध्ययन के इस क्षेत्र को चुनने के लिए अत्यधिक प्रेरित किया जाता है.

कानून (लॉ) के क्षेत्र में पढ़ाई और करियर को हमेशा से ही समाज में काफी प्रतिष्ठित माना जा रहा है. इस क्षेत्र में जो डिग्री सबसे महत्वपूर्ण है वह है लॉ में बैचलर डिग्री, जिसे एलएलबी कहते है.

इतिहास महात्मा गांधी को उनकी बुद्धिमत्ता और केस जीतने के लिए याद करता है. उन्होंने अकेले ही दक्षिण अफ्रीका के लिए संघर्ष किया. यह घटना बहुत ही यादगार है. 

एलएलबी या बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ एक 3-वर्षीय पाठ्यक्रम है जो विशेष रूप से कानूनी अध्ययन और अनुसंधान में कैरियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए है. यह पाठ्यक्रम न केवल किसी व्यक्ति को चीजों को बेहतर ढंग से तय करने में मदद करता है बल्कि समस्या-समाधान आदि जैसे कौशल भी विकसित करता है.

जब लोग कोर्ट, कचेरी के चक्कर लगाते है तब न्याय की जरूरत होती है, तो उन्हें एक अच्छे वकील/लॉयर की जरूरत होती है. यह दुनिया गोल है. समाज में घटित घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए. एक वकील की जरूरत है जो उन्हें न्याय दिला सके. 

छात्र 10 th तक आसानी से पढ़ाई करते है और बाद में भविष्य बनाने के लिए एक क्षेत्र का चुनाव करना होता है. आपका सपना यदि वकील बनाना है तो आप 12th के बाद एल एल बी की पढ़ाई करके वकील बन सकते है. समाज की सेवा करने का मौका और न्याय दिलाने का काम एक वकील का होता है. इस लेख के माध्यम से वकील, लॉयर कैसे बनते है? इसके लिए कानून की पढ़ाई क्या होती है? आदि के बारें में जानकारी विस्तृत रूप से प्रस्तुत है.  
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एल एल बी की परिभाषा : Definition of LLB


एल.एल.बी का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ़ लॉ (Bachelor of Law) & बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ (Bachelor of Legislative Law)  है.  लैटिन भाषा में L.L.B का अर्थ ''लेगुम बच्कालारेउन्स '' (legum  basslaureus) होता है. हिंदी में इसे एल.एल.बी (L.L.B), वकील (lawyer) के नाम से जानते है. एल.एल.बी की पढ़ाई करके आपको समाज की सेवा करने का मौका मिलता है. Law यह स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम (Bachelor's degree course) है और इसे पहली व्यावसायिक डिग्री (First professional degree) माना जाता है. अधिवक्ता का यह पद बहुत सम्मानजनक है. कानून की डिग्री प्राप्त करके, आप एक निर्दोष व्यक्ति को दंडित होने से बचा सकते हैं. यानी अगर किसी व्यक्ति के पास गैर-अपराध के कारण एफ.आर.आई. है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उस समय अदालत में केस लड़ने के लिए एक वकील की जरूरत होती है. इस तरह से एल.एल.बी की पढ़ाई करके आप सरकारी वकील या गैर-सरकारी वकील बनकर किसी निर्दोष को बरी कर सकते हैं.

L.L.B (law) करके समाज की रक्षा कर सकते है. तो चलिए जानते है. L.L.B (law) की पढ़ाई कैसे करें? 
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एल.एल.बी फूल फॉर्म: L.L.B Full Form

  • Bachelor of Law
  • Bachelor of Legislative Law
  • Latin Legum  basslaureus
  • Bachelor of Liberal Laws
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कानून के लिए शैक्षिक योग्यता: Educational qualification for law

L.L.B में एडमिशन लेने के लिए निम्नलिखित qualification की आवश्यकता है. 

L.L.B में प्रवेश लेने के लिए आप आर्ट, कॉमर्स अथवा साइंस  कोई भी एक क्षेत्र से 12th उत्तीर्ण होना आवश्यक है. यदि आपने आर्ट से 12th अथवा बीए किए है तो सोने पर सुहागा है क्यों की अधिकत्तर जानकारी 12th और बीए में आपको मिल ही जाती है. आपको फिर L.L.B की पढ़ाई करने में बहुत ही आसानी होगी अर्थात आपको L.L.B के सब्जेक्ट समजने में परेशानी नहीं होगी. 
  • L.L.B में एडमिशन लेने के लिए 12th में 50 %  अंक के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है.
  • ग्रेजुएशन के बाद L.L.B में एडमिशन लेने के लिए ग्रेजुएशन में 50 %  अंक के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए. 

L.L.B के लिए अवधि : Period for L.L.B

  • 12 वीं के बाद यदि L.L.B करते है तो 5 वर्ष की अवधि रहती है. 
  • स्नातक (graduation) होने के बाद करते है तो 3 वर्ष की अवधि रहती है. 
  • 12 वीं के बाद L.L.B में एडमिशन करते है तो 10 सेमेस्टर देने होते है. 
  • स्नातक (graduation) में एडमिशन करते है तो 6 सेमेस्टर देने होते है.

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Entrance exam : प्रवेश परीक्षा 


L.L.B करने के लिए सबसे पहले 12th के बाद L.L.B में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना अनिवार्य है. आपको ऑल इंडिया लेवल की परीक्षा देनी होती है और इसका नाम सामान्य कानून प्रवेश परीक्षा (Common law admission test-CLAT) है. इस एग्जाम में अच्छे अंक हासिल करना अनिवार्य है क्यों की अच्छे अंक प्राप्त करनेवाले स्टूडेंट को सरकारी कॉलेज में दाखिला लेने का सबसे पहले प्राधान्य रहता है. 

कुछ कॉलेज योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों को प्रवेश प्रदान करते हैं, हालांकि, भारत में अधिकांश लॉ कॉलेज / विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर की कानून प्रवेश परीक्षाओं या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर उम्मीदवारों को प्रवेश देते हैं. भारत में कुछ लोकप्रिय कानून प्रवेश परीक्षाएं है, जो उम्मीदवारों के एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अनिवार्य किया है जो निम्नलिखित है. 

  • COMMON LAW ADMISSION TEST. 
  • ALL INDIA LAW ENTRANCE TEST. 
  • LAW SCHOOL ADMISSION TEST. 
  • DU LLB Entrance Exam 
  • Allahabad University LAT Exam
  • Maharashtra Common Entrance Test for Law
  • Panjab University LLB Entrance Exam
  • Telangana State Law Common Entrance Test
  • Law School Admission Test India
  • Andhra Pradesh Law Common Entrance Test
  • BHU Undergraduate Entrance Test
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एल.एल.बी विषय: LLB Subject
  • English (Communication)
  • Law of TORT including Consumer Protection Laws and M. V. Act
  • Legal Methods
  • Principles of Economics
  • Political Science: An Introduction
  • Sociology: An Introduction
  • Constitutional Law
  • Jurisprudence
  • Criminal law
  • Economic Development and Policy
  • Law in Changing Society: Contemporary Issues and Prospects
  • Civil Procedure Code and Limitation Act
  • Family Law
  • Contract Law
  • Corporate Law
  • Law of Evidence
  • Drafting Skills (Law of Pleadings in Civil Matters)
  • Property Law
  • Administrative Law
  • Labour and Industrial Law
  • Law of Taxation
  • Merger and Acquisitions
  • Copyright Law, Prospects and Protection
  • Law on Education
  • Financial Market Regulation
  • Penology and Victimology
  • Law of Trademarks, Design, and Practice

एल.एल.बी फीस : LLB Fees

बैचलर ऑफ लॉ (L.L.B) पाठ्यक्रम फीस 25,000-2,00,000 प्रति वर्ष हो सकती है. सरकारी और गैरसरकारी कॉलेज में फीस कम या अधिक हो सकती है. मैनेजमेंट कोटा के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क में बदलाव हो सकता हैं.


एलएलबी एडमिशन : LLB Admission

12 वीं के बाद बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) में एडमिशन कर सकते है. यह अंडर-ग्रेजुएशन कोर्स है इस पाठ्यक्रम  की अवधि  3 साल है. बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए स्नातक की डिग्री की आवश्यकता होती है. प्रत्येक कॉलेज को न्यूनतम कट-ऑफ की आवश्यकता होती है. इन मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र हैं. तरजीह उन उम्मीदवारों को दी जाती है जिनके पास अधिक अंक होते हैं.

विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं और चयन  प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है. परीक्षार्थियों को कॉलेज कार्यालय से प्रपत्र प्राप्त करना आवश्यक है अथवा ऑनलाइन उपलब्ध होने पर इसे डाउनलोड करना होगा. निर्देशों के माध्यम से सावधानीपूर्वक जाएं और फिर फॉर्म भरें. एप्लिकेशन फॉर्म नंबर को याद रखना या नोट करना आवश्यक होता है. उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना है कि एलएलबी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान उनके पास निम्नलिखित दस्तावेज होना आवश्यक हैं. 
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • 10 वीं और 12 वीं बोर्ड के प्रमाण पत्र
  • विद्यालय छोड़ने का प्रमाणपत्र
  • अतिरिक्त-पाठ्यक्रम प्रमाण पत्र
  • अधिवास प्रमाणपत्र
  • जाति प्रमाण पत्र 
  • शारीरिक विकलांगता प्रमाण पत्र, चिकित्सा अधिकारी द्वारा अधिकृत किया जाना चाहिए.

एलएलबी विशेषज्ञता : LLB Specializations

एलएलबी में स्नातक की विशेषज्ञता की एक सूची है इस में एक विषय का चुनाव करके LLB की डिग्री प्राप्त कर सकते है.
  • Civil Law
  • Tax Law
  • Criminal Law
  • International Law
  • Corporate Law
  • Real Estate Law
  • Labour Law
  • Patent Law
  • Media Law
  • Competition Law
  • Intellectual Property Law
  • Mergers and Acquisitions Law
  • Constitutional Law
  • Environmental Law

एलएलबी पाठ्यक्रम: LLB syllabus

बैचलर ऑफ लॉज़ (Bachelor of Laws) (L.L.B) पाठ्यक्रम की अवधि 3 वर्ष 6 सेमेस्टर और 5 वर्ष पाठ्यक्रम की अवधि 10 सेमेस्टर में विभाजित है. एलएलबी पाठ्यक्रम छात्रों द्वारा अंशकालिक या पूर्णकालिक द्वारा पूरा किया जा सकता है. देश में न्यायालयों या न्यायाधिकरणों के समक्ष कानून का अभ्यास करने के लिए, उन्हें भारत में कानूनी शिक्षा सर्वोच्च निकाय यानी बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा परीक्षा में दाखिला लेना और उसे पास करना होता है. 

जो छात्र अधिवक्ता के रूप में अभ्यास नहीं करना चाहते हैं वे एलएलबी पाठ्यक्रम भी लेने के लिए पात्र उम्मीदवारों के लिए नीचे उल्लिखित एलएलबी पाठ्यक्रम का अनुसरण भारत के अधिकांश कॉलेजों द्वारा किया जाता है. 

Year-I of  LL.B.

सेमेस्टर I (June / October) 
  1.  Labour Law
  2.  Family Law I
  3.  Crime
  4. Optional Papers (Any One)
  5. Contract
  6. Trust
  7. Women & Law
  8. Criminology
  9. International Economics Law

सेमेस्टर II (November/April)
  1. Family Laws II
  2. Law of Tort & Consumer Protection Act
  3. Constitutional Law
  4. Professional Ethics

Year -II of LL.B. 

सेमेस्टर III (June / October)

  1. Law of Evidence
  2. Arbitration, Conciliation & Alternative
  3. Human Rights & International Law
  4. Environmental Law

सेमेस्टर IV (November / April)
  1.  Property Law including the transfer of Property Act
  2. Jurisprudence
  3.  Practical Training – Legal Aid
  4. Law of Contract II
  5. Optional Papers (Anyone)
  • a) Comparative Law
  • b) Law of Insurance
  • c) Conflict of Law
  • d) Intellectual Property Law

Year III of LL.B. 

सेमेस्टर V (June / October)

1. Civil Procedure Code (CPC)
2. Interpretation of Statutes
3. Legal Writing 3. Practical Training – Moot Court
4. Land Laws including ceiling and other local laws
5. Administrative Law


B. सेमेस्टर VI (November / April)
  1.  Code of Criminal Procedure
  2.  Company Law
  3. Practical Training II – Drafting
  4. Optional Papers (Anyone)
  • a) Investment & Securities Law
  • b) Law of Taxation
  • d) Co-operative Law
  • c) Banking Law including Negotiable Instruments Act

5 वर्षीय लॉ पाठ्यक्रम :  5 year law course

5 वर्षीय लॉ पाठ्यक्रम की सूची निम्नलिखित है. आप एक क्षेत्र का चुनाव करके लॉ की पढ़ाई कर सकते है. 
  • B.A. LLB - (Bachelor of Arts and Bachelor of Laws)
  • B.B.A.LLB - (Bachelor of Business Administration and Bachelor of Laws) 
  • B.Com. LLB - (Bachelor of Commerce and Bachelor of Laws)
  • B.S.W.,.LLB - (Bachelor of Social Work and Bachelor of Laws)
  • B.Sc., LLB - (Bachelor of Science and Bachelor of Laws)
  • B.S.L., - (Bachelor of Science in Law)
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आप ऊपर वर्णित क्षेत्रों में से किसी एक को चुनकर पांच वर्षीय एल.एल.बी पाठ्यक्रम कार्यक्रम पूरा कर सकते हैं.   


एलएलबी के बाद कैरियर के अवसर : Career opportunities after LLB

एलएलबी डिग्री प्राप्त करने के बाद उम्मीदवारों को नौकरी के कई अवसर उपलब्ध हैं. उम्मीदवारों को सूचित किया जाता है कि यदि वे भारत में कानून का अभ्यास करना चाहते हैं तो उन्हें बीसीआई द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई-AIBE) पास करना आवश्यक है. जब मंजूरी दे दी जाती है, तो एलएलबी डिग्री धारकों को एआईबीई परीक्षा के लिए 'सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस' से सम्मानित किया जाता है, जो भारत में वकालत पेशे के अभ्यास के लिए अनिवार्य है. इस तरह से आप वकालत चालू कर सकते है. 


एलएलबी जॉब प्रोफाइल : LLB Job Profile
  • वकील (lawyer)
  • महान्यायवादी (Attorney General)
  • मजिस्ट्रेट (Magistrate)
  • मुंसिफ़ (उप-मजिस्ट्रेट) (Munsif) (Sub-Magistrate)
  • नोटरी (Notary)
  • शपथ आयुक्त (Commissioner of Oaths)
  • सार्वजानिक अभियोक्ता (Public prosecutor)
  • सॉलिसिटर (Solicitor)
  • शिक्षक (teacher)
  • न्यासी (Trustee)
  • जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District and Sessions Judge)
  • लॉ रिपोर्टर्स (Law reporters)
  • कानूनी सलाहकार (legal adviser)

    वकील (lawyer): 

    लॉ की डिग्री अर्थात एल.एल.बी. कोर्स पूरा करने के बाद वकील (lawyer) कहलाता है लेकिन मुकदमा लडने की अनुमति नही रहती है. LLB डिग्री प्राप्त होने के बाद बार काउंसलिंग ऑफ़ इंडिया (Bar Counseling of India) (बीसीआई-BCI) द्वारा आयोजित परीक्षा AIBE देनी होती है इस परीक्षा में पास होने के बाद मुक़दमे लढने के लिए लायसेंस मिलती है. लायसेंस मिलने के बाद एडवोकेट (Advocate) बन जाता है. लाइसेंस का नवीनीकरण करना आवश्यक है.  

    L.L.B  होने के बाद अधिवक्ता/वकील इस जॉब प्रोफाइल में, किसी को सिविल के साथ-साथ आपराधिक मामलों में ग्राहकों को सलाह देने और पक्ष या विपक्ष के संदर्भ में मुकदमा दायर करना होता है अर्थात पक्ष विपक्ष का प्रतिनिधित्व करने की आवश्यकता होती है. वकील कानून की अदालत में मामलों को पेश करते हैं और सभी कार्यवाही और सुनवाई में भाग लेते हैं.


    कानूनी सलाहकार (legal advisor): 

    ऐसे जॉब प्रोफाइल में काम करने के इच्छुक उम्मीदवार भी वकील हैं जो कानून के एक विशिष्ट क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं.एक कानूनी अधिकारी का काम संबंधित विभागों में संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार संबंधित कार्यों के निष्पादन को पूरा करना है। संगठन या संस्था से कानूनी मामलों, मुद्दों, कानूनी दस्तावेजों, पेटेंट आदि का रिकॉर्ड रखें और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देशित दिशानिर्देशों के अनुसार रिपोर्ट तैयार करना होता है क़ानूनी सलाहकार बहुधा सरकारों के साथ-साथ बड़े संगठनों / कंपनियों द्वारा नियुक्त किए जाते हैं. 


    अधिवक्ता (Advocate):

    LLB की डिग्री मिलने के बाद नामांकन (enrollment) बार काउंसल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा आयोजित AIBE परीक्षा देना अनिवार्य है. BCI में नाम दर्ज होने के बाद लॉयर से अधिवक्ता बन जाता है. BCI के नियम के अनुसार भारत देश में मुकदमा लडने की अनुमति मिलती है. एडवोकेट एक पक्ष की तरफ से मुकदमा लढ सकता है. इस तरह के जॉब प्रोफाइल में अपने दावे का समर्थन करने के लिए प्रयत्न करना पड़ता है.  


    सॉलिसिटर (Solicitor): 

    इस तरह के जॉब प्रोफाइल में एक व्यक्ति आमतौर पर कर, मुकदमेबाजी, परिवार या संपत्ति जैसे कानून के एक विशिष्ट क्षेत्र में माहिर होता है आमतौर पर अटर्नी जनरल का असिस्टेंट बन जाता है.  भारत में नियम 1972 के अंतर्गत सॉलिसिटर जनरल सरकार को सलाह देते है. सॉलिसिटर जनरल के पद वैधानिक है.  


    लोक अभियोजक (public prosecutor):  

    लॉ की डिग्री प्राप्त होने के बाद BCI की परीक्षा पास करके राज्य सरकार की तरफ से मुकदमा लडता है.विपत्ति-ग्रस्त (victim) की तरफ से जिला अदालत (District court) में पेश होता है उसे लोग अभियोजक अथवा सरकारी वकील कहा जाता है. केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा Cr.P.C के प्रावधानों के तहत नियुक्त किया जाता है. 


    शिक्षक या व्याख्याता (Teacher or lecturer): 

    यदि आपने लॉ की डिग्री B.A. LLB,  B.B.A.LLB, B.Com. LLB, B.S.W.LLB,  B.Sc.LLB, B.S.L से प्राप्त किए है तो आप कॉलेज या विश्वविद्यालय में लो के शिक्षक या व्याख्याता बन सकते है. 

    ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (All India Bar Examination):

    ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन प्रतिवर्ष बार काउंसिल इंडिया (BCI) के द्वारा आयोजित किया जाता है. All India Bar Examination यह एग्जाम लॉ प्रैक्टिस के लिए करवाया जाता है. जो छात्र एआईबीई को पास कर लेंगे उनको 'सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस' दिया जाता है. ऑल इंडिया बार एग्जाम उन वकीलों को जाँचने के लिए करायी जाती है जो भारत के लॉ-कॉलेजों में अध्यन कर चुके हैं एवं लॉ के लिए कोर्ट में प्रैक्टिस करना चाहते हैं.यह परीक्षा बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने देशभर में पहली बार वर्ष 2010 में आयोजित की थी. 

     All India Bar Examination 2020 की Date की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें. अधिक जानकारी के लिए allindiabarexamination.com पर लॉगिन  करे.  

    ऑल इंडिया बार काउंसिल परीक्षा नौ भाषाओं में होती है, जिसमें हिन्दी (Hindi),तेलुगू (Telugu), तमिल (Tamil), कन्नड (Kannada), मराठी (Marathi), बंगाली (Bengali), गुजराती (Gujarati), उडिया (Oriya) और अंग्रेजी (English) भाषा शामिल है. 


     अखिल भारतीय बार परीक्षा 2020 का पाठ्यक्रम (All India Bar Examination syllabus)

    ऑल इंडिया बार परीक्षा एलएलबी की डिग्री प्राप्त करने के बाद दी जाती है. 2020 में आयोजित होने वाली परीक्षा में किस विषय पर कितने अंक हैं, इसकी जानकारी निम्नलिखित है. यह परीक्षा 100 अंकों की है. समय 3.30 मिनट रहता है.  
    • संवैधानिक कानून (Constitutional Law) -10 questions
    • I.P.C भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) -8
    • Cr.P.C आपराधिक प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedure Code) -10
    • C.P.C सिविल प्रक्रिया संहिता (Code of Civil Procedure) -10
    • साक्ष्य अधिनियम (Evidence Act) -8
    • मध्यस्थता अधिनियम 4 सहित 6 वैकल्पिक विवाद निवारण (Alternative Dispute Redressal including Arbitration Act) - 4
    • परिवार कानून (Family Law) - 8
    • जनहित याचिका (Public Interest Litigation) - 4
    • प्रशासनिक कानून (Administrative Law)-3
    • पेशेवर नैतिकता और बीसीआई नियमों के तहत व्यावसायिक दुराचार के मामले (Professional Ethics & Cases of Professional Misconduct under BCI rules) - 4
    • कंपनी कानून (Company Law) -2
    • पर्यावरण कानून (Environmental Law) -2
    • साइबर कानून (Cyber Law) -2
    • श्रम और औद्योगिक कानून (Labour & Industrial Laws) - 4
    • मोटर वाहन अधिनियम और उपभोक्ता संरक्षण कानून सहित टॉर्ट का कानून (Law of Tort, including Motor Vehicle Act and Consumer Protection Law) -5
    • कराधान से संबंधित कानून (Law related to Taxation) - 4
    • अनुबंध का कानून, विशिष्ट राहत, संपत्ति कानून, परक्राम्य लिखत अधिनियम (Law of Contract, Specific Relief, Property Laws,Negotiable Instrument Act) - 8
    • भूमि अधिग्रहण अधिनियम (Land Acquisition Act) -2
    • बौद्धिक संपदा कानून (Intellectual Property Laws) -2
    All India Bar Examination का रिजल्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करें.


    एआईबीई परीक्षा केंद्र नाम (AIBE Exam center Name) : 

    एआईबीई एग्जाम 2020 के सेंटर के नाम निम्नलिखित है.

    • अगरतला (Agartala)
    • अहमदाबाद (Ahmedabad)
    • इलाहाबाद (Allahabad)
    • अमृतसर (Amritsar)
    • ओरंगाबाद (Aurangabad)
    • बैंगलोर (Bangalore)
    • भोपाल (Bhopal)
    • भुवनेश्वर (Bhubaneswar)
    • बिलासपुर (Bilaspur)
    • बोकारो (Bokaro)
    • चण्डीगढ़ (Chandigarh)
    • चेन्नई (Chennai)
    • कोच्चिन (Kochin)
    • कोयमबटूर (Coimbatore)
    • देहरादून (Dehradun)
    • नई दिल्ली (New Delhi)
    • धरवाद (Dharvad)
    • हिसार (Hisar)
    • गुड़गांव (Gurgaon)
    • गुवहाटी (Guwahati)
    • हैदराबाद (Hyderabad)
    • इम्फाल (Imphal)
    • जबलपुर (Jabalpur)
    • जयपुर (Jaipur)
    • पुणे (Pune)
    • रूद्रापुर (Rudrapur)
    • राजकोट (Rajkot)
    • जम्मू (Jammu)
    • जोधपुर (Jodhpur)
    • सावंतवती (Sawantwati)
    • कलकत्ता (Calcutta)
    • लखनऊ (Lucknow)
    • मुंबई (Mumbai)
    • नागपुर (Nagpur)
    • नांदेड़ (Nanded)
    • नोएडा (Noida)
    • पटना (Patna)
    • रायपुर (Raipur)
    • रांची (Ranchi)
    • शिलॉंग (Shillong)
    • शिमला (Shimla)
    • सूरत (Surat)
    • त्रिची (Trichy)
    • विशाखापट्टमन (Visakhapatnam)


    एल एल बी के बाद क्या करें : What to do after LLB

    एलएलबी के बाद कैरियर के अधिक विकल्प और नौकरी के अवसर हैं. दोस्तों, यहाँ हम आपको LLB के बाद कैरियर के अवसरों और नौकरियों के बारे में बताएँगे.


    लॉ फर्म में लॉ अटॉर्नी (Law Attorney in a Law Firm) : 

    कोई एलएलबी डिग्री प्राप्त करके किसी कंपनी में क्लाइंट के लिए कानूनी वकील या वकील के रूप में सेवा दे सकते है.


    एन्वॉयरनमेंटल लॉयर (Environmental Lawyer): 

    एक पर्यावरण वकील जहां काम करता है, उसके आधार पर, एक पर्यावरण वकील के दिन के कर्तव्यों में ग्राहकों के साथ बैठक, पर्यावरण कानूनी विकास पर शोध करना, दस्तावेजों का मसौदा तैयार करना और पर्यावरण कानून के बारे में जनता और छात्रों को शिक्षित करना है. यह एक महत्वपूर्ण कैरियर है क्योंकि इसका उपयोग कानूनी रास्ते के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा के लिए किया जा सकता है.


    साइबर लॉयर (Cyber ​​Lawyer) 

    टेक्नोलॉजी के युग में हैकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड के लिए गुमनाम नंबर से कॉल आना और क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिडेल पूछना (यदि आपको कॉल आए तो डिटेल बताना नहीं है) उसके बाद बैंक अकाउंट से पैसे विड्रॉल होना आदि तरह के अपराध ऑनलाइन हो रहे है. कंप्यूटर में वायरस छोड़ना इस तरह की घटनाओँ को साइबर अपराध कहा जाता है. इस तरह के अपराधों के अपराधियों को सजा देने के लिए आंतरराष्ट्रीय कानून की स्थापना की गई है. अपराधियों को दंडित करने के लिए साइबर कानून की स्थापना की गई है. बढ़ते साइबर अपराधों से साइबर वकील की मांग भी बढ़ रही है.


    पेंटेट एंड कॉपीराइट लॉयर (Patent and Copyright Lawyer) : 

    पेटेंट अर्थात थॉमस एडिसन ने बल्प का अविष्कार किया है. बल्प के अविष्कार को कोई अपना नाम नहीं दे सकता है क्यों की थॉमस एडिसन के नाम की लायसेंस है. उदाहरण के लिए, डीवीडी पेटेंट, सॉफ्टवेयर विंडोज कॉपीराइट और बीएमडब्ल्यू लोगो ट्रेडमार्क संरक्षित हैं. भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों ने बौद्धिक संपदा की रक्षा के लिए कानून बनाए हैं. ट्रेडमार्क कानून, कॉपीराइट कानून, पेटेंट कानून, औद्योगिक डिजाइन कानून, और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी कानून या साइबर कानून शामिल हैं. इस क्षेत्र में पेंटेट एंड कॉपीराइट लॉयर की विशेष मांग है. 


    लेबर लॉयर (Labor Lawyer) 

    कर्मचारियों को सशक्त बनाने और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए श्रम कानून बनाया गया है। सरकारी विभागों में उनके प्रयोगों की मांग है, निजी क्षेत्र में भी उनकी मांग देखी जा रही है


    इंटरनेशनल लॉयर (International Lawyer) :

    विभिन्न देशों के नागरिकों और व्यापारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय हितों के बीच उत्पन्न समस्याओं का समाधान इस कानून द्वारा किया जाता है. इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अवसर हैं.


    कॉरपोरेट लॉयर (Corporate Lawyer) :

    कॉर्पोरेट वकील निगमों को उनके कानूनी अधिकारों और सीमाओं के बारे में सलाह देते हैं. करोड़ों मामलों के कारण, पूरा खेल बदल गया है और कॉर्पोरेट कानून एक व्यापक और आकर्षक कैरियर बन गया है. कॉर्पोरेट वकील अपने ग्राहकों को कानूनी तरीके से व्यापार करने में मदद करता है. एम एंड ए, आईपीओ, जीडीआर, टैक्सेशन, स्ट्रक्चरल फाइनेंस, बैंकिंग आदि कई ऐसे कार्यक्षेत्र हैं, जहां कॉरपोरेट लॉ फर्म्स द्वारा कंपनियों को सेवाएं दी जाती हैं.


    एलएलबी कॉलेज (LLB College)
    • National Law School of India University Bangalore (NLSIU DED)
    • Kashmir University
    • Guru Nanak Dev University
    • Dr Ambedkar Law University, Tamil Nadu
    • Banaras Hindu University, Banaras
    • Faculty of Law – Jamia Millia Islamia, New Delhi
    • Visva-Bharati University, Santiniketan, West Bengal
    • Kalinga University, Bhubaneswar
    • Kurukshetra University Haryana
    • Shreemati Nathibai Damodar Thackersey Women’s University (SNDT), Mumbai
    • The Government Law College, Mumbai
    • NALSAR University of Law, Hyderabad
    • Law Centre NO II ARSD College Dhaula Kuan, New Delhi
    • Motilal Nehru Institute, Allahabad University
    • ILS Law College, Pune
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